अयोध्यादेश

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: अयोध्या में 2.77 एकड़ की पूरी विवादित जमीन राम लला को दी

नयी दिल्ली. देश के सबसे चर्चित केस राम मंदिर-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाने वाला है। 5 सदस्यीय संविधान पीठ सुबह साढ़े 10 बजे से अपना फैसला पढ़ना शुरू.

अयोध्या में 2.77 एकड़ की पूरी विवादित जमीन राम लला को दी

विवादित भूमि पर मंदिर के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ट्रस्ट बनाए, 3 महीने की भीतर इसका नियम बनाए केंद्र: सुप्रीम कोर्ट

बाबरी मस्जिद का निर्माण खाली जगह पर हुआ था, जमीन के नीचे का ढांचा इस्लामिक नहीं था। ASI के निष्कर्षों से साबित हुआ कि नष्ट किए गए ढांचे के नीचे मंदिर था: सुप्रीम कोर्ट

हिंदुओं की यह आस्था और उनका यह विश्वास की भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था, यह निर्विवाद है: सुप्रीम कोर्ट

केस का फैसला महज ASI के नतीजों के आधार पर नहीं हो सकता। जमीन पर मालिकाना हक का फैसला कानून के हिसाब से होना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) संदेह से परे है और इसके अध्ययन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़ा के दावे को खारिज किया। उसने देरी से याचिका दायर की थी।

फैसला पढ़ते हुए सीजेआई ने कहा कि बाबरी मस्जिद को मीर तकी ने बनाया था। कोर्ट धर्मशास्त्र में पड़े, यह उचित नहीं। प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट सभी धार्मिक समूहों के हितों की रक्षा के लिए भारत की प्रतिबद्धता को बताता है।

शिया वक्फ बोर्ड का दावा एकमत से खारिज, सीजेआई गोगोई ने कहा, ‘हमने 1946 के फैजाबाद कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली शिया वक्फ बोर्ड की सिंगल लीव पिटिशन (SLP) को खारिज करते हैं।’

सीजेआई रंजन गोगोई सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। उनकी अध्यक्षता वाली 5 जजों की संविधान पीठ सुनाएगी अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला।

राम जन्मभूमि भूमि न्यास को विवादित जमीन दी गयी, मन्दिर बनाने ट्रस्ट बनाने के निर्देश.

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close