देशव्यापार

रिकार्ड ऊंचाई से गिरा सेंसेक्स, भारत का साख रेटिंग परिदृश्य घटने से गिरा बाजार

मुंबई. क्रेडिट रेंिटग एजेंसी मूडीज ने वृद्धि से जुड़ी ंिचताओं के चलते शुक्रवार को भारत का साख रेंिटग परिदृश्य स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया. इसके कारण घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली और सेंसेक्स रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे आ गया. विश्लेषकों ने कहा कि मूडीज के परिदृश्य रेंिटग घटाने के साथ ही हालिया तेजी के बाद हुई मुनाफावसूली और अवास्तविक मूल्यांकन के कारण असहजता ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया.

बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 330.13 अंक यानी 0.81 प्रतिशत गिरकर 40,323.61 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 40,749.33 अंक के नये रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुंच गया था. इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 103.90 अंक यानी 0.86 प्रतिशत लुढ़ककर 11,908.15 अंक पर बंद हुआ.

सप्ताह के दौरान पांच में से तीन कारोबारी दिवस में सेंसेक्स नये रिकॉर्ड उच्च स्तर के साथ बंद हुआ. इस दौरान निफ्टी ने भी पांच महीने बाद पुन: 12 हजार अंक के स्तर को पार किया. इस पूरे सप्ताह में पहले तेजी और बाद की गिरावट के बाद सेंसेक्स 158.58 अंक यानी 0.39 प्रतिशत तथा निफ्टी 17.55 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की तेजी में रहा.

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में सन फार्मा, वेदांता, ओएनजीसी, टीसीएस, ंिहदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, एनटीपीसी, एशियन पेंट्स और इंफोसिस में 4.23 प्रतिशत तक की गिरावट रही. इसके विपरीत येस बैंक, इंडसइंड बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक बैंक, टेक मंिहद्रा और एचसीएल टेक के शेयर 3.76 प्रतिशत तक बढ़ गए.

वैश्विक रेंिटग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स र्सिवस ने भारत को झटका देते हुए क्रेडिट रेंिटग परिदृश्य को स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया. उसने कहा कि सरकार आर्थिक मोर्चे पर जारी सुस्ती को दूर करने में आंशिक रूप से नाकाम रही है. इसके चलते आर्थिक वृद्धि के नीचे बने रहने का जोखिम बढ़ गया है. इस खबर के बाद, घरेलू शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव का रुख देखा गया और अंत में बाजार अच्छी-खासी गिरावट के साथ बंद हुआ.

इस दौरान रुपया भी 33 पैसे गिरकर 71.30 रुपये प्रति डॉलर पर तक गिर गया. जियोजीत फाइनेंशियल र्सिवसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘रेंिटग घटाने से निवेशक उथल-पुथल भरे बाजार में मुनाफावसूली करने को मजबूर हो गये तथा रुपया तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया. साल के दौरान शेयर बाजारों के नरम प्रदर्शन के कारण म्यूचुअल फंडों का निवेश चार महीने के निचले स्तर पर आ गया. इसके साथ ही बड़ी कंपनियों का प्रीमियम मूल्यांकन बाजार में नया निवेश आर्किषत नहीं कर पा रहा है.’’

बीएसई के समूहों में एफएमसीजी, धातु, तेल एवं गैस, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, सूचना प्रौद्योगिकी, प्रौद्योगिकी, दूरसंचार और बिजली में 1.80 प्रतिशत तक की गिरावट रही. मिडकैप और स्मॉलकैप में भी 0.79 प्रतिशत तक की गिरावट रही. वैश्विक स्तर पर एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट, हांग कांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी गिरावट में रहा. हालांकि जापान का निक्की बढ़त में रहा. शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार बढ़त में चल रहे थे. इस बीच ब्रेंट क्रूड वायदा 1.24 प्रतिशत गिरकर 61.53 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था.


Join
Facebook
Page

Follow
Twitter
Account

Follow
Linkedin
Account

Subscribe
YouTube
Channel

View
E-Paper
Edition

Join
Whatsapp
Group

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close