छत्तीसगढ़

बलरामपुर में बालिका से बलात्कार: थानाध्यक्ष समेत सात पुलिस कर्मी निलंबित

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के बलरामपुर जिले में 12 वर्षीय बालिका से बलात्कार के मामले में संवेदनहीनता बरतने के आरोप के बाद थानेदार समेत सात पुलिस र्किमयों को निलंबित कर दिया. बघेल ने गुरुवार को विधानसभा में कांग्रेस के विधायक बृहस्पत ंिसह के ध्यानाकर्षण की सूचना के जवाब के दौरान यह घोषणा की. बृहस्पत ंिसह ने आरोप लगाया है कि बालिका से बलात्कार के मामले में कार्रवाई करने में पुलिस ने लापरवाही बरती है.

बृहस्पत ंिसह ने अपने ध्यानाकर्षण सूचना में कहा कि इस महीने की 19 तारीख को बलरामपुर जिले के टांगरमहरी गांव की 12 वर्षीय बालिका गांव के ही शिवगढ़ी मंदिर से अपनी सहेली के साथ प्रवचन सुनकर घर जा रही थी. इस दौरान दो युवक बालिका को मोटरसाइकिल में जबरन बैठाकर ले गए. बाद में युवक बालिका को दहेजवार गांव के एक मकान में ले गए वहां पहले से ही एक युवक मौजूद था. तीनों आरोपियों ने नाबालिग के साथ सुबह तक अनाचार किया.

ंिसह ने कहा कि बालिका किसी तरह घर पहुंची तब पीड़िता की मां और पड़ोसी उसे बलरामपुर थाना लेकर गए. लेकिन थाना प्रभारी ने पीड़िता की मां और परिजनों की नहीं सुनी. पीड़िता को थाने में बैठाकर रखा गया. उसका इलाज नहीं कराया गया तथा एफआईआर भी नहीं लिखी गई. जब ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया तब पीड़िता को जिला अस्पताल ले जाया गया.

उन्होंने कहा कि पीड़िता की मां, सरपंच और परिजन बार-बार निवेदन करते रहे कि बच्ची का इलाज करा दिया जाए, लेकिन थाना प्रभारी बलरामपुर और उनके सहयोगी पीड़िता को जबरन उठाकर रात में घर ले जाकर छोड़ गए. पीड़िता रात भर इलाज के अभाव में तड़पती रही. बाद में स्थानीय विधायक, महिला सरपंच और परिजनों ने बालिका को जिला अस्पताल में भर्ती कराया. बालिका अभी भी अचेत और गंभीर अवस्था में है. पुलिस आरोपियों को बचाने का काम कर रही है.

जवाब में राज्य के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि जब पुलिस को 19 फरवरी को घटना की जानकारी मिली तब पुलिस ग्रामवासियों के साथ रात भर संभावित स्थानों में बालिका को तलाश करती रही. सुबह 20 फरवरी को आरोपियों ने पीड़िता को चांदो चौक में लाकर छोड़ दिया. बालिका वहां से अपनी सहेली के घर गई और बाद में अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी.

साहू ने बताया कि 20 फरवरी को बालिका के परिजनों की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया और बालिका को महिला आरक्षक के साथ अस्पताल भेजकर महिला डॉक्टर से डॉक्टरी परीक्षण कराया गया.

उन्होंने बताया कि विवेचना के दौरान पुलिस ने सभी तीन आरोपियों पिन्टु उर्फ रवि ठाकुर :23 वर्ष:, कुलदीप :20 वर्ष: और एक अपचारी बालक को गिरफ्तार कर लिया. दो आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर लिया गया है तथा अपचारी बालक को बाल न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है.

मंत्री के जवाब के बाद विधायक बृहस्पत ंिसह ने कहा कि इस मामले के आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं लेकिन इस जघन्य अपराध में संवेदनहीनता दिखाने वाले पुलिस र्किमयों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए.

सदन में भारतीय जनता पार्टी और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ :जे: के विधायकों ने भी कांग्रेस विधायक का समर्थन किया और पुलिस र्किमयों पर कार्रवाई की मांग की. तब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में संवेदनहीनता दिखाने के आरोपी बलरामपुर थाना के थानेदार समेत सात पुलिस र्किमयों को निलंबित करने की घोषणा की.

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