छत्तीसगढ़

कोरबा: पांच वर्षीय बालक की मौत, तीन चिकित्सकों के खिलाफ मामला दर्ज

कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हॉर्निया के आॅपरेशन के दौरान पांच वर्षीय बालक की मौत के मामले में पुलिस ने तीन चिकित्सकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

कोरबा जिले के पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि शहर के एक निजी चिकित्सालय में पांच वर्षीय बालक दिव्यांश की मौत के मामले में पुलिस ने डॉक्टर प्रभात पाणिग्रही, डॉक्टर ज्योति श्रीवास्तव और डॉक्टर प्रतीकधर शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बालकोनगर थाना क्षेत्र निवासी मनोज केंवट की शिकायत पर पुलिस ने चिकित्सकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. उन्होंने बताया कि मनोज ने पुलिस में शिकायत की है कि इस महीने की छह तारीख को उसके बेटे दिव्यांश की तबियत बिगड़ी, जिसके बाद वह उसे जिला चिकित्सालय ले गया, जहां डॉ. पाणिग्रही ने आठ जनवरी को जांच के बाद दिव्यांश को हॉर्निया की शिकायत होने की जानकारी दी तथा आॅपरेशन कराने के लिए कहा.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पाणिग्रही ने जिला चिकित्सालय में आॅपरेशन की सुविधा नहीं होने की जानकारी दी और उन्हें बालकोनगर के निजी आयुष्मान र्निसंग होम भेज दिया. उन्होंने बताया कि नौ जनवरी को दिव्यांश को र्निसंग होम में भर्ती कर लिया गया और शाम को उसे आॅपरेशन के लिए ले जाया गया. इस दौरान डॉ. पाणिग्रही के साथ आयुष्मान र्निसंग होम की चिकित्सक डॉ. श्रीवास्तव और डॉ. शर्मा मौजूद थे.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मनोज के अनुसार, दिव्यांश को आॅपरेशन के लिए ले जाने के करीब आधे घंटे बाद डॉ. पाणिग्राही ने बताया कि बच्चे की तबियत बिगड़ गई है. उन्होंने बताया कि बाद में चिकित्सकों ने परिजनों से सलाह किए बिना बच्चे को कोसाबाड़ी स्थित एक निजी चिकित्सालय में भर्ती करा दिया. कुछ देर बाद कोसाबाड़ी के चिकित्सकों ने दिव्यांश के मृत होने की जानकारी दी.

चिकित्सकों ने मनोज को बताया कि दिव्यांश को गंभीर स्थिति में कोसाबाड़ी स्थित निजी चिकित्सालय लाया गया, जिससे उसकी मौत हुई है.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मनोज ने अपने बेटे की मौत के लिए डॉ. पाणिग्रही, डॉ. श्रीवास्तव और डॉ. शर्मा को जिम्मेदार ठहराया है और आरोप लगाया है कि आयुष्मान र्निसंग होम में आॅपरेशन और वेंटिलेटर की सुविधा नहीं होने के बावजूद रूपयों की लालच में बच्चे का आॅपरेशन वहां किया गया, जबकि वहां निश्चेतना विशेषज्ञ भी मौजूद नहीं था और इसी वजह से बच्चे की मौत हुई है.

उन्होंने बताया कि बालको थाने की पुलिस ने तीनों चिकित्सकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. मामले की जांच की जा रही है. वहीं कोरबा जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने बताया कि जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को विशेषज्ञों की टीम गठित कर मामले की जांच करने के लिए कहा गया है.

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