छत्तीसगढ़

सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर में तेंदूपत्ता संग्राहकों को नगद मिलेगा पारिश्रमिक

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर वनमंडल में तेंदूपत्ता संग्राहकों को पारिश्रमिक का नगद भुगतान की स्वीकृति प्रदान की है. राज्य के बीजापुर जिले के आदिवासियों ने तेंदूपत्ता के नगद भुगतान को लेकर प्रदर्शन किया था.

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्थित सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर वनमंडल के तेंदूपत्ता संग्राहकों को तेंदूपत्ता संग्रहण के पारिश्रमिक की राशि का नगद भुगतान करने की स्वीकृति प्रदान की है. अधिकारियों ने बताया कि राज्य के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने मुख्यमंत्री बघेल को पत्र लिखकर तेन्दूपत्ता संग्राहकों को पारिश्रमिक की राशि के नगद भुगतान का अनुरोध किया था, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल स्वीकृति दी है.

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में लखमा ने लिखा है कि वनमंडल सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर तीनों घोर संवेदनशील और नक्सल प्रभावित जिलों में शामिल हैं. इन जिलों के तेंदूपत्ता संग्राहकों और जनप्रतिनिधियों ने तेंदूपत्ता पारिश्रमिक का नगद भुगतान करने का आग्रह किया है.

लखमा ने पत्र में लिखा है कि इन तीनों जिलों में भी तेंदूपत्ता का भुगतान बैंक के माध्यम से करने का प्रावधान है, लेकिन संग्राहकों के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता नहीं होने के कारण बैंक के माध्यम से भुगतान में काफी दिक्कत होती है. यह क्षेत्र संवेदनशील है और अंदरुनी गांवों से बैंक की दूरी 70 से 80 किलोमीटर तक है.

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों और इन जिलों के जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर तेंदूपत्ता संग्राहकों को बैंक से पारिश्रमिक का भुगतान के आदेश को निरस्त करते हुए सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर तीनों वनमंडलों में तेंदूपत्ता संग्राहकों को पारिश्रमिक की राशि का नगद भुगतान कराने का निर्देश दिया है.

बीजापुर ज़िले के गंगालूर क्षेत्र के दो हजार ग्रामीणों ने सोमवार को लगभग 25 किलोमीटर पैदल मार्च किया था. ग्रामीणों ने तेंदूपत्ता पारिश्रमिक का नगद भुगतान करने की मांग की थी.

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