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उम्मीद मत छोड़िए, स्थिति ज्यादा भयावह नहीं, जल्दी ही पटरी पर लौटेगा जीवन : लेविट

स्टैनफोर्ड. कोरोना महामारी से जहां एक ओर पूरी दुनिया डरी हुई है और करोड़ों लोग घर के अंदर कैद होने को मजबूर हुए हों, वहीं 2013 में रसायन का नोबेल पुरस्कार जीतने वाले माइकल लेविट को उम्मीद है की अगले दिनों में स्थिति सुधरेगी और जीवन एक बार फिर सामान्य होगा. उन्होंने कहा कि कई विशेषज्ञ इसके भयावह होने का अनुमान जता रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि लोग अपनी घबराहट पर नियंत्रण रखें, अगले दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी. लेविट ने कहा था कि वायरस की रफ्तार अपने उच्च स्तर पर है. उन्होंने यह अनुमान जताया था कि चीन में पॉजिटिव केस की संख्या 80 हजार के करीब पहुंच जाएगी और 3250 लोगों की जानें जाएंगी. 24 मार्च के आंकड़े के मुताबिक, चीन में 81,558 लोग संक्रमित हैं और 3281 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, आंकड़ों के अध्ययन से पता चलता है कि नए केसों में गिरावट आ रही है.

लेविट का कहना है कि दूसरे देशों के लिए भी यही टर्निंग पॉइंट हो सकता है. उन देशों में भी जहां प्रशासन ने कठोर नीति लागू नहीं की है. कोविड-19 (Kovid-19) से प्रभावित ज्यादातर देश नए केसों की संख्या कम करने में जुटे हुए हैं. दक्षिण कोरिया उन देशों में शामिल है, जिसके बारे में लेविट ने कहा था कि वहां रोज के नए केस में कमी आएगी.

लेविट ने 78 देशों के आंकड़ों का विश्लेषण किया है, जिनमें हर दिन 50 से अधिक नए केस आ रहे हैं. उन्हें अधिकांश में सुधार के संकेत दिखते हैं. उन्होंने कहा संख्या अभी भी परेशान करने वाली है, लेकिन धीमे विस्तार के स्पष्ट संकेत दिखते हैं. हालांकि, जिन देशों को शुरुआती झटके से मुक्ति मिल गई है, उन्हें कोरोना (Corona virus) की वापसी को लेकर तैयार रहना चाहिए.

चीन में जहां वायरस नियंत्रण से बाहर हो गया, वहां संक्रमण की नई लहर दिख रही है और अन्य देशों को भी इसी समस्या से जूझना पड़ सकता है. लेविट का यह भी मानना है कि लोगों में बेवजह घबराहट भी फैली हुई है. उन्होंने कहा कि वायरस तभी बढ़ सकता है, जब इसे डिटेक्ट न किया जा सके या कोई इसको नियंत्रित करने पर काम न कर रहा हो. कई विशेषज्ञ जहां ‘वेट एंड वॉच’ पॉलिसी में यकीन कर रहे हैं वहीं लेविट कहते हैं जब तक कोविड-19 (Kovid-19) के खिलाफ ठोस प्रयास किए जा रहे हैं सबकुछ सामान्य हो जाएगा. उन्होंने कहा वास्तविक स्थिति उतनी दयनीय नहीं है जैसा कि वे मानते हैं.

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