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स्वस्थ भारत को परिकल्पना-2030 का हिस्सा बनाए जाने का उद्योग जगत ने किया स्वागत

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नयी दिल्ली. ‘स्वस्थ भारत’ को अगले दशक के लिए पेश की गई ‘परिकल्पना-2030’ का हिस्सा बनाए जाने का स्वास्थ्य उद्योग क्षेत्र ने स्वागत किया है. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को संसद में 2019-20 का अंतरिम बजट पेश किया. इस दौरान उन्होंने अगले दशक के लिए ध्यान दिए जाने वाले क्षेत्रों के लिए 10 महत्वपूर्ण आयामों की एक परिकल्पना प्रस्तुत की. इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र को भी शामिल किया गया है.

हालांकि स्वास्थ्य क्षेत्र उद्योग जगत को बजट में सरकार से ज्यादा राशि मिलने की उम्मीद थी. अंतरिम बजट पर प्रतिक्रिया में अपोलो हॉस्पिटल समूह की संयुक्त प्रबंध निदेशक संगीता रेड्डी ने कहा, ‘‘अंतरिम बजट में परेशानी रहित स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ स्वस्थ भारत को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दिखती है.’’

उन्होंने कहा कि बजट में सरकार ने शहर-गांव की दूरी पाटने का लक्ष्य रखा है और गांवों में उनकी आत्मा को बरकरार रखते हुए शहरों जैसी सुविधाएं प्रदान करने के लिए कहा है. इसमें स्वास्थ्य सुविधाएं एक अहम कारक है.

भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र के संघ नैटहेल्थ ने कहा कि आज के बजट में पेश की गई परिकल्पना-2030 के तहत महत्वपूर्ण 10 आयामों में ‘स्वस्थ भारत’ को शामिल किया जाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. नैटहेल्थ के महासचिव सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने सरकार के आयुष्मान भारत मिशन का दायरा बढ़ाने का स्वागत किया.

स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 61,398 करोड़ का प्रावधान, आयुष्मान योजना के लिए 6400 करोड़ रुपये
केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को 2019-2020 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 61,398 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान की घोषणा की जिसमें 6400 करोड़ रुपये केंद्र की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना के लिए आवंटित किये गये हैं.

आने वाले वित्त वर्ष के लिए स्वास्थ्य आवंटन पिछले दो वित्त वर्ष में सर्वाधिक है और इसमें 2018-19 के आवंटन में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है. पिछले वर्ष यह आवंटन 54,302.50 करोड़ रुपये था. केंद्र की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के लिए 6400 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर को इसकी शुरूआत की थी जिसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने पिछले वर्ष आम बजट पेश करते हुए की थी. योजना में हर साल देश में 10 करोड़ से अधिक परिवारों को लाभ पहुंचाने का उद्देश्य है और इसमें सालाना पांच लाख रुपये तक के अस्पताल के इलाज खर्च के बीमा का प्रावधान है.

आयुष्मान भारत योजना से 10 लाख लोगों के 3000 करोड़ रुपये बचे :गोयल
केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को लोकसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना के शुरू होने के बाद से इसके तहत निशुल्क उपचार की सुविधा से करीब 10 लाख लोगों को लाभ हुआ है और उनको इलाज खर्च में 3000 करोड़ रुपये की बचत हुई है.

गोयल ने कहा कि सरकार जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दरों पर दवाएं मुहैया करा रही है और लाखों गरीबों तथा मध्यम वर्ग के लोगों को आवश्यक दवाएं, स्टेंट तथा नी इम्प्लांट सस्ते दामों पर मिल रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘इससे पहले एक गरीब आदमी इस पशोपेश में रहता था कि परिवार की रोजमर्रा की जरूरत को पूरा करे या परिवार के किसी बीमार सदस्य की जान बचाई जाए. इस स्थिति से हमारे प्रधानमंत्री बहुत दुखी हुए. हमने दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम ‘आयुष्मान भारत’ शुरू किया ताकि देश के करीब 50 करोड़ (गरीब) लोगों को अच्छे चिकित्सा उपचार की सुविधा मुहैया करायी जा सके.’’ गोयल ने कहा कि पांच लाख की स्वास्थ्य बीमा वाली इस योजना से अब तक 10 लाख लोगों को फायदा हो चुका है.

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