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न्यूजीलैंड की दो मस्जिदों में गोलीबारी में 49 मरे, 20 घायल

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क्राइस्टचर्च/वेलिंगटन/मेलबर्न/ढाका/पेरिस. न्यूजीलैंड में क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में शुक्रवार को हुई गोलीबारी में कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. इस घटना के बाद अधिकारियों ने एक व्यक्ति पर आरोप लगाया है और तीन अन्य को हिरासत में ले लिया गया. एक विस्फोटक का समय रहते पता लगा लिया गया. ऐसा लग रहा है कि इस नस्लीय हमले की योजना बहुत सावधानीपूर्वक तैयार की गई थी.

प्रधानमंत्री जैंिसडा अर्डर्न ने इसे ‘‘ंिहसा की एक असाधारण और अभूतपूर्व घटना’’ बताते हुये स्वीकार किया कि इसमें प्रभावित लोग या तो प्रवासी हैं या फिर शरणार्थी हैं. मृतकों की संख्या बताते हुये उन्होंने कहा कि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि इसे अब केवल आतंकवादी हमला ही करार दिया जा सकता है. हम जितना जानते हैं, ऐसा लगता है कि यह पूर्व नियोजित था.’’

पुलिस ने गोलीबारी के बाद तीन पुरूषों और एक महिला को हिरासत में ले लिया. इनमें से एक व्यक्ति पर बाद में हत्याओं का आरोप लगाया गया. इस घटना से देश की 50 लाख की आबादी में शोक की लहर है. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस घटना में और हमलावर शामिल हो सकते हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा के स्तर को दूसरे सर्वोच्च स्तर तक ले जाया गया है.

अधिकारियों ने यह तो स्पष्ट नहीं किया कि किसको हिरासत में लिया गया है पर यह कहा कि इनमें से कोई भी व्यक्ति निगरानी सूची में नहीं है. एक व्यक्ति जिसने गोलीबारी की जिम्मेदारी ली है उसने शरणार्थी विरोधी 74 पृष्ठों का एक दस्तावेज छोड़ा है जिसमें उसने व्याख्या करते हुये कहा है कि वह कौन है और इस हमले की वजह क्या है. उसने कहा कि वह एक 28 साल का श्वेत आस्ट्रेलियाई है और नस्लवादी है.

आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने पुष्टि की है कि हिरासत में लिए गए चार लोगों में से एक आस्ट्रेलिया में जन्मा नागरिक है. पुलिस आयुक्त माइक बुश ने शुक्रवार रात कहा कि एक व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया गया है. उन्होंने तीन अन्य संदिग्धों के बारे में नहीं बताया और यह भी नहीं कहा कि क्या दोनों जगहों पर हुये हमलों के लिए वही जिम्मेदार था.

अर्डर्न ने संवाददाता सम्मेलन में संभावित वजह के रूप में शरणार्थी विरोधी भावनाओें का हवाला देते हुये कहा कि गोलीबारी से प्रभावित हुये अधिकांश लोग या तो प्रवासी हैं या फिर शरणार्थीं है. उन्होंने न्यूजीलैंड को अपना घर चुना और यह उनका घर है. प्रधानमंत्री ने कहा कि वे हमारे हैं. जहां तक संदिग्धों का प्रश्न है वे ऐसे लोग हैं जिनके विचारों की व्याख्या अतिवादी विचारों के तौर पर की जाएगी ,जिसका न्यूजीलैंड में कोई स्थान नहीं है.

बुश ने बताया कि पुलिस ने कार में दो देसी विस्फोटकों का पता लगा लिया. इसे पहले कहा गया था कि कई वाहनों में इन्हें लगाया गया है. मध्य क्राइस्टचर्च में मस्जिद अल नूर में दोपहर एक बजकर 45 मिनट पर हुई गोलीबारी में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई.

चश्मदीद लेन पेनेहा ने बताया कि उन्होंने एक व्यक्ति को काले कपड़े पहने मस्जिद में घुसते देखा और उसके बाद दर्जनों गोलियों के चलने की आवाजें सुनाई दीं. इससे घबराये हुये लोग मस्जिद में इधर उधर भागने लगे. इसके बाद वह वहां से भागा और इस दौरान उसके हाथ से कुछ गिर गया जो शायद उसका स्वचालित हथियार था. तब वह मस्जिद की तरफ लोगों की मदद करने के लिए दौड़ पड़े.

हमलावर ने संभवत: एक लाइवस्ट्रीम वीडियो भी बनाया जिसमें इस भयावह कांड की वीभत्सता को दर्ज किया गया है. बंदूकधारी मस्जिद में करीब दो मिनट रहा और वहां मौजूद नमाजियों पर बार बार गोलियां दागीं. यहां तक कि उसने पहले ही दम तोड़ चुके लोगों पर भी ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं. वहां से वह सड़क पर निकला और पैदल चल रहे लोगों पर गोलियां बरसाईं.

फिर वह वापस मस्जिद में गया और करीब दो दर्जन से अधिक लोग जमीन पर पड़े थे. वहां से फिर वह वापस आया और एक महिला को गोली मार दी और अपनी कार में आकर बैठ गया. उसकी कार में इंग्लिश रॉक बैंड ‘‘ द क्रेजी वर्ल्ड आॅफ आर्थर ब्राउन’’ का ‘‘फायर’’ गीत बज रहा था. गीत में गायक गा रहा था, ‘‘आई एम द गॉड आॅफ हेलफॉयर’’ (मैं नर्क की अग्नि का देवता हूं.) इसके बाद बंदूकधारी वहां से चला जाता है और वीडियो बंद हो जाता है.

इसके अलावा एक दूसरे हमले में मस्जिद लिनवुड में हुई गोलीबारी में दस लोगों की मौत हो गई. जिस आदमी ने हमले की जिम्मेदारी ली है उसने कहा कि वह न्यूजीलैंड केवल इसलिए आया ताकि वह हमले की योजना तैयार कर सके और प्रशिक्षण दे सके. उसने कहा कि वह किसी संगठन का सदस्य नहीं है लेकिन उसका कई राष्ट्रवादी समूहों के साथ संबंध है.

पुलिस आयुक्त ने कहा कि क्राइस्टचर्च और लिनवुड को निशाना बनाया गया और अगर वह हमलावर वहां पहुंच जाता तो एक तीसरी मस्जिद एश्बर्टन को भी निशाना बनाया जा सकता था . उसने कहा कि उसने न्यूजीलैंड को इसलिए चुना क्योंकि वह यह बताना चाहता था कि संसार का यह दूरदराज वाला क्षेत्र भी ‘‘बड़े प्रवास’’ के लिए सुरक्षित नहीं हैं.

न्यूजीलैंड को सामान्य तौर पर शरणार्थी और प्रवासी लोगों का स्वागत करने वाला देश माना जाता है. पिछले साल प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी कि शरणार्थिओं का सालाना कोटा साल 2020 में एक हजार से बढ़ाकर डेढ़ हजार किया जायेगा.

न्यूजीलैंड आतंकी हमलों में तीन बांग्लादेशियों की मौत
न्यूजीलैंड में शुक्रवार को हुये आतंकी हमले में कम से कम तीन बांग्लादेशियों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गये. इस हमले में 49 लोग मारे गये हैं. बांग्लादेशी मीडिया ने यह खबर दी है.

मध्य क्राइस्टचर्च स्थित मस्जिद अल नूर और शहर के उपनगर लिनवुड स्थित एक अन्य मस्जिद में हुये हमलों में कम से कम 49 लोग मारे गए और 20 अन्य घायल हुये. एक मस्जिद में गोलीबारी करने वाला व्यक्ति आस्ट्रेलिया में जन्मा नागरिक है और उसे एक चरमपंथी, दक्षिणपंथी, ंिहसक आतंकवादी बताया गया है.

अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि घटना में कितने हमलावर शामिल थे. हालांकि, न्यूजीलैंड पुलिस ने बताया कि तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है. स्थानीय नागरिकों के हवाले से आॅकलैंड में बांग्लादेश के वाणिज्य दूत शफीकुर रहमान भुइयां ने बीडीन्यूज24डॉटकॉम को बताया कि तीन बांग्लादेशी मारे गये और देश के सात अन्य लोग घायल हो गये जिनका अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है.

हमलों में मारे गये बांग्लादेशियों की पहचान न्यूजीलैंड में लिनकोलन विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर डॉक्टर अब्दुस समद, उनकी पत्नी और अन्य महिला हुस्री आरा फरीद के रूप में की गई है. भुइयां ने बताया कि समद का जन्म मैमनंिसह में हुआ था और वह बांग्लादेश कृषि विश्वविद्यालय के एक संकाय सदस्य थे.

डेली स्टार समाचारपत्र ने खबर दी है कि घायल बांग्लादेशियों की अभी तत्काल पहचान नहीं हो सकी है. बांग्लादेश के विदेश सचिव शाहिदुल हक ने कहा कि ढाका न्यूजीलैंड सरकार के साथ संपर्क में है.

न्यूजीलैंड हमला आॅस्ट्रेलिया पीएम आॅस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड में हुए आतंकवादी हमले की ंिनदा की
न्यूजीलैंड में हुए दो आतंकवादी हमलों में से एक में आॅस्ट्रेलियाई मूल के व्यक्ति के संदिग्ध के तौर पर उभरने के साथ ही आॅस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आता कि इस तरह की ंिहसा एवं घृणा में शामिल किसी भी व्यक्ति को ‘ मानव ’ कैसे कहा जा सकता है.

शहर के बाहरी भाग में स्थित लिनवुड मस्जिद एवं मध्य क्राइस्टचर्च के अल नूर मस्जिद में हुए हमलों में कम से कम 49 नमाजियों की मौत हो गई थी. यह घटना पश्चिमी देश में मुस्लिमों के खिलाफ अब तक के सबसे बुरे हमले के तौर पर सामने आई है. प्रत्यक्षर्दिशयों ने बताया है कि लोगों को करीब से गोली मारी गई और मृतकों में बच्चे एवं महिलाएं भी शामिल हैं.

स्कॉट मॉरिसन ने सिडनी में कहा कि एक मस्जिद में आॅस्ट्रेलियाई मूल का बंदूकधारी मौजूद था. उन्होंने उसकी व्याख्या, ‘‘एक चरमपंथी, दक्षिणपंथी एवं ंिहसक आतंकवादी’’ के तौर पर की. मॉरिसन ने बताया कि हमले में आॅस्ट्रेलियाई व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर जांच शुरू हो गई है.

उन्होंने किरिेबिली हाउस से कहा, ‘‘हम आक्रोशित हैं और हम यहां उस हमले की ंिनदा करते हैं जो आज हुआ जिसमें एक चरमपंथी, दक्षिण पंथी ंिहसक आतंकवादी ने क्रूर एवं निर्मम हमले में न्यूजीलैंड के कई लोगों की जान ले ली.’’ मीडिया की खबरों में आॅस्ट्रेलियाई मूल के ब्रेंटन टारेंट की एक संदिग्ध के तौर पर पहचान की गई है.

बाद में मॉरिसन ने कहा, ‘‘ऐसे लोगों का कोई नाम नहीं होना चाहिए.’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘नाम कुछ हद तक मानवता दिखाते हैं और मैं ऐसे लोगों को मनुष्य नहीं समझता जो इस तरह की ंिहसा एवं घृणा में शामिल हो. उसको कोई नाम नहीं दिया जाना चाहिए.’’

दुनियाभर में डर और गुस्से का माहौल
न्यूजीलैंड में दो मस्जिदों पर हमलों के बाद दुनियाभर में डर, गुस्सा और दुख का माहौल बन गया है. शुक्रवार को इस हमले में कम से कम 49 लोगों की मौत हो गयी. न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैंिसड्रा एर्डर्न ने इसे अपने देश के इतिहास का सबसे काला दिन करार देते हुए कहा, ‘‘यह साफ है कि इसे अब केवल आतंकी हमला कहा जा सकता है.’’

एक हमलावर ने इस जानलेवा हमले का वीडियो प्रसारित किया जिसके बाद इस तरह के हमलों की आशंका के साथ डर और गुस्सा पैदा हो गया है. माना जा रहा है कि यह हमलावर आॅस्ट्रेलिया का है.

न्यूजीलैंड की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने कहा कि वह दो मस्जिदों पर हमलों से बहुत दुखी हैं जिनमें 49 लोग मारे गये. उन्होंने एक संदेश में कहा, ‘‘मैं क्राइस्टचर्च की घटना से बहुत आहत हूं. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं सभी न्यूजीलैंड वासियों के साथ हैं.’’ महारानी एलिजाबेथ (92) ब्रिटेन के अलावा आॅस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड समेत 15 अन्य देशों की भी महारानी हैं.

पोप फ्रांसिस ने न्यूजीलैंड की दो मस्जिदों में शुक्रवार को हुए हमले के बाद देश के सभी निवासियों और खासकर मुस्लिम समुदाय के प्रति अपनी दिली एकजुटता का आश्वासन दिया.

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने कहा, ‘‘इस हमले के बाद इस्लाम को लेकर शत्रुता का माहौल व्यक्तिगत उत्पीड़न की सीमाओं से नरसंहार के स्तर तक पहुंच गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर तत्काल कदम नहीं उठाये जाते तो ऐसी अन्य विपदाओं की खबर आएगी. मैं दुनिया का, खासकर पश्चिमी देशों का आ’’ान कर रहा हूं कि तत्काल कदम उठाये जाएं.’’ नॉर्वे की प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के सभी प्रकारों से मुकाबला करने की अपील की.

उन्होंने कहा कि वाकई यह घटना बहुत दुखद है. मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने उम्मीद जताई कि न्यूजीलैंड जिम्मेदार आतंकियों को गिरफ्तार करेगा और कानून के तहत जरूरी कार्रवाई करेगा.

दुनिया में सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोयो ने कहा, ‘‘हम इस तरह के ंिहसक हमलों की कड़ी ंिनदा करते हैं.’’ ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरिसा मे ने क्राइस्टचर्च में भयावह आतंकी हमले के बाद गहन संवेदना प्रकट की. लंदन की पुलिस सेवा ने कहा कि वह मस्जिदों के आसपास मुस्तैदी बढ़ा रही है और हर धर्म के समुदायों से संवाद कर रही है.

आॅस्ट्रेलिया में न्यू साउथ वेल्स की पुलिस ने कहा कि एहतियातन मस्जिदों के आसपास गश्त बढ़ाई जा रही है. रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने कहा, ‘‘मुझे आशा है कि इस हमले के जिम्मेदार लोगों को कठोर सजा दी जाएगी.’’ जर्मन चांसलर एंजिला मर्केल ने कहा कि हम इस तरह के आतंकवाद के कृत्यों के खिलाफ एक साथ खड़े हैं.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने भी हमले की कड़ी ंिनदा करते हुए कहा कि फ्रांस किसी भी तरह के आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है. नाटो प्रमुख जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि अमेरिका नीत बल अपने खुले समाज और साझा मूल्यों के बचाव में हमारे दोस्त और साझेदार देश न्यूजीलैंड के साथ खड़ा है. स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा कि पीड़ितों, परिवारों और न्यूजीलैंड सरकार के साथ उनकी संवेदना है.

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