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व्यापार सुविधा में सहयोग बढ़ाकर ‘असंतुलन’ को दूर किया जा सकता है : चीन

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नयी दिल्ली/बीजिंग. व्यापार सुविधा के लिए चीन और भारत के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और दोतरफा व्यापार के विस्तार के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनानी होगी. इससे भारत के साथ व्यापार असंतुलन को कम करने में मदद मिल सकती है. चीन की वाणिज्य दूत झू शियाहॉन्ग ने बृहस्पतिवार को यह बात कही.

शियाहॉन्ग ने यहां कहा कि अभी दोनों देशों के बीच भविष्य की कोई व्यापार सुविधा व्यवस्था नहीं है. चीन की वाणिज्य दूत ने उद्योग मंडल फिक्की के भारत-चीन बैठक और हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘दोनों पक्षों को व्यापार में सुविधा के मोर्चे पर सहयोग को मजबूत करना चाहिए और द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय व्यापार सुगमता अद्यतन करना चाहिए. इससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने और व्यापार असंतुलन को दूर करने में मदद मिलेगी.

भारत समय-समय पर चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे के मुद्दे को उठाता रहा है. 2018-19 में व्यापार घाटा 50 अरब डॉलर रहा था. इसके अलावा भारत की शिकायत है कि उसे घरेलू आईटी, कृषि और फार्मा क्षेत्र को चीन के बाजार में निष्पक्ष पहुंच उपलब्ध नहीं है. शियाहॉन्ग ने कहा कि लंबे समय से वस्तुओं के व्यापार में असंतुलन आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने में सबसे प्रमुख समस्या रहा है.

उन्होंने कहा, ‘‘हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि चीन ने कभी जानबूझकर व्यापार अधिशेष को आगे नहीं बढ़ाया है. चीन इस बात को अच्छी तरह जानता है कि संतुलित व्यापार टिकाऊ और दोनों पक्षों के लाभ वाला होता है. लंबे समय से चीन ने वस्तुओं में व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए कई कदम उठाए हैं.’’

मोदी-शी की शिखरवार्ता में मतभेदों से आगे बढ़कर काम करने पर होगा ध्यान : चीनी मीडिया
चीन के राष्ट्रपति शी चिनंिफग के भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए शुक्रवार को भारत के लिए रवाना होने से पहले यहां सरकारी मीडिया ने कहा कि उनकी मुलाकात में इस बात पर ध्यान दिया जाएगा कि सहयोगात्मक साझेदारी बनाने के लिए ऐतिहासिक तथा मौजूदा मतभेदों से आगे कैसे बढ़ा जाए.

शी शुक्रवार तड़के बींिजग से रवाना हो सकते हैं और दोपहर बाद चेन्नई पहुंचेंगे. वह पास के मामल्लापुरम पर्यटन केंद्र में मोदी के साथ दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता करेंगे. चीन के उप विदेश मंत्री लुओ झाओहुई ने शिखर वार्ता के बारे में बुधवार को यहां मीडिया को बताया कि दोनों पक्षों के अधिकारियों ने आपसी संवाद के माध्यम से शिखर वार्ता के लिए व्यापक तैयारियां की हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘अब ठोस आधार तैयार कर लिया गया है. दोनों पक्षों के संयुक्त प्रयासों से राष्ट्रपति शी की भारत यात्रा पूरी तरह सफल होगी और द्विपक्षीय संबंधों की आगे प्रगति की दिशा तय करेगी. इससे दोनों पक्षों के बीच सहयोग के आदान-प्रदान में नयी प्रगति होगी तथा सकारात्मक परिणाम निकलेंगे.’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह मुलाकात पूरी दुनिया को चीन और भारत का यह सुसंगत संदेश एक बार फिर भेजेगी तथा अनिश्चितता से भरी दुनिया में स्थिरता एवं सकारात्मक ऊर्जा भरेगी.’’ लुओ ने कहा कि यह एक अनौपचारिक बातचीत है, इसलिए दोनों नेताओं को बिना किसी निर्धारित विषय के विचारों के मुक्त आदान-प्रदान के लिए सहज माहौल मिलेगा. इस मुलाकात में कोई करार होने की भी संभावना नहीं है.

शुक्रवार शाम से मोदी और शी की कई मुलाकातें हो सकती हैं. इनमें अधिकतर में उनके साथ केवल उनके दुभाषिये होंगे. इन बैठकों में दोनों नेता चीन-भारत संबंधों को आगे ले जाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे जिनमें खासकर भारत में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त किये जाने के बाद भारत के खिलाफ पाकिस्तान के अभियान को बींिजग के समर्थन को लेकर विपरीत परिस्थितियां पैदा हो गयी थीं.

लुओ ने जहां यात्रा को लेकर अत्यंत सकारात्मक टिप्पणी की, वहीं सरकारी स्वामित्व वाले चाइना डेली ने भी आश्चर्यजनक तरीके से बृहस्पतिवार को लिखा कि शी की दो दक्षिण एशियाई पड़ोसियों भारत और नेपाल की यात्रा की आधिकारिक घोषणा अनौपचारिक वार्ता से महज 48 घंटे पहले होना इस बात का प्रमाण है कि भारत और चीन के शीर्ष नेताओं के बीच आपसी तालमेल के जरिये दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के अवसर का लाभ उठा सकते हैं.

अखबार ने स्पष्ट रूप से लिखा, ‘‘बींिजग और नयी दिल्ली दोनों ने घोषणा की कि बैठक होगी. उन्होंने पहले चल रही इस अटकल को खारिज कर दिया कि दोनों नेता किसी भी मुलाकात को स्थगित कर देंगे. उन्होंने यह संदेश भेजा है कि वे सकारात्मक साझेदारी के रास्ते में कोई अड़चन नहीं आने देना चाहते.

इसमें लिखा है कि शुक्रवार और शनिवार को चेन्नई में शी की मोदी से मुलाकात में दोनों देशों के ऐतिहासिक और मौजूदा मतभेदों पर तथा सहयोग की क्षमता को मूर्त रूप देने के लिए मतभेदों से आगे बढ़ने पर अधिक ध्यान दिया जा सकता है.

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