Home विदेश भारत और अमेरिका के रणनीतिक संबंधों में पूर्वानुमान और सामंजस्य की कमी

भारत और अमेरिका के रणनीतिक संबंधों में पूर्वानुमान और सामंजस्य की कमी

51
0

वॉंिशगटन. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के नयी दिल्ली पहुंचने से एक दिन पहले मंगलवार को अमेरिका के एक वरिष्ठ सांसद ने उनसे कहा कि भारत के साथ अमेरिका के रणनीतिक संबंधों में पूर्वानुमान और सामंजस्य की कमी है.

विदेश मामलों की समिति के प्रमुख एवं सांसद इलियट एल एंजल ने पोम्पिओ से अपील की है कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को सिर्फ मजबूत ना करें बल्कि भारत की नयी सरकार को सुसंगत उद्देश्यों और पूर्वानुमान का एक ऐसा खाका सौंपे, जो इन संबंधों को उसकी पूर्ण क्षमता तक पहुंचने में मदद करे.

एंजल ने पोम्पिओ को लिखे पत्र में कहा है, ‘‘ मैं प्रशासन की बयानबाजी और भारत के प्रति उठाए जा रहे कदमों में विसंगतियों को लेकर बेहद ंिचतित हूं. यह विसंगतियां पिछले दो वर्ष से अधिक समय से खाली पड़े सहायक सचिव के पद के कारण और बढ़ गयी हैं.’’

उन्होंने कहा कि इसे लेकर ंिचता बढ़ रही है कि भारत के साथ अमेरिका एक रणनीतिक साझेदार के रूप में बातचीत करने की जगह जबरन उससे अपनी विभिन्न मांगे मनवाने का प्रयास कर रहा है.

‘हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी’ के प्रमुख के अनुसार प्रशासन की नीतियां ना केवल अमेरिकी उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में विफल रही हैं, बल्कि नयी दिल्ली के साथ अपनी साझेदारी में तनाव भी पैदा कर लिया है.

एंजल ने कहा, ‘‘ मैं आपसे अपील करता हूं कि अपने इस दौरे पर ना केवल अमेरिका और भारत के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करें बल्कि उन्हें सुसंगत उद्देश्यों और पूर्वानुमान का एक ऐसा खाका सौंपे जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों को उनकी पूर्ण क्षमता तक पहुंचने में मदद मिले.’’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here