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कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान से कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुयी : विदेश मंत्रालय

भारत ने राम मंदिर का निर्माण प्रारंभ होने पर पाकिस्तान की आलोचना को किया खारिज

नयी दिल्ली. भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि पाकिस्तान में मौत की सजा का सामना कर रहे भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में उसे पड़ोसी देश से अभी तक कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुयी है. भारत ने मांग की कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश के अनुरूप उसे निर्बाध, बिना रोक टोक और बिना शर्त के राजनयिक पहुंच मुहैया कराने की जरुरत है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने आनलाइन मीडिया ब्रींिफग में कहा, ‘‘ हमें इस संबंध में पाकिस्तान से कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुयी है.’’ उनसे पूछा गया था कि क्या पाकिस्तान ने भारत को इस मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के बारे में सूचित किया है.

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने जाधव के मामले में तीन वरिष्ठ वकीलों को न्याय मित्र नामित करते हुए पाकिस्तान सरकार को आदेश दिया था कि मौत की सजा का सामना कर रहे कैदी के लिये वकील नियुक्त करने का भारत को एक और मौका दें. श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तान को इस मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के आदेश को लागू करने और भारत को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की जरूरत है.

जम्मू कश्मीर पर तुर्की की टिप्पणी गलत, पक्षपातपूर्ण
भारत ने जम्मू कश्मीर को लेकर तुर्की की टिप्पणी को बृहस्पतिवार को ‘तथ्यात्मक रूप से गलत, पक्षपातपूर्ण और अवांछनीय ’बताया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने तुर्की को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने से बचने को कहा. प्रवक्ता से तुर्की की उस टिप्पणी के बारे में पूछा गया था जिसमें उसने कहा था कि जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने से क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता को कोई फायदा नहीं हुआ है.

उन्होंने आनलाइन मीडिया ब्रींिफग में कहा, ‘‘ यह बयान तथ्यात्मक रूप से गलत, पक्षपातपूर्ण और अवांछनीय है. हम तुर्की की सरकार से आग्रह करते हैं कि वह जमीनी स्थिति की उपयुक्त समझ प्राप्त करे और भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने से बचे. ’’

तनाव खत्म करने के लिये चीन से गंभीरता से काम करने की उम्मीद
भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह उम्मीद करता है कि चीन पूर्वी लद्दाख में ‘पूर्ण रूप से पीछे हटने और तनाव की समाप्ति ’ सुनिश्चित करने के लिये गंभीरता से काम करेगा जैसा कि पिछले महीने दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों ने निर्णय किया था.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव पिछले महीने सीमा मुद्दे पर दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि…. भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच 5 जुलाई 2020 को वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैनिकों के पूर्ण रूप से पीछे हटाने को लेकर टेलीफोन पर हुई बातचीत का जिक्र कर रहे थे.

श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘ दोनों विशेष प्रतिनिधियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की थी कि द्विपक्षीय समझौते और प्रोटोकाल के अनुरूप वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जल्द एवं पूर्ण रूप से पीछे हटना, भारत चीन सीमा क्षेत्रों में तनाव समाप्त करना तथा पूर्ण रूप से शांति बहाली द्विपक्षीय संबंधों के सहज सम्पूर्ण विकास के लिये जरूरी है. ’’ उन्होंने कहा कि भारत इस उद्देश्य के लिये प्रतिबद्ध है.

भारत ने राम मंदिर का निर्माण प्रारंभ होने पर पाकिस्तान की आलोचना को किया खारिज
भारत ने अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास की पाकिस्तान की आलोचना को बृहस्पतिवार को सिरे से खारिज करते पड़ोसी देश से ‘साम्प्रदायिक भावना भड़काने’ से बचने को कहा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने पाकिस्तान को भारत के मामलों में हस्तक्षेप करने से दूर रहने को भी कहा.

श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘ हमने भारत के आंतरिक मामले पर इस्लामिक गणराज्य पाकिस्तान के प्रेस बयान को देखा है. उसे (पाकिस्तान) भारत के मामलों में हस्तक्षेप करने से दूर रहना चाहिए और साम्प्रदायिक भावना भड़काने से बचना चाहिए.’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘ यह एक ऐसे देश के संबंध में आश्चर्यजनक नहीं है जो सीमापार आतंकवाद का अनुपालन करता है और अपने ही अल्पसंख्यकों को धार्मिक अधिकारों से वंचित करता है.’’ उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणी ंिनदनीय है. गौरतलब है कि पाकिस्तान ने बुधवार को राम मंदिर के भूमिपूजन और शिलान्यास की आलोचना की थी.

भारत ने यूएनएससी में कश्मीर मामला उठाने की कोशिश के लिये चीन पर साधा निशाना
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर मामला उठाने की एक और कोशिश करने पर चीन पर बृहस्पतिवार को निशाना साधते हुए कहा कि चीन को ऐसे निष्फल कोशिशों से उचित सीख लेनी चाहिए . भारत ने कहा कि वह देश के आंतरिक मामलों में चीन के ‘‘हस्तक्षेप’’ को ‘दृढ़ता से’ खारिज करता है.

चीन ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर मुद्दे पर चर्चा कराने के पाकिस्तान के प्रयास का समर्थन किया. यह प्रयास भारत द्वारा जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन की पहली वर्षगांठ के दिन ही किया गया था. हालांकि यह प्रयास सफल नहीं रहा. विदेश मंत्रालय ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह चीन द्वारा भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप को दृढ़ता से खारिज करता है.

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा ‘‘हमने गौर किया है कि चीन ने भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से जुड़े मामलों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चर्चा शुरू की.’’ इसमें कहा गया है, ‘‘यह पहली बार नहीं है, जब चीन ने ऐसे विषय को उठाने की कोशिश की है, जो पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है. पहले की तरह इस बार भी इस कोशिश को अंतरराष्ट्रीय समुदाय का खास समर्थन नहीं मिला.’’

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम हमारे आंतरिक मामलों में चीन के हस्तक्षेप को दृढ़ता से खारिज करते हैं और उससे इस प्रकार की निष्फल कोशिशों से उचित सीख लेने का आग्रह करते हैं.’’ चीन द्वारा कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने का ताजा प्रयास ऐसे समय में किया गया है जब पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के बीच सीमा मुद्दे को लेकर कटु विवाद जारी है.

पिछले वर्ष 5 अगस्त को भारत ने जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेश में विभाजित किया था. चीन जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन के भारत के फैसले की आलोचना करता रहा है, खास तौर पर लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का. चीन, लद्दाख के कुछ इलाके पर दावा जताता है. भारत के इस निर्णय के बाद ही चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर मुद्दे को उठाने का कई बार प्रयास किया लेकिन इसे सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने खारिज कर दिया .


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