विदेश

करतारपुर गलियारे का खुलना शांति की पाकिस्तान की इच्छा का व्यावहारिक प्रमाण

लाहौर. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने मंगलवार को कहा कि करतारपुर गलियारे का खुलना शांति और आपसी सौहार्द की पाकिस्तान की इच्छा का व्यावहारिक प्रमाण है. उन्होंने यह बात मंगलवार को पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब का दौरा करने के बाद कही. सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने जीवन के अंतिम दिन यहीं व्यतीत किए थे.

पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति एवं इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के अधिकारियों ने करतारपुर साहिब में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख का स्वागत किया. यह स्थान लाहौर से 125 किलोमीटर दूर है. इस दौरान उन्हें पाकिस्तान और भारत के बीच हुए करतारपुर गलियारा समझौते के बारे में जानकारी दी गई. उन्हें बताया गया कि भारत तथा दुनिया भर के सिख समुदाय के लोग गुरुद्वारे तक आ सकें इसके लिए प्रधानमंत्री इमरान खान ने यह पहल की है.

गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार ंिसह को भारत के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से जोड़ता है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने धार्मिक परंपरा का पालन करते हुए सिर पर नारंगी रंग का पटका पहना. वह गुरुद्वारे के विभिन्न स्थानों पर गए. उन्हें दोपहर के भोजन में पारंपरिक खाना परोसा गया.

गुतारेस की यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. उनकी यात्रा के वक्त करतारपुर साहिब में बड़ी संख्या में भारतीय सिख मौजूद थे.’रेडियो पाकिस्तान’ की खबर के अनुसार संयुक्त राष्ट्र महाचसिव ने बाद में पत्रकारों से कहा कि करतारपुर गलियारे का खुलना शांति और आपसी सौहार्द की पाकिस्तान की इच्छा का व्यावहारिक प्रमाण है.

उन्होंने कहा कि गलियारा का उद्घाटन एक अच्छा कदम है और यह सहिष्णुता और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देगा. इससे पहले गुतारेस ने लाहौर यूनिर्विसटी आॅफ मैनेजमेंट साइंसेज में छात्रों को संबोधित किया और उन्हें नयी प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केन्द्रित करने को कहा. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज सबसे बड़ा मुद्दा है जिसका सामना पूरी दुनिया कर रही है. उन्होंने पोलियो अभियान की भी शुरुआत की.

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