लाइफस्टाइल

कार्यक्रम में बच्चों के रोने से घबराये परिजनों को वित्त मंत्री ने दी हिम्मत

फरीदाबाद. कुछ लोगों को बच्चों का रोना बिल्कुल रास नहीं आता है और वे उनकी आवाज सुनकर झल्ला उठते हैं लेकिन, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ ऐसा नहीं हैं , उन्हें यह सब बिल्कुल भी परेशान नहीं करता है. दरअसल , वित्त मंत्री यहां आईआरएस (सीमाशुल्क एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क) के 69 वें बैच की पांिसग आउट परेड कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थीं.

कार्यक्रम शुरू होने के साथ ही दर्शक दीर्घा में मौजूद कुछ बच्चे रोने लगे जबकि कुछ एक – दूसरे से बात करने में जुट गए. उनके परिवार वालों ने उन्हें शांत कराने की बरसक कोशिश की. आयोजकों की भी बच्चों को शांत कराने की कोशिश नाकाम होती दिखी.

हालांकि , जैसे ही वित्त मंत्री ने मंच संभाला उन्होंने परेशान माता – पिता से कहा कि बच्चों को इस तरह के कार्यक्रम में लाना ” सही कदम है. ” उन्होंने कहा , ” यहां जो भी होगा वह कहीं ने कही उनके दिमाग में रहेगा और इस अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणा के रूप में काम करेगा … इसलिए मैं नहीं चाहतीं कि अगर कोई बच्चा शोर कर रहा है तो उसके मां – बाप अपने आपको दोषी समझें. मैं सिर्फ उस दिन का इंतजार करूंगी जब ये बच्चे पास आउट परेड में शामिल होंगे.

वित्त मंत्री की यह बात सुनकर दर्शकों ने तालियां बजाई. सीतारमण ने कहा कि यह अपने आप में प्रेरणा है कि कोई भी बच्चा चाहे वह कितना ही बड़ा क्यों नहीं है, ऐसे कार्यक्रम से उसे दूर नहीं रखा जाना चाहिये. सीतारमण ने इसके बाद बच्चों की रोने की आवाज से परेशान हुये बिना अपना पूरा भाषण दिया.

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