आर्यन खान की साजिश में संलिप्तता और मादक पदार्थ की गैरकानूनी खरीद और उपभोग का खुलासा हुआ : एनसीबी

मुंबई. स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने बुधवार को यहां एक विशेष अदालत में कहा कि उसकी जांच में खुलासा हुआ है कि मुंबई तट के नजदीक क्रूज शिप पर प्रतिबंधित मादक पदार्थों की जब्ती के सिलसिले में गिरफ्तार बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान का बेटा आर्यन खान इस मामले में साजिश में, मादक पदार्थों की तस्करी और खरीद तथा उपभोग में संलिप्त था.

आर्यन खान की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई ने स्वापक नियंत्रण ब्यूरो की दलील को ‘स्वाभाविक रूप से बेतुका’ बताते हुए कहा कि जब उसके पास से कोई मादक पदार्थ नहीं मिला तो उसे जमानत मिलने के स्तर पर दंडित नहीं किया जाना चाहिए. देसाई ने अदालत से कहा कि मौजूदा मामले में आरोपी युवा वयस्क हैं और मादक पदार्थ कारोबारी, तस्कर या गिरोह का सदस्य नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘‘कई देशों में ये पदार्थ (ड्रग्स) कानूनी होते हैं. जब जमानत मांगी गयी है तो इस स्तर पर उन्हें दंडित नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने काफी कुछ सह लिया है और सबक सीख गये हैं.’’ स्वापक और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) कानून से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए मनोनीत विशेष न्यायाधीश वी वी पाटिल बुधवार को आर्यन खान की जमानत अर्जी पर सुनवाई कर रहे थे. अदालत बृहस्पतिवार को सुनवाई जारी रखेगी.

जमानत याचिका का विरोध करते हुए एनसीबी ने अदालत में दावा किया कि आर्यन खान पिछले कुछ साल से नशीले पदार्थ ले रहा है और ड्रग्स की खरीद के लिए ऐसे कुछ लोगों से संपर्क में था जो अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ नेटवर्क का हिस्सा लगते हैं. विदेश में किये गये वित्तीय लेनदेन के संबंध में आगे जांच जारी है.

एनसीबी ने अपने हलफनामे में कहा, ‘‘शुरुआती जांच में आवेदक (आर्यन खान) के कुछ अंतरराष्ट्रीय संबंधों की जानकारी मिली है जो प्रथमदृष्टया मादक पदार्थ की अवैध खरीद-फरोख्त की ओर इशारा करती है. जांच के लिए पर्याप्त समय की जरूरत है क्योंकि संबंधित विदेशी एजेंसी से संपर्क करना है.’’

एनसीबी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल अनिल ंिसह ने दलील दी कि अगर एक भी आरोपी को जमानत पर छोड़ा जाता है तो जांच बाधित होगी. उन्होंने अदालत से कहा कि आरोपियों (आर्यन खान और अरबाज मर्चेंट) के वॉट्सऐप चैट में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों और एक विदेशी नागरिक की बातचीत का जिक्र है.

सिंह ने दलील दी, ‘‘पूरा देश मादक पदार्थों की तस्करी से ंिचतित है और इनका सेवन गंभीर अपराध है. दिन रात पार्टियां आयोजित की जाती हैं और लोग इनमें नशीले पदार्थ लेते हैं जिनमें कॉलेज जाने वाले छात्र भी शामिल होते हैं.’’

उन्होंने आर्यन खान की इस दलील का विरोध किया कि उनके पास से कुछ नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि अरबाज मर्चेंट पहले आर्यन खान के घर पर उनसे मिला और फिर वे क्रूज के लिए निकले. सिंह ने कहा, ‘‘एनसीबी के पंचनामा के अनुसार अरबाज के पास मिला नशीला पदार्थ (छह ग्राम चरस) इस्तेमाल किया जाना था. आर्यन खान को इस बारे में जानकारी थी.’’

एनसीबी ने हलफनामे में कहा, ‘‘प्रथमदृष्टया पता चला कि आरोपी संख्या-एक (आर्यन खान) ने आरोपी संख्या- दो (अरबाज मर्चेंट) और आरोपी संख्या-दो से जुड़े स्रोतों से मादक पदार्थ खरीदा जिनके पास से छह ग्राम चरस बरामद किया गया जो उन्होंने होशो-हवास में रखा था.’’

एनसीबी ने हलफनामे में कहा कि इस मामले के आरोपियों पर अलग-अलग से विचार नहीं किया जा सकता क्योंकि शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि सभी आरोपी अपराध करने की साजिश में आपस में करीब से जुड़े हुए हैं या उनका गठजोड़ है जिनमें आर्यन खान भी शामिल हैं.

हलफनामे में कहा गया, ‘‘यह व्यवहारिक नहीं है कि प्रत्येक को एक दूसरे से अलग किया जाए. अपराध की सभी सामग्री, तैयारी, मंशा, अपराध करने की कोशिश और उसपर अमल करने के पहलू इस मौजूदा आवेदक (आर्यन खान) के मामले में भी हैं.’’

गौरतलब है कि आर्यन खान को तीन अक्टूबर को गोवा जा रहे क्रूज शिप पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था. इस समय वह न्यायिक हिरासत में हैं. आर्यन को मुंबई के आर्थर रोड जेल में रखा गया है. मजिस्ट्रेट की अदालत से पिछले सप्ताह जमानत अर्जी खारिज होने के बाद उन्होंने विशेष न्यायाधीश की अदालत में याचिका दाखिल की थी.

एनसीबी ने कहा, ‘‘ मामले में आवेदक (आर्यन खान) की भूमिका और संलिप्तता एनडीपीएस अधिनियम के तहत मादक पदार्थ की अवैध तस्करी सहित गंभीर अपराध है. ऐसा लगता है कि इस आवेदक का अन्य आरोपियों के साथ गठजोड़ था.’’

गौरतलब है कि अदालत अरबाज मर्चेंट, मुनमुन धामेचा, नूपुर सतीजा, अक्षित कुमार, मोहक जायसवाल, श्रेयस अय्यर और अविन साहू की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई कर रही है. अब तक इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

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