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ऑडियो क्लिप विवाद: कुमारस्वामी ने एसआईटी जांच की घोषणा की

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बेंगलुरू/नयी दिल्ली. कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने एक कथित आॅडियो क्लिप की एसआईटी जांच कराये जाने की सोमवार को घोषणा की. कुमारस्वामी ने एक आॅडियो क्लिप जारी की थी जिसमें भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा को कांग्रेस-जद (एस) सरकार गिराने के कथित प्रयास में जद (एस) के एक विधायक को लुभाते हुए सुना जा सकता था.

भावुक विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने इस घटनाक्रम की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किये जाने की ‘‘सलाह’’ दी थी जिसे कुमारस्वामी ने स्वीकार कर लिया. अध्यक्ष ने कहा कि इससे ‘‘सच्चाई का पता लगेगा’’ क्योंकि उनका (कुमार) नाम भी इसमें घसीटा गया है.

व्यथित दिख रहे कुमार ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा, ‘‘सच्चाई का पता लगाने के लिए एसआईटी का गठन करें. पंद्रह दिन में मुझे राहत दी जाये.’’ सदन के सभी सदस्यों ने कहा कि अध्यक्ष को उनकी ईमानदारी के लिए जाना जाता है और उनके पद की गरिमा की रक्षा की जानी चाहिए.

कुमारस्वामी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ आरोप को लेकर वह भी ‘‘दुखी’’ हैं और एसआईटी गठित करने के उनके सुझाव को स्वीकार किया जाता है.

उन्होंने अध्यक्ष से कहा, ‘‘मैं सच्चाई का पता लगाने के लिए एक व्यापक जांच के वास्ते एसआईटी का गठन करने के लिए आपकी अनुमति चाहता हूं.’’ कुमारस्वामी ने कहा था कि कथित बातचीत के दौरान येदियुरप्पा ने भाजपा की मदद के वास्ते इस्तीफा देने वाले विधायकों के पक्ष में फैसला देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को ‘‘50 करोड़ रुपये की पेशकश’’ के बारे में भी बात की थी.

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें शुक्रवार को मुख्यमंत्री से आॅडियो क्लिप और एक पत्र मिला था और वह आश्वस्त नहीं थे कि यह आवाज किसकी है. उन्होंने कहा कि कथित बातचीत के दौरान इसमें कहा गया है कि सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार करने के लिए अनुकूल निर्णय लेने के लिए अध्यक्ष को 50 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था.

कुमार ने कहा, ‘‘व्यक्ति की पहचान और प्रमाणिकता महत्वपूर्ण है. मैं यह दोष नहीं ले सकता. मैं अपनी पत्नी और बच्चों को अपना चेहरा नहीं दिखा सकता.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक मिनट के लिए भी कुर्सी पर नहीं बैठना चाहता. लेकिन मैं जल्दबाजी में कोई भी फैसला नहीं ले रहा हूं.’’

येदियुरप्पा ने कहा था कि ‘‘यदि ये (आरोप) साबित हो जाते हैं तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे. यदि (अध्यक्ष के बारे में) मैंने ऐसा कुछ कहा है, वह साबित हो जाता है तो मैं विधायक के रूप में इस्तीफा दे दूंगा और राजनीति छोड़ दूंगा.’’ भाजपा के वरिष्ठ नेता ईश्वरप्पा ने कहा कि पार्टी को उम्मीद थी कि सदन की समिति का गठन किया जायेगा या न्यायिक जांच के आदेश दिये जायेंगे.

लोकसभा में उठा कर्नाटक का मुद्दा, कांग्रेस के आरोपों को सरकार ने किया खारिज
कर्नाटक में विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़े आॅडियो टेप के मुद्दे पर लोकसभा में सोमवार को हंगामे की स्थिति रही और कांग्रेस ने राज्य में भाजपा पर उसके विधायकों को प्रलोभन देने का आरोप लगाया, वहीं सरकार ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे कांग्रेस के अंदर मचे घमासान का परिणाम बताया.

सदन में शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि उनके लोकसभा क्षेत्र में पड़ने वाली एक विधानसभा क्षेत्र के विधायक को प्रलोभन देकर तमाम आश्वासन दिये गये हैं. उन्होंने कथित टेप बातचीत के अंश भी पढ़े.

केंद्रीय मंत्री और कर्नाटक से सांसद सदानंद गौड़ा ने कहा कि पिछले आठ महीने से राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और जद-एस के बीच लड़ाई चल रही है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के अंदर भी घमासान मचा हुआ है और पिछले दिनों पार्टी के एक विधायक ने अपनी ही पार्टी के दूसरे विधायक की पिटाई की और वह अस्पताल में हैं.

केंद्रीय सांख्यिकी मंत्री गौड़ा ने कांग्रेस सदस्यों पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह राज्य का विषय है और इस मुद्दे पर चर्चा राज्य विधानसभा में होनी चाहिए, जहां सत्र चल रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘यहां यह नौटंकी क्यों हो रही है. वे सीडी को सत्यापित करें.’’ पूर्व प्रधानमंत्री और जद-एस नेता एच डी देवगौड़ा ने सरकार से अनुरोध किया कि कर्नाटक समेत पूरे देश में कहीं ऐसा नहीं हो, इसका प्रयास होना चाहिए.

उन्होंने हाथ जोड़कर लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वह सरकार से कहें कि संविधान में संशोधन कर इस संबंध में नियम बदले जाएं और लोकतंत्र को बचाया जाए.

इसके बाद जब लोकसभा अध्यक्ष ने अंतरिम बजट पर चर्चा शुरू कराई तो कांग्रेस सदस्य खड़गे ने कहा कि हम कर्नाटक के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार इसे स्वीकार नहीं कर रही. इसके बाद कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से वाकआउट कर दिया.

इससे पहले सुबह प्रश्नकाल आरंभ होने के साथ ही कांग्रेस के सदस्यों ने यह विषय उठाया. कर्नाटक मुद्दा एवं अन्य विषयों पर विपक्षी दलों के सदस्यों की नारेबाजी के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका.

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