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कर्नाटक में 18 दिनों बाद भी मंत्रिपरिषद नहीं, सरकार को बर्खास्त किया जाए:कांग्रेस

बेंगलुरु. कर्नाटक में मंत्रिपरिषद की गैरमौजूदगी पर राज्यपाल वजुभाई वाला की ‘‘चुप्पी’’ पर कांग्रेस ने मंगलवार को सवाल उठाते हुए उनसे इस विषय का संज्ञान लेने और बी एस येदियुरप्पा नीत भाजपा ‘‘सरकार को बर्खास्त करने’’ की मांग की.

कांग्रेस प्रवक्ता वी एस उग्रप्पा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘येदियुरप्पा के पदभार (मुख्यमंत्री पद का) संभालने के बाद से 18 दिन बीत गये हैं. फिर भी अब तक मंत्रिपरिषद का गठन नहीं हुआ है, जबकि संविधान कहता है कि राज्यपाल को मंत्रिपरिषद के सहयोग और सलाह से काम करना है.’’

येदियुरप्पा ने 26 जुलाई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और तब से वह बगैर मंत्रियों वाले ‘‘एक व्यक्ति’’ की सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं. मंत्रिमंडल विस्तार पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ परामर्श करने और नामों को अंतिम रूप देने के लिए वह पिछले हफ्ते दिल्ली में थे.

हालांकि, येदियुरप्पा से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राज्य वापस लौटने और बाढ़ राहत कार्यों की निगरानी करने तथा बाढ़ प्रभावितों की जरूरतें पूरी करने को कहा था. मुख्यमंत्री पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात के लिए उनकी दिल्ली की यात्रा के बाद मंत्रिमंडल में विस्तार का फैसला 16 अगस्त के बाद होने की संभावना है.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रथम चरण में सिर्फ 10 से 12 सदस्यों को मंत्रिपरिषद में शामिल किये जाने की संभावना है. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ‘‘मैं राज्यपाल से पूछना चाहता हूं कि संविधान के मुताबिक क्या राज्य में सरकार है ? राज्यपाल को इस विषय का संज्ञान लेना होगा और सरकार को बर्खास्त करना होगा. एक मुख्यमंत्री को मंत्रिपरिषद नहीं कहा जा सकता.’’

कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों के बाढ़ से प्रभावित रहने के समय कैबिनेट की मौजूदगी की जरूरत का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि अहम विभागों वाले मंत्रियों का एक समूह तुरंत फैसले लेने में मदद करता. बाढ़ और लगातार बारिश के चलते राज्य में संकट की स्थिति होने के मद्देनजर उग्रप्पा ने कहा कि वह कुछ दिन इंतजार करेंगे और यदि मंत्रिमंडल का गठन नहीं हुआ, तो वह कानूनी रास्ता अपनाएंगे.

उन्होंने दावा किया कि बाढ़ और बारिश से करीब एक लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है तथा केंद्र को इसे फौरन ही ‘‘राष्ट्रीय आपदा’’ घोषित करना चाहिए और अधिकतम सहायता राशि देनी चाहिए.

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