अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ पुनरुत्थान के रास्ते पर, शेयर बाजारों में बढ़ा है विश्वास: सीतारमण

चंडीगढ़. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ पुनरुत्थान के रास्ते पर है. उन्होंने कहा कि जीएसटी और प्रत्यक्ष कर संग्रह में वृद्धि इसका पुख्ता संकेत देते हैं. सीतारमण ने यह भी कहा कि भारतीय शेयर बाजार को लेकर भरोसा बढ़ा है क्योंकि खुदरा और छोटे निवेशक अब पूरी उत्सुकता के साथ शेयर बाजार में पैसा लगा रहे हैं.

वित्त मंत्री यहां संवाददाताओं को संबोधित कर रही थी. उन्होंने अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने और महामारी से पहले जैसी रफ्तार पकड़ने से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मैं पुनरुत्थान के संकेत साफ देख रही हूं. पुनरूत्थान के ये संकेत अच्छे हैं. अगर ऐसा नहीं होता तो जीएसटी (माल एवं सेवा कर) तथा प्रत्यक्ष कराधान मामले में राजस्व संग्रह उस स्तर पर नहीं होता, जहां यह है.’’

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष कर के मामले में छमाही लक्ष्य पहले ही प्राप्त किये जा चुके हैं. उन्होंने कहा, ‘‘जीएसटी संग्रह औसतन हर महीने 1.11-1.12 लाख करोड़ रुपये के दायरे में है. संभवत: यह कहा जा सकता है कि यह 1.15 लाख करोड़ रुपये प्रति महीने के दायरे में है.’’

सीतारमण ने कहा, ‘‘ये छोटे संकेत नहीं हैं और न ही कोई छिटपुट संकेत हैं. ये स्पष्ट रूप से दशार्तें हैं कि अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ पुनरुत्थान के रास्ते पर बढ़ रही है.’’ शेयर बाजार से जुड़े एक सवाल के जवाब में सीतारमण ने कहा कि बाजार की अपनी समझ है कि वह कंपनियों के साथ क्या व्यवहार करता है. उन्होंने कहा कि कंपनियों की सूचीबद्धता प्रक्रिया और संबंधित नियमनों में पारर्दिशता है.

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘आज खुदरा और छोटे निवेशक शेयर बाजार में रूचि दिखा रहे हैं और निवेश कर रहे हैं. पहले, खुदरा निवेशक म्यूचुअल फंड के जरिये निवेश करते थे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब वे म्यूचुअल फंड के जरिये बाजार में निवेश तो कर ही रहे हैं, साथ ही डिमैट खातों के जरिये सीधे शेयर बाजार में जा (निवेश) रहे हैं. इसीलिए, शेयर बाजार को लेकर आज रूचि बढ़ी है, ज्यादा निवेश हो रहा है तथा और खुदरा निवेश हो रहे हैं. यह जो भी हो रहा है, पारदर्शी तरीके से हो रहा है.’’

सीतारमण ने कहा, ‘‘इसके परिणामस्वरूप भारतीय शेयर बाजार में भरोसा बढ़ रहा है.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या नोटबंदी से जाली मुद्रा पर रोक लगाने में मदद मिली, उन्होंने जवाब दिया, “निश्चित रूप से, इससे जाली मुद्रा पर लगाम लगाने में मदद मिली.” मंत्री ने जोर देकर कहा, “प्रणाली से दो मूल्यवर्ग के नोटों को हटा दिया गया” और काले धन तथा जाली मुद्रा पर निश्चित रूप से लगाम लगाने में मदद मिली.

उन्होंने कहा, “इससे आतंकवाद, आतंकवाद के वित्त पोषण पर असर पड़ा.” यह पूछे जाने पर कि क्या पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाया जाएगा, सीतारमण ने कहा कि जीएसटी लागू होने के समय केंद्र और राज्य सरकारों ने पेट्रोल और डीजल को इसमें शामिल किया था.

उन्होंने कहा, “जीएसटी कानून में एक प्रावधान है जिससे पेट्रोल और डीजल जीएसटी में शामिल हो सकते हैं.” वित्त मंत्री ने कहा, “जब (जीएसटी) परिषद फैसला करेगी कि इसे एक निश्चित दर पर लाया जाए और दर के निर्धारण के बाद इसे भी शामिल कर लिया जाएगा. पेट्रोल और डीजल को शामिल करने के लिए जीएसटी कानून में कोई नया संशोधन नहीं करना होगा. लेकिन परिषद को तय करना है कि इसे कब और किस दर पर लाना है.’’

सीतारमण ने आगे कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है. वित्त मंत्री ने इससे पहले अपने शुरुआती संबोधन में कहा कि मौजूदा सरकार की आर्थिक गतिविधियों के संचालन के मामले में एक सुसंगत सिद्धांत रहा है और वह सिद्धांत है ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’’ कोविड महामारी से उत्पन्न चुनौतियों पर उन्होंनें कहा कि उद्योगों ने भी अपने कामकाज के तौर तरीकों में बदलाव किया है. उन्होंने साथ ही जन धन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि आज 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को इससे लाभ हो रहा है और 40 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले गए हैं.

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