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वित्तमंत्री पीएमसी बैंक के खाताधारकों की चिंता शांत नहीं कर सकीं : कांग्रेस

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मुंबई/नयी दिल्ली. कांग्रेस ने गुरुवार को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के पीएमसी बैंक पर दिए गए बयान को जमाकर्ताओं के बजाय ऋण चूककर्ताओं के लिए राहत करार दिया. सीतारमण ने यहां पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी बैंक के खाताधारों के गुस्से का सामना कर करने के बाद निर्मला बाद में संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि समिति गठित जाएगी जो इस बात पर विचार करेगी कि क्या इस क्षेत्र का प्रबंधन करने वाले कानूनों में बदलाव की जरूरत है.

मुंबई कांग्रेस के उपाध्यक्ष चरण ंिसह सापरा ने कहा, ‘‘ बैंक के विलय या उसे पुनर्जीवित करने की किसी योजना की घोषणा नहीं की गई. जो भी उन्होंने (सीतारमण) बोला वह केवल दिखावटी और धोखा देने के लिए है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ उनका बयान केवल गबन करने वाले के लिए राहत है खाताधारकों के लिए नहीं. उन्होंने 16 लाख खाताधारकों की ंिचता शांत नहीं कि क्या उनके पैसे सुरक्षित हैं.’’

सापरा ने कहा, ‘‘ अगर दो रात में सरकार आरे कॉलोनी में हजारों पेड़ों की कटाई कर सकती है तो क्या 17 दिनों में वह पीएमसी बैंक संकट का समाधान नहीं कर सकती? आज मंत्री ने समिति बनाने और भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर से बात करने का वादा किया.’’ उल्लेखनीय है कि पीएमसी बैंक 4500 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आने के बाद संकट का सामना कर रहा है. आरोप है कि बैंक के शीर्ष अधिकारियों ने ऋण चूककर्ता एचडीआईएल के कर्ज को छिपाया, यह बैंक द्वारा दिए कर्ज का 70 फीसदी है.

अगर चीन की नजर कश्मीर पर हैं तो प्रधानमंत्री क्यों नहीं कहते, हमारी नजर हांगकांग पर हैं : कांग्रेस
चीनी राष्ट्रपति के दौरे से पहले कांग्रेस ने गुरुवार को सवाल किया कि शी चिनंिफग जब यह कहते हैं कि उनकी नजर कश्मीर पर है तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह क्यों नहीं कहते कि भारत भी हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन का गला घोंटा जाना देख रहा है.

कांग्रेस ने चीन द्वारा भारत के आंतरिक मामलों को लक्ष्य किये जाने से रोकने में विफल रहने पर मोदी सरकार की आलोचना की. पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने ट्विटर पर कहा, ‘‘शी चिनंिफग कहते हैं कि उनकी नजर जम्मू-कश्मीर पर है, तो प्रधानमंत्री मोदी या विदेश मंत्रालय क्यों नहीं कहता कि भारत हांगकांग में लोकतंत्र को लेकर जारी प्रदर्शन का मुंह बंद किया जाना देख रहा है. हम ंिशजियांग में हो रहे मानवाधिकार के उल्लंघन, तिब्बत और दक्षिण चीन सागर में चीन के दखल पर नजर बनाए हुए हैं.’’

उन्होंने कहा कि जब चीन पाक अधिकृत कश्मीर और उसे वापस लेने की बात बार-बार करता है तो भारत चीन से अक्साई चिन के बारे में पूछे जिसे पाकिस्तान ने ‘‘अवैध रूप से उसे दे दिया’’ तिवारी ने पूछा कि जिस तरह चीन कश्मीर मुद्दा उठाता रहता है उसी तरह भारत क्यों नहीं ंिशजियांग में मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा उठाता है.

कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, ‘‘राजग/भाजपा में सभी पाक अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान को पाक से वापस लेने के लिये जोर-शोर से बात करते हैं लेकिन उनमें से किसी में भी यह कहने की हिम्मत नहीं है कि हम चीनियों से अक्साई चिन वापस लेंगे जो 1963 में पाकिस्तान द्वारा उसे अवैध रूप से दे दिया गया था. क्या भारत का प्रधानमंत्री कार्यालय शी के समक्ष अक्साई चिन की वापसी का मुद्दा उठाएगा?’’

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