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अगर मेरा परिवार भारत को तोड़ना चाहता तो कोई हिंदुस्तान होता ही नहीं :फारूक अब्दुल्ला

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श्रीनगर/जम्मू. अब्दुल्ला और मुफ्ती परिवार पर देश को तोड़ने की कोशिश करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोपों के एक दिन बाद नेशनल कान्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को पलटवार करते हुए कहा कि अगर उनका परिवार भारत को तोड़ना चाहता तो ‘कोई ंिहदुस्तान होता ही नहीं.’

कठुआ जिले में रविवार को जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अब्दुल्ला और मुफ्ती पर निशाना साधते हुए कहा था कि दोनों परिवारों ने जम्मू कश्मीर की तीन पीढ़ियों को बर्बाद कर दिया और वह उन्हें भारत को बांटने नहीं देंगे. अब्दुल्ला ने जवाब में कहा कि मोदी ही देश को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह कामयाब नहीं होंगे.

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पार्टी सभी लोगों के कल्याण के लिए लड़ती है चाहे मुस्लिम हों, ंिहदू हों, सिख हों, ईसाई हों या बौद्ध हों. हम लड़ते रहेंगे. मोदी पूरी ताकत लगा दें तो भी भारत को नहीं तोड़ पाएंगे. मैं आपको आज यहां से बताना चाहता हूं कि आप तोड़ने की कोशिश करेंगे, लेकिन भारत टूटेगा नहीं. आप अब्दुल्ला परिवार पर भारत को विभाजित करने की कोशिश का आरोप लगाते हैं, अगर हमें भारत को तोड़ना चाहते तो कोई भारत नहीं होता.’’

यहां सिटी सेंटर के पास कार्यकर्ता रैली को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी को याद रखना चाहिए कि जब 1996 में राज्य में कोई चुनाव नहीं लड़ना चाहता था तो उन्हीं ने देश का झंडा उठाया था.

उन्होंने कहा, ‘‘मोदी को याद करना चाहिए कि 1996 में जब कोई चुनाव के लिए तैयार नहीं था, तो मैं था जो आगे बढ़ा जबकि मेरे सहयोगियों ने कहा कि हमें चुनाव नहीं लड़ना चाहिए. लेकिन मैं चाहता था कि जनता कठिनाइयों से उबरे. मैंने यह बीड़ा उठाया और मुश्किल वक्त में आगे बढ़ा. आपको (मोदी) यह बात कभी नहीं भूलनी चाहिए. तब यहां कोई नहीं था, लेकिन अब आप चिल्ला रहे हैं.’’

केंद्र द्वारा मजबूत राजद्रोह कानून बनाने संबंधी केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ ंिसह के बयान का जिक्र करते हुए अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘आप क्या करते हैं, हम देखेंगे. लेकिन मोदी और भाजपा कश्मीरियों का दिल नहीं जीत सकते.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप कहते हैं कि हम वफादार नहीं हैं, अगर हम वफादार नहीं, तो तुम भी तो दिलदार नहीं. आप कहते हैं कि हम आपके अटूट अंग हैं. हम कैसे आपके अटूट अंग हैं? कहां हैं? यह झूठ है. अगर हम आपके अटूट अंग हैं तो हमारे साथ न्याय कीजिए.’’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह देश को बर्बाद कर रहे हैं और वे कश्मीर में चुनावी रैली करके दिखाएं.

उन्होंने कहा, ‘‘मोदी कहां रैली करते हैं? कठुआ में, अखनूर में. वह कश्मीर में मुसलमानों को संबोधित नहीं करते क्योंकि जानते हैं कि उन्होंने उनके साथ विश्वासघात किया है. आपने जब आवाज नहीं उठाई जब पाकिस्तान जाने से इनकार करने वाले और भारत को कबूल करने वाले भारतीय मुस्लिमों पर आपके लोगों ने हमला किया. क्या वे भारतीय नहीं थे? क्या उन्होंने भारत के लिए अपना खून नहीं बहाया?’’

अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘जब जलियांवाला बाग में जनरल डायर ने लोगों को मारा तो कौन नेता लड़ा था? उनका नाम सैफुद्दीन किचलू था. वह बारामूला के रहने वाले कश्मीरी थे. और मारे गये सैकड़ों लोग कश्मीर से थे. क्या आपको उनकी याद भी है या क्या आपने कभी किचलू का नाम लिया? आप केवल उन्हें याद रखते हैं जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या की. भारत में गोडसे का मंदिर बनाया जाता है और आप कुछ नहीं कहते. क्या मुसलमान भारत का हिस्सा नहीं हैं? हम देश को नहीं बांट रहे, लेकिन आप बांट रहे हैं, वो भी धार्मिक आधार पर. आप और अमित शाह भारत को बर्बाद कर रहे हैं. इसलिए हम पर आरोप मत लगाइए.’’

अब्दुल्ला ने 2014 के विधानसभा चुनाव के बाद के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा के कुछ लोग उन्हें देखने अस्पताल आये थे जहां उनका इलाज चल रहा था और वे चाहते थे कि नेशनल कान्फ्रेंस का भाजपा के साथ गठबंधन हो जाए.

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैंने उनसे कहा कि मैं अस्पताल में हूं और इस चीज से मेरा कोई लेनादेना नहीं है. मुझे खुशी है कि उमर अब्दुल्ला ने उन लोगों से हाथ नहीं मिलाया जिनके हाथ मुसलिमों के खून से रंगे थे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं मोदी को बताना चाहता हूं कि फारूक अब्दुल्ला अपने जीते जी आपको समर्थन नहीं देगा. आप जो चाहें कर लें लेकिन आप हमारा विश्वास हासिल नहीं कर सकते.’’

नेशनल कान्फ्रेंस अध्यक्ष ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि भाजपा उन्हें धन प्रलोभन देने की कोशिश करेगी. उन्होंने कहा, ‘‘वे आपके पास पैसे लेकर आएंगे. उनके पास राफेल सौदे का करीब 30 हजार करोड़ रुपये है.’’ रैली को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर के लोगों को राज्य के सामने आ रहीं चुनौतियों और षड्यंत्रों को समझना होगा.

महबूबा के खिलाफ ‘‘राष्ट्रद्रोही’’ ट्वीट को लेकर शिकायत
जम्मू के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के खिलाफ उनके ‘‘राष्ट्रद्रोही’’ ट्वीट को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की है और आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. सामाजिक कार्यकर्ता ने महबूबा के आठ अप्रैल को किये गए ट्वीट का उल्लेख किया है.

उन्होंने ट्वीट किया था, ‘‘अदालत में समय क्यों गंवायें. भाजपा द्वारा अनुच्छेद 370 समाप्त करने का इंतजार करें. वह हमें स्वत: ही चुनाव लड़ने से रोक देगा क्योंकि तब भारतीय संविधान जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होगा.’’ सामाजिक कार्यकर्ता सुकेश सी खजूरिया ने कहा कि उन्होंने शिकायत निष्पक्ष चुनाव के हित में दायर की है और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ राज्य के जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951, सूचना प्रौद्योगिकी कानून और आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

महबूबा अनंतनाग सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं. खजूरिया राज्य सरकार की ओर से गठित प्रमुख नागरिक परामर्श समिति का हिस्सा रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘लोकसभा चुनाव की उम्मीदवार के नाते महबूबा ने भारतीय संविधान में अपनी शपथ की पुष्टि की है लेकिन उनका ट्वीट स्पष्ट तौर पर राष्ट्रद्रोही है जिसने देश की एकता और अखंडता को खतरे में डाला.’’

उन्होंने कहा, ‘‘महबूबा ने जानबूझकर भारत सरकार के प्रति असंतोष को भड़काने का प्रयास किया जो कि प्रथमदृष्टया एक राष्ट्रद्रोह का अपराध है. उन्होंने वर्गों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने का अपराध किया है जो कि रनबीर दंड संहिता और आईटी कानून, 2002 सहित राज्य के कानूनों के तहत दंडनीय है.’’

सामाजिक कार्यकर्ता ने अपनी शिकायत की एक प्रति राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी शैलेंद्र कुमार को भी सौंपी. शिकायत में कहा गया है कि महबूबा का ‘‘राष्ट्रद्रोही’’ ट्वीट ‘‘ंिहसा और अव्यवस्था भड़काने वाला’’ है. उन्होंने पीडीपी नेता के खिलाफ इसी तरह की शिकायत गत 12 अप्रैल को जम्मू के जिला मजिस्ट्रेट रमेश कुमार से की थी.

महबूबा के वाहनों के काफिले पर नाराज स्थानीय लोगों ने किया पथराव
जम्मू कश्मीर के खीरम इलाके में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के वाहनों के काफिले पर कुछ युवाओं ने सोमवार को उस समय पथराव किया जब वह चुनावी अभियान के दौरान एक दरगाह से लौट रही थीं. इस घटना में उनका एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया. अधिकारियों ने बताया कि महबूबा खीरम दरगाह में गई थी और वहां से दुआ मांगने के बाद वापस लौट रही थीं, इसी दौरान यह हमला हुआ. इस दरगाह में स्थानीय मुस्लिम लोगों की बड़ी आस्था है.

उन्होंने बताया कि पथराव में स्पेशल र्सिवसेज गार्ड का एक जवान घायल हो गया. मौजूदा और पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस में से इस बल का गठन किया गया है. अधिकारी ने बताया कि महबूबा के काफिले का एक वाहन भी इस पथराव में क्षतिग्रस्त हो गया.

उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद पुलिस ने युवाओं का पीछा किया और बाद में उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया. इस हमले में पीडीपी अध्यक्ष सहित सभी लोग सुरक्षित हैं. प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 2014 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद पीडीपी के भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर ये युवा गुस्से में थे और इसी नाराजगी को जाहिर करने के लिए उन्होंने ऐसा किया है.

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