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भारत, पाक ने करतारपुर गलियारे पर ‘सौहार्दपूर्ण वातावरण’ में बातचीत की

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अटारी/नयी दिल्ली/इस्लामाबाद. संबंधों में बढ़े तनाव के बीच पाकिस्तान के करतारपुर शहर में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को पंजाब के गुरदासपुर शहर से जोड़ने वाला गलियारा बनाने के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों की बैठक बृहस्पतिवार को यहां सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई.

बातचीत के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि दोनों पक्षों ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं और प्रावधानों को लेकर विस्तृत और रचनात्मक बातचीत की और करतारपुर साहिब गलियारे को जल्द चालू करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई. यह बैठक अटारी वाघा सीमा पर भारतीय हिस्से में हुई.

बयान में कहा गया, ‘‘तीर्थयात्रियों को करतारपुर गलियारे का उपयोग करते हुए गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जाने की सुविधा मुहैया कराने की परियोजना के तौर-तरीकों और मसौदा समझौते पर चर्चा के लिये पहली बैठक आज अटारी, भारत में सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित की गई.

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा बलों पर आतंकी हमला होने, इसके बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के बालाकोट स्थित शिविरों पर भारत की ओर से हवाई हमला किए जाने और फिर पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई करने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बहुत बढ़ जाने के बीच हुई.

बयान के अनुासर दो अप्रैल को अगली बैठक वाघा में आयोजित करने पर सहमति बनी और इससे पहले 19 मार्च को प्रस्तावित जीरो प्वाइंट पर तकनीकी विशेषज्ञों की बैठक होगी, जिसमें गलियारे के एलाइनमेंट को अंतिम रूप दिया जाएगा.

पिछले साल नवंबर में भारत और पाकिस्तान ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब को गुरदासपुर स्थित डेरा बाबा नानक से जोड़ने के लिए करतारपुर गलियारे का निर्माण करने पर सहमत हुए थे. गुरुद्वारा दरबार साहिब में सिख पंथ के संस्थापक गुरु नानकदेव ने अपना अंतिम समय व्यतीत किया था.

करतारपुर साहिब पाकिस्तान में पंजाब के नरोवाल जिले में है. रावी नदी के दूसरी ओर स्थित करतारपुर साहिब की डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से दूरी करीब चार किमी है. बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव एससीएल दास ने किया जबकि पाकिस्तानी टीम की अगुवाई पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के डीजी (दक्षिण एशिया और दक्षेस) डॉ. मोहम्मद फैसल ने की.

बयान में कहा गया, ‘‘दोनों पक्षों ने विभिन्न पहलुओं और प्रस्तावित समझौते के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत और रचनात्मक बातचीत की और करतारपुर साहिब गलियारे को तेजी से चालू करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई.’’

बयान में यह भी कहा गया कि दोनों पक्षों ने प्रस्तावित गलियारे के एलाइनमेंट और अन्य विवरणों पर तकनीकी विशेषज्ञों के बीच विशेषज्ञ स्तर की वार्ता भी की उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और पंजाब के मुख्यमंत्री अमंिरदर ंिसह ने पिछले साल 26 नवंबर को गुरदासपुर जिले में करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखी थी. दो दिन बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने लाहौर से 125 किमी दूर, नरोवाल में गलियारे की आधारशिला रखी थी.

करतापुर गुरुद्वारे तक श्रद्धालुओं के लिए वीजा मुक्त प्रवेश चाहता है भारत
भारत ने पाकिस्तान से मांग की है कि वह करतारपुर स्थित ऐतिहासिक गुरूद्वारे तक जाने के लिए प्रतिदिन 5,000 श्रद्धालुओं को वीजा मुक्त प्रवेश की सुविधा दे. यहां बृहस्पतिवार को हुई एक बैठक में भारत ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के सामने यह मांग उठाई . पंजाब के गुरदासपुर जिले एवं सीमा पार स्थित करतारपुर साहिब के बीच नियोजित गलियारे को खोलने पर चर्चा करने के लिए यह बैठक हुई.

गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव एस सी एल दास ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारी तरफ से हमने शुरुआती चरण में कम से कम 5,000 श्रद्धालुओं को प्रतिदिन पवित्र गुरुद्वारा जाने की अनुमति देने की मांग की है.’’ पुलवामा आतंकवादी हमले और फिर जवाबी हवाई हमले के बाद बढ़े तनाव के बाद से यह भारतीय एवं पाकिस्तानी शिष्टमंडल के बीच हुई पहली मुलाकात है.

दास ने बताया कि भारत ने भारतीयों एवं भारतीय मूल के लोगों दोनों के लिए गुरुद्वारे तक पहुंच की मांग की है. दास ने बताया कि भारत ने इस बात पर जोर दिया कि गलियारा में आवाजाही पूरी तरह वीजा मुक्त होनी चाहिए. उन्होंने बताया, ‘‘किसी दस्तावेज या प्रक्रिया के रूप में अन्य कोई बाधा नहीं होनी चाहिए.’’

भारत यह भी चाहता है कि पाकिस्तान उन श्रद्धालुओं को भी गुरुद्वारे आने की अनुमति दे जो वहां पैदल जाना चाहते हैं. इससे पहले आए बयान में कहा गया था कि करतारपुर गलियारा खोलने के साधनों पर चर्चा करने के लिए भारत एवं पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच बैठक ‘‘मैत्रीपूर्ण माहौल’’ में हुई.

करतारपुर गलियारे पर पहली बैठक ‘‘सार्थक’’ : पाकिस्तान
करतारपुर गलियारा बनाने के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच बृहस्पतिवार को पहली बैठक ‘‘सार्थक’’ रही और ‘सौहार्दपूर्ण वातावरण’ में बातचीत हुई. विदेश कार्यालय ने यह कहा है.

भारत और पाकिस्तान पिछले साल करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से जोड़ने के लिए गलियारा बनाने को सहमत हुए थे. सिख पंथ के संस्थापक गुरु नानक देवजी ने करतारपुर में अंतिम समय बिताया था.

बैठक अटारी-बाघा सीमा पर भारतीय क्षेत्र में हुई. पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत,पाकिस्तान के रिश्तों में बढ़े तनाव के बीच यह बैठक हुई है. पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैसल ने बैठक के बारे में बताया कि वार्ता सार्थक रही.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा के बाद पाकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल वापस आया.’’ फैसल ने उल्लेख किया, ‘‘लंबे समय बाद पाकिस्तान, भारत का संयुक्त तौर पर पहला प्रेस वक्तव्य.’’ बातचीत के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि दोनों पक्षों ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं और प्रावधानों को लेकर विस्तृत और रचनात्मक बातचीत की और करतारपुर साहिब गलियारे को जल्द चालू करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई.

प्रस्तावित गलियारे को लेकर दोनों ओर से तकनीकी विशेषज्ञों की भी चर्चा हुई. बयान के अनुसार दो अप्रैल को अगली बैठक वाघा में आयोजित करने पर सहमति बनी और इससे पहले 19 मार्च को प्रस्तावित जीरो प्वाइंट पर तकनीकी विशेषज्ञों की बैठक होगी, जिसमें गलियारे के एलाइनमेंट को अंतिम रूप दिया जाएगा.

पिछले साल नवंबर में भारत और पाकिस्तान ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब को गुरदासपुर स्थित डेरा बाबा नानक से जोड़ने के लिए करतारपुर गलियारे का निर्माण करने पर सहमत हुए थे. गुरुद्वारा दरबार साहिब में सिख पंथ के संस्थापक गुरु नानकदेव ने अपना अंतिम समय व्यतीत किया था.

करतारपुर साहिब पाकिस्तान में पंजाब के नरोवाल जिले में है. रावी नदी के दूसरी ओर स्थित करतारपुर साहिब की डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से दूरी करीब चार किलोमीटर है.

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