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सीएए पर पीछे हटने का सवाल नहीं: रविशंकर प्रसाद

नयी दिल्ली/देहरादून. केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि संशोधित नागरिकता कानून :सीएए: के मसले पर पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है, हालांकि सरकार इसका विरोध कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास करेगी.

यहां आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण की र्सिकट बेंच का उदघाटन करने के बाद प्रसाद ने कहा, ‘आखिरकार पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के प्रताड़ित धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारत में नागरिकता क्यों नहीं दी जानी चाहिए ? …. सीएए पर हमारे पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है.’ धर्मों के प्रति भारत के उदार दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए उन्होंने पारसियों का उदाहरण दिया जिन्होंने इस देश को अपना घर बना लिया.

उन्होंने कहा कि सीएए का विरोध कर रहे लोगों को सरकार समझाने का प्रयास करेगी. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सोये हुए लोगों को तो जगाया जा सकता है लेकिन जागते हुए सो रहे लोगों को नहीं. केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘ हम सीएए पर पीछे नहीं हट सकते लेकिन हम लोगों को समझाना जारी रखेंगे . हालांकि, सच्चाई यह है कि हम केवल उन्हीं लोगों को जगा सकते हैं जो सो रहे हैं न कि उन्हें जो जागते हुए सो रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘ भारत ंिजदादिल लोगों का देश है और यह गुण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अहमदाबाद में भारी संख्या में लोगों के जबरदस्त स्वागत में भी दिखा . लेकिन उसी के साथ हम एक सख्त देश भी हैं जिसे डराया नहीं जा सकता.’ केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के सिद्धांतों का सार बताते हुए उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी ंिसह दिनकर की प्रसिद्ध पंक्तियों ‘ क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो.’ का उल्लेख भी किया.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सउदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, मस्कट, बहरीन, अफगानिस्तान और इजरायल सहित करीब छह देशों ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया है .

न्यायमूर्ति मुरलीधर का तबादला न्यायालय के कॉलेजियम की सिफारिश के तहत किया गया
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एस. मुरलीधर का तबादला उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम की सिफारिश के बाद किया गया और साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर नियमित स्थानांतरण पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया.

उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर का तबादला सुस्थापित प्रक्रिया के तहत पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय किया गया है. कांग्रेस के मुरलीधर के तबादले को लेकर सरकार पर निशाना साधने के बाद उन्होंने यह बयान दिया. पार्टी ने आरोप लगाया था कि दिल्ली ंिहसा मामले में भाजपा नेताओं को बचाने के लिए सरकार ने न्यायाधीश का तबादला किया.

प्रसाद ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए ट्वीट किया, ‘‘ नियमित स्थानांतरण का राजनीतिकरण करके कांग्रेस ने एक बार फिर न्यायपालिका के प्रति अपना सम्मान दिखा दिया.’’ मंत्री ने कहा, ‘‘ माननीय न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर का तबादला 12 फरवरी को भारत के प्रधान न्यायाधीश के नेतृत्व में उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिश के तहत किया गया.’’

उन्होंने कहा कि न्यायाधीश का तबादला करने से पहले उनकी सहमति ली गई थी. प्रसाद ने कहा कि देश के लोगों ने कांग्रेस को नकार दिया है, इसके बावजूद लगातार हमले जारी रख वह भारत के हर संस्थान को बर्बाद करने को उतारू है. न्यायाधीश लोया की मौत पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ट्वीट का जिक्र करते हुए कानून मंत्री ने कहा कि लोया का मामला उच्चतम न्यायालय ने सही से निपटाया था.

उन्होंने कहा, ‘‘ उस पर सवाल उठाना मतलब शीर्ष अदालत के फैसले पर उंगली उठाने जैसा है. क्या राहुल गांधी खुद को उच्चतम न्यायालय से ऊपर मानते हैं.’’ गांधी ने आज सुबह ट्वीट किया था, ‘‘ बहादुर न्यायाधीश लोया को याद कर रहा हूं, जिनका तबादला नहीं किया गया था.’’ प्रसाद ने कहा कि सरकार न्यायपालिका की स्वतंत्रता का सम्मान करती है.

उन्होंने कहा, ‘‘न्यायपालिका की स्वतंत्रता से समझौता करने में कांग्रेस का रिकॉर्ड है, आपातकाल के दौरान उच्चतम न्यायालय के न्यायधीशों को निकाल दिया गया था. वे तभी खुश होते हैं जब उनके पक्ष में फैसला आए नहीं तो वे संस्थान पर ही सवाल उठा देते हैं.’’

प्रसाद ने कहा कि एक पार्टी जो ‘‘ एक परिवार की निजी सम्पत्ति है’’ उसे आपत्तिजनक भाषणों पर व्याख्यान करने का कोई अधिकार नहीं है. मंत्री ने कहा, ‘‘ परिवार और उसके साथियों ने हमेशा अदालत, सेना, कैग, प्रधानमंत्री और देश के लोगों के खिलाफ कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया है.’’

विकास के लिये कर का भुगतान ईमानदारी से कीजिए: प्रसाद
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि विकास कार्यों के लिए देश में अधिक धन इकटठा हो इसके ज्यादा से ज्यादा लोगों को ईमानदारी से अपने कर का भुगतान करना चाहिए. यहां आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण की र्सिकट बेंच का उदघाटन करने के बाद प्रसाद ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की इस ंिचता से सहमत हैं कि देश की कुल जनसंख्या का एक बहुत छोटा प्रतिशत कर का भुगतान कर रहा है .

उन्होंने कहा, ‘130 करोड की जनसंख्या वाले देश में केवल दो करोड लोग टैक्स पेइंग प्रोफेशनल्स की श्रेणी में आते हैं . जहां लोग समृद्ध हो रहे हैं, क्या वहां यह उचित है?’ केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘मोदी के नेतृत्व में हम एक ज्यादा ईमानदार भारत बनाने का प्रयास कर रहे हैं . ज्यादा से ज्यादा लोगों को ईमानदारी से अपना कर भरना चाहिए . सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इससे इकटठा हुआ पैसा देश के विकास में लगे.’

प्रसाद ने कहा कि देहरादून में न्यायाधिकरण की र्सिकट बेंच स्थापित होने से राज्य के लोगों को अपील की सुनवाई के लिये बार-बार दिल्ली जाने में होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ंिसह रावत ने प्रसाद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देहरादून में न्यायाधिकरण की र्सिकट बेंच राज्य के लोगों के लिये एक बहुत बडा उपहार है जिससे राज्य के लोगों के समय और धन दोनों की बचत होगी.

उत्तराखंड के नयी दिल्ली बेंच में लंबित चल रहे 800 मामलों को इस नई बेंच को स्थानांतरित कर दिया जायेगा. न्यायाधिकरण के अध्यक्ष पीपी भटट ने कहा कि देहरादून में न्यायाधिकरण की र्सिकट बेंच की स्थापना न्याय को जनता के दरवाजे तक पहुंचाने का प्रयास है.

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