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बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए कश्मीर विवाद : फारुक

श्रीनगर. नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच एक ‘‘विवाद’’ है, जिसे सैन्य ताकत से नहीं बल्कि बातचीत के जरिये सुलझाये जाने की आवश्यकता है.

श्रीनगर से सांसद अब्दुल्ला अपनी मां बेगम अकबर जहां की 19वीं बरसी पर हजरतबल में आयोजित एक कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘‘कश्मीर दोनों देशों (भारत और पाकिस्तान) के बीच एक विवाद है. वे जो भी कहें, लेकिन यह एक विवाद है. यह मुद्दा अब तक संयुक्त राष्ट्र में है. संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षक अब तक यहां और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद हैं.’’ उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) के दोनों ओर के लोगों के बीच बातचीत से ही यह मुद्दा सुलझेगा.

उन्होंने कहा, ‘‘यह तभी सुलझेगा जब भारत और पाकिस्तान के लोग एक दूसरे से बातचीत करेंगे और फिर अन्य से बात करेंगे… इसे किया जाना चाहिए ताकि कोई यह नहीं सोचे कि जो समाधान निकाला गया है उससे भारत या पाकिस्तान या फिर जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों को नुकसान हुआ है.’’

आतंकवाद के खात्मे के बाद ही बातचीत शुरू करने पर भारत के जोर देने का हवाला देते हुए अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘अफगानिस्तान में अब भी बंदूकें गरज रही हैं लेकिन वहां बातचीत अब भी चल रही है. आखिर यह नीति यहां क्यों नहीं अपनायी जा सकती है?’’ उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिये बातचीत का कोई विकल्प नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘‘सैन्य ताकत या सेना अथवा एनआईए समेत बल प्रयोग से कुछ हासिल नहीं होगा.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या वार्ता में कश्मीर में मौजूद हुर्रियत कांफ्रेंस समेत सभी पक्षकारों को शामिल किया जायेगा, इस पर उन्होंने कहा कि बातचीत सभी के साथ होनी चाहिए.

उन्होंने इस समय जारी अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग के एक हिस्से पर आम नागरिकों के वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध के आदेश को हटाने की भी मांग की.

उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह मुद्दा संसद में उठाया है. मैंने कश्मीर के संभागीय आयुक्त का बयान देखा है कि कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. यह झूठ है. मैंने खुद देखा है कि कई जगहों पर लोगों को रोका जा रहा है. यह आदेश गलत है और इसे हटाया जाना चाहिए.’’ नेकां अध्यक्ष ने दावा किया कि ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा हकीकत में कहीं लागू होता नहीं दिख रहा है.

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