अयोध्यादेश

राममंदिर की आधारशिला मोदी को रखनी चाहिए: रामदेव

बेंगलुरू/लखनऊ. योगगुरु बाबा रामदेव ने शनिवार को कहा कि अयोध्या में राममंदिर की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रामनवमी पर रखनी चाहिए. रामदेव ने कहा कि राममंदिर महान वैदिक परंपरा का प्रतिंिबब होना चाहिए. मंदिर नगर उडुपी में पांच दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर के लिए पहुंचे स्वामी रामदेव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अयोध्या में राममंदिर ऐसा बनना चाहिए जिससे यह वेटिकन, मक्का और अमृतसर में स्वर्णमंदिर की तरह ंिहदुओं के लिए एक महान तीर्थस्थल बने.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मंदिर महान वैदिक परंपराओं का प्रतिंिबब होना चाहिए. हमारी उम्मीद है कि अयोध्या राम जन्मभूमि ट्रस्ट के जरिये एक आध्यात्मिक ज्ञान का केंद्र बने.’’

मुस्लिम पक्षकार अयोध्­या मामले पर निर्णय के खिलाफ अपील दाखिल करने के इच्­छुक
मुस्लिम पक्षकारों ने अयोध्­या मामले पर हाल में आये उच्­चतम न्­यायालय के निर्णय के खिलाफ अपील दाखिल किये जाने की इच्­छा जताते हुए शनिवार को कहा कि मुसलमानों को बाबरी मस्जिद के बदले कोई जमीन भी नहीं लेनी चाहिये. इन पक्षकारों ने आॅल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी से नदवा में मुलाकात के दौरान यह ख्­वाहिश जाहिर की.

बोर्ड के सचिव जफरयाब जीलानी ने ‘भाषा’ को बताया कि मौलाना रहमानी ने रविवार को नदवा में ही होने वाली बोर्ड की र्विकंग कमेटी की महत्­वपूर्ण बैठक से पहले रामजन्­मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले से जुड़े विभिन्­न मुस्लिम पक्षकारों को राय जानने के लिये बुलाया था.

उन्­होंने बताया कि मामले के मुद्दई मुहम्­मद उमर और मौलाना महफूजुर्रहमान के साथ-साथ अन्­य पक्षकारों हाजी महबूब, हाजी असद और हसबुल्­ला उर्फ बादशाह ने मौलाना रहमानी से मुलाकात के दौरान कहा कि उच्­चतम न्­यायालय का निर्णय समझ से परे है, लिहाजा इसके खिलाफ अपील की जानी चाहिये. इसके अलावा एक अन्­य पक्षकार मिसबाहुद्दीन ने भी फोन पर बात करके यही राय जाहिर की.

जीलानी ने बताया कि इन पक्षकारों ने यह भी कहा कि मुसलमानों को बाबरी मस्जिद के बदले कोई जमीन नहीं लेनी चाहिये. मालूम हो कि उच्­चतम न्­यायालय ने रामजन्­मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में गत नौ नवम्­बर को फैसला सुनाते हुए विवादित स्­थल पर राम मंदिर का निर्माण कराने और मुसलमानों को मस्जिद निर्माण के लिये अयोध्­या में किसी प्रमुख स्­थान पर पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव जीलानी ने इस निर्णय में अनेक विरोधाभास बताते हुए कहा था कि वह इससे संतुष्­ट नहीं हैं. अब रविवार को नदवा में बोर्ड की र्विकंग कमेटी इस निर्णय के खिलाफ अपील करने या न करने तथा मस्जिद के लिये जमीन के मसले पर कोई फैसला लिया जाना है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close