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नोटबंदी पर सरकार को घेरा, लोकपाल बनता तो प्रधानमंत्री उसके समक्ष होते पहले आरोपी

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नयी दिल्ली. नोटबंदी के फैसले पर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने सोमवार को सरकार को घेरने का प्रयास किया, वहीं सरकार ने पलटवार करते हुए कहा कि संप्रग के समय तबाह हुई अर्थव्यवस्था को मोदी सरकार वापस पटरी पर लाई है और नोटबंदी के बाद से कर चोरी रुकी है तथा करदाताओं की संख्या बढ़ी है.

लोकसभा में अंतरिम बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि अंतरिम बजट को सरकार के पिछले पांच साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड कहा जा सकता है. मोइली ने कहा कि नोटबंदी के रूप में सरकार ने ‘पाप’ किया है और जनता इसके लिए माफ नहीं करेगी.

अन्नाद्रमुक के एम तंबिदुरै ने भी सरकार को नोटबंदी को लेकर आड़े हाथ लिया और कहा कि सरकार के इस फैसले से देश को कुछ हासिल नहीं हुआ, बल्कि छोटे कारोबारी बर्बाद हो गये. असंगठित क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है. हालांकि उन्होंने कहा कि अब अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है.

चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन ंिसह पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में ‘अर्थशास्त्रियों के समूह’ ने हमारी अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया था जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस सरकार ने दुनिया की सबसे अच्छा प्रदर्शन करती अर्थव्यवस्था बनाया है.

उन्होंने कहा कि नोटबंदी दरअसल नोटबदली थी और इसके बाद कर चोरी रुकी है तथा करदाताओं की संख्या बढ़ी है. मोइली ने रक्षा बजट का उल्लेख करते हुए राफेल सौदे को ‘घोटाले’ की संज्ञा दी और कहा कि प्रधानमंत्री ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ की बात कहते हैं लेकिन इस मामले में रोज नयी चीजें सामने आ रही हैं.

मोइली ने कहा कि यह स्पष्ट है कि सरकार ने अब तक लोकपाल की नियुक्ति क्यों नहीं की है. उन्होंने दावा किया कि ‘‘अगर लोकपाल बन गया होता तो इसके समक्ष प्रधानमंत्री पहले आरोपी होते.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने महिलाओं, सामाजिक न्याय के लिए बजट आवंटन में कटौती की और अपने प्रचार पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए. उन्होंने कहा कि जीएसटी से छोटे कारोबारियों की हालत खराब हो गई और निवेश के मामले में भी यह सरकार फिसड्डी साबित हुई है.

सरकार पर विभिन्न मुद्दों पर असत्य बोलने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘‘राफेल की हार होगी और राहुल गांधी की जीत होगी.’’ कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन ंिसह पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि पिछली सरकार में ‘अर्थशास्त्रियों के समूह’ ने हमारी अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया था जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस सरकार ने दुनिया की सबसे अच्छा प्रदर्शन करती अर्थव्यवस्था बनाया है.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं से हर तबके को लाभ पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के पहले के चार वर्षों के बजट ‘सोना’ थे तो इस बार पेश अंतरिम बजट ‘सोने पे सुहागा’ है. सिन्हा ने कहा कि इस सरकार ने आयुष्मान योजना, उज्ज्वला योजना, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और उड़ान योजना के लाभों को देश के दूर-दराज के गांवों तक पहुंचाया है.

सिन्हा ने कहा कि संप्रग सरकार के समय ‘कर आतंकवाद’ था लेकिन हमारी सरकार ने उसे खत्म किया है और करदाताओं की संख्या बढ़ी है जिससे जीडीपी भी करीब दो प्रतिशत बढ़कर 12 प्रतिशत के स्तर पर है. उन्होंने राफेल सौदे पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी की सरकार में इतने सालों तक ये विमान नहीं खरीदे गये और जवानों के लिए जरूरी बुलेटप्रूफ जैकेट भी नहीं खरीदे गये.

सिन्हा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए लगाया, ‘‘आपको बिचौलिए प्यारे हैं, हमको जवान प्यारे हैं.’’ चर्चा में भाग लेते हुए अन्नाद्रमुक के एम तंबिदुरै ने कहा कि अंतरिम बजट में कभी इतने लोक-लुभावन कार्यक्रमों की घोषणा नहीं की जाती, लेकिन इस बार चुनाव की वजह से यह सब किया गया है. उन्होंने कहा, ‘‘यह घोषणापत्र है, बजट नहीं.’’

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