देशव्यापार

उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सेंसेक्स में मामूली वृद्धि, पांच दिन की गिरावट पर लगा ब्रेक

मुंबई. शेयर बाजारों में मंगलवार का दिन हल्की मजबूती का रहा. पांच दिन की भारी गिरावट के बाद बाजार में मामूली बढ़त दर्ज की गई. इस दौरान वैश्विक बाजारों के मिले जुले संकेतों के बीच निवेशकों ने ऊर्जा, बैंंिकग और ढांचागत क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में निवेश किया.

कारोबारियों ने कहा कि कोविड- 19 के मामले बढ़ने और खरीदारी के लिये किसी तरह के प्रोत्साहन के अभाव में निवेशकों की धारणा प्रभावित रही.

कारोबार के दौरान 667.46 अंक के दायरे में उतार- चढ़ाव के बाद बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 7.09 अंक यानी 0.01 प्रतिशत बढ़कर 49,751.41 अंक पर बंद हुआ. इसी प्रकार बड़े दायरे में घूमने के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी सूचकांक भी 32.10 अंक यानी 0.22 प्रतिशत बढ़कर 14,707.80 अंक पर बंद हुआ.

बीएसई के सेंसेक्स में शामिल शेयरों में ओएनजीसी का शेयर सबसे अधिक 5.55 प्रतिशत लाभ में रहा. इसके साथ ही इंडसइंड बैंक, एल एण्ड टी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटल, स्टेट बैंक और एनटीपीसी के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई.

इसके विपरीत कोटक बैंक, मारुति, बजाज आटो, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी और एचसीएल टेक में 3.87 प्रतिशत तक की गिरावट रही.

सूचकांक में बड़ा वजन रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 0.84 प्रतिशत ऊंचा रहा. कंपनी ने अपने तेल से रसायन कारोबार को एक अलग इकाई में परिर्वितत करने की घोषणा की है. इसके लिये मूल कंनी से 25 अरब डालर का कर्ज लिया जायेगा. कंपनी इसमें सउदी आरमको जैसे निवेशकों को हिस्सेदारी बेचकर पूंजी जुटाना चाहती है.

रिलायंस सिक्युरिटीज के रणनीतिक प्रमुख बिनोद मोदी ने कहा कि कारोबार के दौरान शेयरों में भारी उतार चढ़ाव देखा गया. इस दौरान धातु और रियल्टी समूह के सूचकांक में अच्छी बढ़त दर्ज की गई. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बॉंड प्रतिफल बढ़ने और उपभोक्ता ंिजसों के ऊंचे दाम से शेयरों के प्रति निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा है. हालांकि अर्थव्यवस्था और बाजार की आंतरिक मजबूती बरकरार है.

अमेरिका के फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल्ल की सीनेट की बैंंिकग समिति के समक्ष पूछताछ से पहले वैश्विक बाजारों में मिला जुला रुख रहा. उनके समिति के समक्ष वृद्धि को बढ़ावा देने के लिये फेडरल रिजर्व के अनुकूल रुख की पैरवी किये जाने की उम्मीद है.

एशिया के अनय बाजारों में शंघाई और सोल के बाजार गिरावट में बंद हुये जबकि हांग कांग में बढ़त रही. वहीं यूरोप के बाजारों में कारोबार के शुरुआती दौर में नकारात्मक रुख दिखाई दिया. इस बीच कच्चे तेल के वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट का भाव 0.81 प्रतिशत बढ़कर 64.88 डालर प्रति बैरल पर बोला गया.

वहीं रुपया दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आया लेकिन कारोबार की समाप्ति पर यह पिछले दिन के मुकाबले तीन पैसे ऊंचा रहकर 72.46 रुपये प्रति डालर पर बंद होने में कामयाब रहा.

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