देशव्यापार

सेंसेक्स 50,000 अंक के पार जाने के बाद मुनाफावसूली से फिसला, 167 अंक टूटा

मुंबई. बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 167 अंक के नुकसान से 49,624.76 अंक पर बंद हुआ. इससे पहले सकारात्मक वैश्विक रुख तथा वृद्धि को लेकर उम्मीद बढ़ने से दिन में कारोबार के दौरान सेंसेक्स पहली बार ऐतिहासिक 50,000 अंक के स्तर के पार गया.

बैंंिकग, वित्तीय और आईटी शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स ने अपना शुरुआती लाभ गंवा दिया. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अंत में 167.36 अंक या 0.34 प्रतिशत के नुकसान से 49,624.76 अंक पर बंद हुआ. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 54.35 अंक या 0.37 प्रतिशत टूटकर 14,590.35 अंक पर आ गया.

सेंसेक्स की कंपनियों में ओएनजीसी का शेयर सबसे अधिक चार प्रतिशत टूट गया. भारती एयरटेल, एसबीआई, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, सन फार्मा और आईटीसी के शेयर भी नीचे आए. वहीं दूसरी ओर बजाज फाइनेंस, बजाज आॅटो, रिलायंस इंडसट्रीज, बजाज फिनसर्व और एशियन पेंट्स के शेयर 2.72 प्रतिशत तक चढ़ गए.

शेयर बाजारों ने फ्यूचर रिटेल के खुदरा परिसंपत्तियों के बिक्री सौदे को मंजूरी दे दी है. फ्यूचर रिटेल 24,713 करोड़ रुपये में अपनी खुदरा परिसंपत्तियों की बिक्री मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस समूह को करने जा रही है. इससे रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 2.09 प्रतिशत चढ़ गया.

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल र्सिवसेज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक मोतीलाी ओसवाल ने कहा कि महामारी के बार आर्थिक गतिविधियों में तेज सुधार की उम्मीद से बाजार में कुछ समय से मजबूती की धारणा है. ‘वैश्विक संकेतों के सकारात्मक होने , विदेशी संस्थागत निवेश का प्रवाह मजबूत बने रहने और कंपनियों के बेहतर तिमाही परिणाकों से उत्साह उंचा बना हुआ है.’

उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है, कंपनियों का लाभ अच्छा दिखने, तरला की मजबूत स्थिति, कोरोना वैक्सीन के विकास के मार्चे पर सफलता, आर्थिक स्थित में सुधार का आधार व्यापक होने तथा ब्याज दरें नीचे रहने से यह तेजी आगे भी जारी रहने की उम्मीद है.’

जियोजीत फाइनेंशियल र्सिवसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ‘‘सेंसेक्स का 50,000 अंक पर पहुंचना न केवल बाजार और निवेशकों बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी अच्छी खबर है. बाजार अर्थव्यवस्था के ‘बैरोमीटर’ होते हैं. यदि यह सही है तो भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत सुधार की राह पर है. यदि वृद्धि के मोर्चे और कंपनियों की आमदनी में सुधार जारी रहता है, तो बाजार और ऊंचाई पर जाकर हैरान कर सकते हैं.’’

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि लघु अवधि की दृष्टि से बाजार का मूल्यांकन अधिक है. ऐसे में उच्चस्तर पर बाजार में ‘करेक्शन’ हो सकता है. जो बाइडन के अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद वैश्विक बाजारों में मजबूती का रुख था.

अन्य एशियाई बाजारों में चीन के शंघाई कम्पोजिट, दक्षिण कोरिया के कॉस्पी और जापान के निक्की में लाभ रहा. हांगकांग के हैंगसेंग में गिरावट आई. शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला रुख था. इस बीच, वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल 0.89 प्रतिशत के नुकसान से 55.58 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था.

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया छह पैसे की बढ़त के साथ 72.99 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. यह इसका करीब पांच माह का उच्चस्तर है. शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को शुद्ध रूप से 2,289.05 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.

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