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अगले 30 साल जनसांख्यिकीय लाभ के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है: नायडू

अहमदाबाद. उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शनिवार को कहा कि ‘‘अगले 30 साल’’ जनसांख्यिकीय लाभ के दृष्टिकोण से भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि देश की कामकाजी उम्र की आबादी में ‘‘वृद्धि’’ 2055 तक रहेगी. उन्होंने युवाओं को कौशल से लैस करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, जो उन्हें 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाएगा. नायडू मध्य गुजरात के वल्लभ विद्यानगर में सरदार पटेल विश्वविद्यालय के 62वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘‘आज हमारी 65 प्रतिशत से अधिक आबादी 35 साल से कम उम्र की है और यह वास्तव में बहुत बड़ा फायदा है. कामकाजी उम्र की आबादी में यह वृद्धि 2055 तक निर्धारित है. इसलिए, अगले 30 साल भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. इक्कसवीं सदी की चुनौतियों के लिए हमारे युवाओं को कौशल से लैस करने की आवश्यकता है.’’

उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आज, भारत एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जो उम्मीद और अवसरों से भरा है. उपराष्ट्रपति के रूप में, मैंने कई देशों का दौरा किया है और एक सामान्य बात जो मैंने अनुभव की है वह यह है कि हर किसी का भारत की क्षमताओं, प्रतिभा और प्रयासों में विश्वास है.’’ इस अवसर पर, नायडू ने स्रातक छात्रों को सलाह दी कि हमें अपनी विरासत जैसे चरित्र, क्षमता और संपर्क द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को अपनाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘हमें हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के मंत्र को अपनाना चाहिए.’’

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