किसी चीज की कोई कमी नहीं, कोयला संकट की खबरें निराधार : सीतारमण

बोस्टन. देश में कोयले की कमी से जुड़ी खबरों के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में किसी चीज की कोई कमी नहीं है और कोयला संकट की खबरें निराधार है. उन्होंने कहा कि विद्युत मंत्री आर के ंिसह ने दो दिन पहले ही स्पष्ट किया है कि कोयला संकट या अन्य माल की कमी की खबरें पूरी तरह निराधार हैं.

सीतारमण ने मंगलवार को यहां हार्वर्ड केनेडी स्कूल में कहा, “यह पूरी तरह निराधार है, किसी चीज की कमी नहीं है. ऊर्जा मंत्री ने बताया कि हर विद्युत उत्पादन संयंत्र में अगले चार दिनों का कोयला उनके परिसर में पूरी तरह उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला बिल्कुल भी नहीं टूटी है.”

मोसावर-रहमानी सेंटर फॉर बिजनेस एंड गवर्नमेंट द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने हार्वर्ड के प्रोफेसर लॉरेंस समर्स के ऊर्जा में कमी और भारत में कोयले की कमी से संबंधित खबरों के बारे में पूछे जाने पर यह जवाब दिया. उन्होंने कहा, “ऐसी कोई कमी नहीं होगी जिससे आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. इस तरह से हम देश में बिजली की स्थिति का ध्यान रख रहे है. अब हम एक ऊर्जा अधिशेष वाले देश हैं.”

अमेरिका सीतारमण संयुक्त राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक, आईएमएफ में तत्काल सुधार की जरूरत
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) जैसे संस्थानों में तत्काल सुधार की आवश्यकता है. उन्होंने मंगलवार को यहां हार्वर्ड कैनेडी स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ये संस्थान अब उन देशों की बातें नहीं रखते जिनके मुद्दे दशकों से अनसुने रहे हैं. इन सभी संस्थाओं को खुद में सुधार करना होगा.

मोसावर-रहमानी सेंटर फॉर बिजनेस एंड गवर्नमेंट द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हार्वर्ड यूनिर्विसटी के प्रोफेसर लॉरेंस समर्स के साथ बातचीत में सीतारमण ने कहा, “कई देशों में सुधार अलग-अलग चरणों में हो रहे हैं जबकि ये वैश्विक संस्थान वैसे ही बने हुए हैं जैसे वे पिछले कई दशकों से थे.” उन्होंने कहा कि इनमें से ज्यादातर संस्थान उन देशों की बातें नहीं रखते हैं, जिनके मुद्दों पर दशकों से ध्यान नहीं दिया गया है. फिर चाहे ये मुद्दे व्यापार, सुरक्षा, मौद्रिक ढांचे से जुड़े हों या विकास के वित्तपोषण से संबंधित हों.

सीतारमण ने कहा,”इन सभी संस्थानों के लिए और अधिक पारदर्शी होने, प्रतिनिधित्व करने और उन देशों के लिए बोलने की सख्त आवश्यकता है जिन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलता है. इसलिए मुझे लगता है कि यह कुछ ऐसा है जो तुरंत होना चाहिए.” उन्होंने कहा कि जब ये संस्थान ज्यादा से ज्यादा देशों की आवाज उठाएंगे, तो संसाधनों का अधिक और समान वितरण होगा.

केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण दरअसल वांिशगटन में विश्व बैंक और आईएमएफ की वार्षिक बैठकों, जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नर (एमएमसीबीजी) की बैठक में भाग लेने के लिए एक सप्ताह की लंबी यात्रा के लिए सोमवार को अमेरिका पहुंची हैं.

चिंताजनक है कि विद्वान अब तथ्यों से नहीं, अपनी पसंद-नापसंद से प्रभावित हो सकते हैं: सीताारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के बारे में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अमर्त्य सेन के विचारों को लेकर उनकी आलोचना करते हुए कहा कि यह ‘‘चिंताजनक’’ है कि विद्वान अब तथ्यों के आधार पर टिप्पणी करने के बजाय, अपनी पसंद एवं नापसंद से प्रभावित हो सकते हैं और उनके ‘‘गुलाम’’ बन सकते हैं.

‘मुसव्वर-रहमानी सेंटर फॉर बिजनेस एंड गवर्नमेंट’ द्वारा मंगलवार को आयोजित एक संवाद के दौरान हार्वर्ड के प्रोफेसर लॉरेंस समर्स ने सीतारमण से सवाल किया कि ‘‘हमारे समुदाय के कई लोगों ने’’, खासतौर पर अर्थशास्त्री सेन ने भाजपा सरकार के संबंध में ‘‘कड़ी आपत्तियां’’ जताई हैं.

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भावना है कि सहिष्णुता की विरासत पर ‘‘काफी सवाल खड़े हो रहे हैं’’ और ‘‘आपकी सरकार ने मुस्लिम आबादी के प्रति’’ जो रवैया अपनाया है, ‘‘वह सार्वभौमिकता और समावेशिता के हमारे मूल्यों के मद्देनजर अमेरिका और भारत के बीच आता है.’’ सीतारमण ने हार्वर्ड केनेडी स्कूल में आयोजित संवाद के दौरान कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, उनमें भी हिंसा की घटनाओं के लिए ‘‘प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) जिम्मेदार होंगे, क्योंकि यह मेरे विमर्श के अनुकूल है.’’

लखीमपुर खीरी हिंसा ‘पूरी तरह निंदनीय’ है : सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लखीमपुर खीरी हिंसा को ‘‘पूरी तरह निंदनीय’’ बताते हुए कहा कि भारत के अन्य हिस्सों में भी इस प्रकार की घटनाएं होती हैं, लेकिन उन्हें उसी समय उठाया जाना चाहिए, जब वे घटित हुई हों, न कि उन्हें तब उठाया जाए, तब किसी राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार होने के कारण कुछ लोगों को उन्हें उठाना अनुकूल लगता हो.

अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचीं सीतारमण ने लखीमपुर खीरी में चार किसानों की मौत और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी के बारे में हार्वर्ड केनेडी स्कूल में बातचीत के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की. उनसे पूछा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ मंत्रियों की तरफ से इस पर कुछ क्यों नहीं कहा गया और जब भी कोई ऐसी बातों के बारे में पूछता है तो हमेशा ‘‘बचाव वाली प्रतिक्रिया’’ क्यों दी जाती है.

इस पर उन्होंने कहा, ‘‘नहीं, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है….अच्छा है कि आपने ऐसी घटना उठाई, जो पूरी तरह से ंिनदनीय है और हम में से हर कोई यह कह रहा है. इसी तरह दूसरी जगहों पर हो रही घटनाएं मेरी चिंता का कारण हैं.’’

सीतारमण ने कहा, ‘‘भारत में इस तरह के मामले देश के बहुत से अलग-अलग हिस्सों में समान रूप से हो रहे हैं. मैं चाहती हूं कि आप और डॉ. अमर्त्य सेन सहित कई अन्य लोग, जो भारत को जानते हैं, वे जब कभी ऐसी घटना होती है, उसे हर बार उठाएं. इस प्रकार की घटना को मात्र उस समय नहीं उठाया जाए, जब इन्हें उठाना हमारे लिए इसलिए अनुकूल है, क्योंकि यह एक ऐसे राज्य में हुई, जहां भाजपा सत्ता में है, जिसमें मेरे एक कैबिनेट सहयोगी का बेटा शायद मुश्किल में है.’’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close