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संक्रमण मामलों का तबलीगी समुदाय से संबंध का ‘खुलासा’ करने पर पत्रकारों को मिली धमकियां: एनबीए

नयी दिल्ली. देश भर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों का संबंध तबलीगी जमात से होने का ‘खुलासा’ करने वाले समाचार चैनलों के पत्रकारों को धमकियां मिलने के मामले में द न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने एक खास समुदाय से ताल्लुक रखने वाले लोगों में से एक तबके के लोगों की सोच पर‘गहरी ंिचता’ व्यक्त की है.

एनबीए ने अपने अध्यक्ष रजत शर्मा का एक बयान जारी किया है जिसमें कहा गया है कि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो प्रसारित हो रहे हैं जिसमें कुछ धार्मिक उपदेशक टीवी एंकरों का नाम ले रहे हैं और उन चैनलों के संवाददाताओं पर हमले की चेतावनी दे रहे हैं.
समाचार प्रसारक इकाई ने कहा कि समाचार चैनलों में काम करने वाले एंकरों और संवाददाताओं को समाज के एक खास तबके से धमकियां और चेतावनी देने की सोच ‘गहरी ंिचता’ की बात है.

देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले और मौत का संबंध तबलीगी जमात से होने की खबर कुछ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चैनलों ने दिखायी थी. बयान में कहा गया, ‘’ व्हाट्सएप, टिकटॉक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के जरिए खास तौर पर समाचार चैनलों में काम कर रहे संवाददाताओं और एंकरों को निशाना बनाया जा रहा है.’’

एनबीए ने सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अपील की है कि वह इन ‘असमाजिक तत्वों’ के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करें. बयान में कहा गया है कि ये गतिविधियां संविधान में प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बुनियादी अधिकारों का उल्लंघन है. एनबीए में 27 प्रसारणकर्ता हैं जो 77 चैनलों का प्रतिनिधित्व करता है.

एनबीए ने मीडिया विज्ञापनों पर रोक लगाये जाने संबंधी सोनिया के सुझाव की ंिनदा की
न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने सरकार और सरकारी उपक्रमों द्वारा मीडिया विज्ञापनों पर दो साल के लिए रोक लगाये जाने संबंधी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सुझाव की मंगलवार को ‘‘कड़ी ंिनदा’’ की. एनबीए ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का यह सुझाव मीडियार्किमयों के ‘‘मनोबल को गिराने’’ वाला है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में गांधी ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए विभिन्न सुझाव दिये. उन्होंने कहा, ‘‘सरकार एवं सरकारी उपक्रमों द्वारा मीडिया विज्ञापनों- टेलीविजÞन, ंिप्रट एवं आॅनलाइन विज्ञापनों पर दो साल के लिए रोक लगा यह पैसा कोरोना वायरस से उत्पन्न हुए संकट से लड़ने में लगाया जाए. केवल कोविड-19 के बारे में परामर्श या स्वास्थ्य से संबंधित विज्ञापन ही इस बंदिश से बाहर रखे जाएं.’’

एनबीए के अध्यक्ष रजत शर्मा ने एक बयान में कहा कि एसोसिएशन मीडिया विज्ञापनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाये जाने संबंधी कांग्रेस अध्यक्ष के सुझाव को पूरी तरह से खारिज करती है. उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब मीडियाकर्मी अपने जीवन की ंिचता किये बगैर महामारी पर समाचारों को प्रसारित कर अपने राष्ट्रीय कर्तव्य को निभा रहे हैं, कांग्रेस अध्यक्ष से इस तरह का बयान उनके (मीडियार्किमयों) मनोबल को गिराने वाला है.’’

शर्मा ने कहा कि एक तरफ तो मंदी के कारण इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विज्ञापन राजस्व में कमी आई है तो वहीं दूसरी ओर सभी उद्योगों और व्यवसायों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण वित्तीय संकट से जूझ रहे है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा, समाचार चैनल अपने पत्रकारों और अन्य कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करने पर भारी धनराशि खर्च कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह गलत समय पर दिया गया मनमाना सुझाव है. एनबीए ने कांग्रेस अध्यक्ष से अपना सुझाव वापस लेने का अनुरोध किया है.


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