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हमें प्राचीन शिक्षा पद्धति की ओर लौटना चाहिए : उपराष्ट्रपति

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पुणे/विजयवाड़ा. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि देश को शिक्षा की प्राचीन भारतीय पद्धति को सामने लाना चाहिए. वह यहां एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिर्विसटी में ‘विश्व विज्ञान, धर्म और दर्शन संसद’ का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जन को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा, ‘‘मैं सोचता हूं कि देश को अपनी प्राचीन शिक्षा पद्धति की ओर लौटना चाहिए तथा संस्कृति एवं धरोहर को संजोकर रखना चाहिए, यही समय की मांग है. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘‘हम पश्चिमी मॉडल की काफी नकल कर चुके….. कोई भी मॉडल लेने में कुछ गलत नहीं है लेकिन साथ ही हमें अपना आधार कभी नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि भारतीय प्राचीन शिक्षा पद्धति समय की कसौटी पर परखी हुई है. ’’

नायडू ने कहा कि विज्ञान और अध्यात्म के संगम की जरुरत है. वर्तमान जीवनशैली ‘तत्क्षण सबकुछ’ की है , ‘‘हमें अपने पुराने मूल्यों की ओर लौटना चाहिए…… हमें अवश्य योग करना चाहिए.’’

उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह दावा करके कि योग उनके धर्म के विरुद्ध है, अनावश्यक विवाद पैदा करने का प्रयास करते हैं. योग का धर्म से कोई लेना देना नहीं है. उपराष्ट्रपति ने कहा कि जो लोग सोचते हैं कि ‘सूर्य नमस्कार’ उनके धर्म विरुद्ध है तो वे चाहें तो उसके बजाय ‘चंद्र नमस्कार’ कर सकते हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘मैं व्यक्तिगत रुप से वंशवाद के विरुद्ध हूं…. मैं उस वंशवाद के पक्ष में हूं जहां पिता अपने विचारों और अपनी सेवा को अपने बच्चों तक पहुंचाता है. असली वंशवाद यह है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं केवल राजनीति और वंशवाद के साथ साथ चलने के खिलाफ हूं …… ’’

विश्व बिरादरी को आतंकवाद से लड़ने के लिए साथ आना चाहिए
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि पूरी विश्व बिरादरी को आतंकवाद से लड़ने के लिए एक साथ आना चाहिए.

वह यहां एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिर्विसटी के एक नवनिर्मित परिसर के उद्घाटन के बाद उपस्थित जन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने विश्विवद्यालय द्वारा आयोजित ‘विश्व विज्ञान, धर्म और दर्शन संसद ’ का भी उद्घाटन किया.

उन्होंने कहा, ”हिंसा और आतंकवाद मानवजाति के दुश्मन हैं. हिंसा से कोई भी व्यक्ति अपना उद्देश्य नहीं हासिल कर सकता… कुछ लोग सोचते हैं कि गोली मतपत्र से अधिक महत्वपूर्ण है लेकिन मतपत्र किसी की तकदीर बदल सकता है. ’’ उन्होंने कहा कि गोली किसी की जान ले सकती है और वही गोली उसे चलाने वाले की भी जान ले सकती है.

नायडू ने कहा, ‘‘आज मैं पुणे में यह कह रहा हूं और आप मेरे यहां से चले जाने के बाद इसका महत्व समझेंगे.’’ उन्होंने कहा कि जो लोग चरमपंथ को बढ़ावा देते हैं वे समाज के लिए खतरनाक हैं. पहले केवल भारत आतंकवाद की बात उठाता था और पश्चिम के देशों को इस मुद्दे की परवाह नहीं होती थी लकिन कुछ बड़े आतंकवादी हमले होने के बाद अमेरिका, यूरोप, रुस और अन्य देश चिंता महसूस करने लगे.

उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘पूरी विश्व बिरादरी को आतंकवाद से लड़ने के लिए साथ आना चाहिए.’’ उन्होंने कहा कि आतंकवाद और हिंसा का कोई वर्ग या धर्म नहीं होता है.

युवा नेस्थाम योजना चुनावी लाभ के लिए शुरु नहीं की गयी है
आंध्रप्रदेश में बेरोजगार युवकों का डर दूर करते हुए मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि मंगलवार को शुरु की गयी बेरोजगार स्रातक भत्ता योजना – मुख्यमंत्री युवा नेस्थाम को अन्य राज्यों की भांति बीच में बंद नहीं किया जाएगा तथा उसे चुनावी लाभ को ध्यान में रखकर शुरु नहीं किया गया है.

नायडू ने कहा कि करीब 20000 रिक्त सरकारी पद भरे जा रहे हैं और उसमें भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा यह कि स्थानीय युवकों को निजी नौकरियां भी दी जाएंगी.

नेस्थाम योजना के तहत बीपीएल रेखा के नीचे आने वाले पात्र बेरोजगार युवकों को 1000 रुपये प्रतिमाह भत्ता दिया जाएगा. ऐसे युवकों को अपनी रोजगारपरकता बढ़ाने के लिए कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा.

बेरोजगार युवक भत्ता सत्तारुढ़ तेदेपा द्वारा 2014 में अपने चुनाव घोषणापत्र में किये गये वादों में से एक है. विधानसभा चुनाव अगले साल है.

नायडू ने इस योजना के शुभारंभ पर एक युवक के सवाल के जवाब में कहा, ‘‘यह चुनावी फायदे के लिए नहीं किया गया है. यह आपके करियर और भविष्य के निर्माण के लिए किया गया हे. यह योजना अन्य राज्यों की भांति बीच में बंद नहीं की जाएगी.’’

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