Home रायपुर लू से बचाव और प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय

लू से बचाव और प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय

123
0

रायपुर. लगातार बढ़ रही गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लू से बचाव और इसके प्रबंधन के इंतजाम किए गए हैं. विभाग द्वारा प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा सिविल सर्जन-सह-अस्पताल मुख्य अधीक्षकों को पत्र लिखकर लू से बचाव और उपचार के व्यापक प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं. सभी अस्पतालों में दवाईयों का पर्याप्त स्टॉक रखने के साथ ही लू से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है. विभाग द्वारा लू से बचाव, शरीर में पानी की कमी रोकने और गर्मियों में सेहत की देखभाल के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है.

स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी अस्पतालों में ओ.आर.एस., आई.वी. फ्लूड्स (Intravenous Fluids) और जरूरी दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. उप स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, जिला चिकित्सालयों तथा मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में इनके पर्याप्त स्टॉक रखने कहा गया है. तेज धूप और ग्रीष्म ऋतु में होने वाली बीमारियों के इलाज के लिए सभी अस्पतालों में समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा सिविल सर्जन-सह-अस्पताल मुख्य अधीक्षकों को सभी स्तरों पर गठित रैपिड रिस्पांस टीम को भी सक्रिय रखने कहा गया है.

लू से प्रभावित लोगों की जानकारी प्रतिदिन स्वास्थ्य संचालनालय को भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार लोगों को लू और डिहाइड्रेशन से बचाव के तरीकों, इसके लक्षणों एवं उपचार के बारे में शिक्षित और जागरूक किया जा रहा है.

लू के लक्षण
सिर में भारीपन और दर्द लू के लक्षण हैं. तेज बुखार के साथ मुंह सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ बदन दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीना न आना, अधिक प्यास लगना एवं पेशाब कम आना, भूख कम लगना तथा बेहोश होना लू के लक्षणों में शामिल हैं.

लू से बचाव के उपाय
लू लगने का मुख्य कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने से शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाना है. लू से बचने के लिए धूप में निकलने से पहले सिर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह बांध लें. पानी अधिक मात्रा में पीएं और अधिक समय तक धूप में न रहें. बहुत जरूरी न हों तो तेज धूप में घर से बाहर न निकलें. गर्मी के मौसम में नरम सूती के कपड़े पहनने चाहिए ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहें.

शरीर से अधिक पसीना निकल रहा हो तो ओ.आर.एस. का घोल पीएं. धूप में चक्कर या मितली आने पर छायादार स्थान में आराम करें एवं ठंडा पानी या जूस, लस्सी, मठा आदि का सेवन करें. उल्टी, सरदर्द या तेज बुखार होने पर नजदीक के अस्पताल जाकर सलाह लें. प्रारंभिक सलाह के लिए नि:शुल्क 104 आरोग्य सेवा केन्द्र पर भी संपर्क कर सकते हैं.

लू का प्रारंभिक उपचार
बुखार से पीड़ित होने पर सिर पर ठंडे पानी की पट्टी लगाएं. ठंडा पानी या कच्चे आम का पना, जलजीरा जैसे पेय पदार्थ पिलाएं. पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लिटाएं तथा शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करते रहें. ओ.आर.एस. के पैकेट के लिए मितानिन या ए.एन.एम. से संपर्क करें. लू से प्रभावित होने पर पीड़ित को शीघ्र ही उपचार के लिए नजदीकी चिकित्सक के पास या अस्पताल लेकर जाएं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here