रायपुर

एक्सप्रेस वे : 3 दिन में रिपोर्ट मांगी गई थी, अब तक जांच शुरू नहीं

रायपुर. राजधानी रायपुर में रेलवे स्टेशन से शदाणी दरबार के बीच छोटी रेललाइन की जमीन पर बन रहे एक्सप्रेस-वे की खराब गुणवत्ता और उसके चलते सड़क दुर्घटना होने के बाद राज्य सरकार ने जांच कमेटी बनाकर तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है, लेकिन एक्सप्रेस-वे की जांच अब तक शुरू नहीं हो पाई है.

विभागीय उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी करने में कम से कम हफ्तेभर का समय लग सकता है. जबकि जांच से पहले ही एक्सप्रेस-वे की खराब सड़क व दरारों पर लीपापोती की कोशिशों की भी तीखी प्रतिक्रिया हुई है. कांग्रेस सहित कई अन्य राजनीतिक व सामाजिक संगठन इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग उठा रहे हैं.

एक्सप्रेस-वे की सड़क पर जगह-जगह दरार पड़ने के साथ ही कई स्थानों पर धसकने की शिकायतें भी मिली हैं. ओवरब्रिज व अंडरपास
के आसपास की मुख्य सड़क और सर्विस रोड की गुणवत्ता भी ठीक नहीं होना बताई जा रही है. निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जवाबदारी कंसल्टेंट की थी, लेकिन एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई है. एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में कई गंभीर तकनीकी त्रुटि व अन्य खामियां उजागर हुई हैं.

पहली बारिश में ही एक्सप्रेस-वे की सड़क धसक गई और इसके चलते बीते गुरुवार को एक्सप्रेस-वे पर तेलीबांधा के आगे एक कार के पलटने से पति-पत्नी घायल हो गए. इस घटना को गंभीरता से लेते हुए राज्य शासन ने शुक्रवार को एक्सप्रेस-वे निर्माण की गुणवत्ता व डिजाइन के साथ ही तकनीकी त्रुटियों की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (राष्ट्रीय राजमार्ग) केके पिपरी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी.

कमेटी से तीन दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट मांगी गई है, लेकिन पता चला है कि जांच अब तक शुरू नहीं हो पाई है. जांच कमेटी ने निर्माण एजेंसी व छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम के अधिकारियों से एक्सप्रेस-वे की डिजाइन व अन्य संबंधित दस्तावेज मांगे हैं. मंगलवार को कमेटी की बैठक भी होने वाली है. इसके बाद जांच की दिशा तय होगी.

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे निर्माण की डिजाइन, तकनीकी व गुणवत्ता की जांच में कम से कम एक सप्ताह
का समय लग सकता है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस मामले में ठेका कंपनी और कंसल्टेंट को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है.

निर्माण एजेंसी हो चुका भुगतान
छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम द्वारा करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपए की लागत से एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है. एक्सप्रेस-वे का लगभग 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है और इसका भुगतान भी निर्माण एजेंसी को कर दिया गया है. बताया गया है कि अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करने में भी अभी डेढ़ से दो माह लगने का अनुमान है. फाफाडीह से देवेंद्रनगर के बीच कुछ जमीन को लेकर विवाद के चलते सर्विस रोड का काम रुका हुआ है. यह मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है.

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