रायपुर

गैंगस्टर विनोद मराठा ने किया खुलासा: रेलवे की 359 पटरियां चुराकर 13 फैक्ट्रियों में बेचा

रायपुर. राजधानी रायपुर में रेल पटरियों की चोरी में पकड़े गए गैंगस्टर विनोद मराठा ने खुलासा किया है कि मंदिरहसौद के आसपास से जो 359 पटरियां उसके गिरोह ने चुराई थीं, उन्हें रायपुर की ही 13 फैक्ट्रियों में बेचा गया. आरोपी ने सभी फैक्ट्रियों के नाम भी बताए हैं, जिनमें कुछ बड़े संयंत्र हैं. सभी फैक्ट्रियां उरला-सिलतरा की हैं, इसलिए जांच में उरला और सिलतरा पुलिस को भी शामिल कर लिया गया है. पता चला है कि जिस बिचौलिए के जरिए गिरोह ने कारखानों में पटरियां बेची थीं, उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. हालांकि छापेमारी शुरू होने की वजह से इस मामले में अफसर चुप्पी साधे हुए हैं.

बालाघाट-नैनपुर-जबलपुर रेल रूट में 900 मीटर पटरी चोरी में आरपीएफ नागपुर ने हाल में रेलवे के गैंगस्टर विनोद राज चौहान उर्फ विनोद मराठा को गिरफ्तार किया था. उससे रायपुर पुलिस पहले भी पूछताछ कर चुकी थी, अब दो िदन के लिए उसे रिमांड पर रायपुर लाया गया है. अफसरों ने दावा किया कि विनोद ने मंदिरहसौद में 359 पटरियां चुराने की बात कबूल करते हुए यहां की 13 फैक्ट्रियों के नाम दिए हैं जहां पटरियां बेची गईं. पता चला है कि इनमें से कुछ में पुलिस ने देर रात जांच भी की है.

उरला-सिलतरा के 13 प्रतिष्ठानों के नाम आते ही पुलिस की विशेष टीम सोमवार से ही हरकत में आई. फैक्ट्रियों की जांच शुरू हुई है. अधिकतर संचालक फिलहाल पकड़ से बाहर हैं. पुलिस ने फैक्ट्रियों के मैनेजर व कर्मियों से पूछताछ की. पटरी चोरी का यह सिलसिला सालों से चल रहा है, लेकिन रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ को बड़ी सफलता नहीं मिल सकी है. अब लोकल पुलिस द्वारा इस मामले में पड़ने पर कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है. मिली भगत से ही पटरी चोरी करने का खेल चल रहा है.

आरपीएफ ने एक फैक्ट्री से 505 टन लोहा जब्त किया था, लेकिन प्रमाणित नहीं किया जा सका कि यह बालाघाट-नैनपुर-जबलपुर रेल रूट से चोरी हुई पटरियों को गलाकर बनाया गया था. इसके अलावा 13.680 टन पटरी भी आरपीएफ टीम द्वारा जब्त की गई है. जब्त पटरी व लोहे के बिलेट की जांच इसे गलाकर की जाएगी. यदि इसमें पटरी का मटेरियल मिलता है, तो ही जांच आगे बढ़ेगी अन्यथा पूरा माल फैक्ट्री संचालक को लौटाना होगा. 10 फरवरी को फैक्ट्री संचालकों ने आरपीएफ के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत कर दिया है.

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