Home रायपुर 4000 से अधिक आदिवासी जल्द होंगे रिहा

4000 से अधिक आदिवासी जल्द होंगे रिहा

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रायपुर. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के रहवासियों के खिलाफ दर्ज प्रकरणों में भारतीय दंड विधान व स्थानीय विशेष अधिनियम के तहत प्रकरण वापसी को लेकर जल्द ही आवश्यक न्यायालयीन कार्यवाही की जाएगी. छत्तीसगढ़ के आठ जिलों के दस हजार से अधिक आदिवासी जेलों में बंद हैं. इनमें से करीब चार हजार आदिवासियों की रिहाई का सैद्धांतिक फैसला लिया गया है.

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की समीक्षा के लिए राज्य शासन द्वारा उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एके पटनायक की अध्यक्षता में गठित कमेटी की पहली बैठक सोमवार को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में हुई. बैठक में बस्तर रेंज के सात जिलों कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा व बीजापुर तथा राजनांदगांव जिले में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की समीक्षा भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं व स्थानीय विशेष अधिनियम के तहत की गई.

साथ ही इन प्रकरणों में न्यायालयीन कार्यवाही की स्थिति संबंधी जानकारी ली गई. सभी प्रकरणों के अवलोकन और विचार-विमर्श के बाद समिति द्वारा प्रत्येक प्रकरणों के गुण-दोष के आधार पर समीक्षा कर संबंधित अनुसूचित जनजाति वर्ग के हित में न्यायोचित कार्यवाही समयबद्ध कार्ययोजना के तहत करने का निर्णय लिया गया.

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