रायपुर

छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष ने किया राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में बृहस्पतिवार को एक दिन के विशेष सत्र के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार किया. छत्तीसगढ़ विधानसभा में संविधान का 126 वां संशोधन विधेयक के समर्थन के लिए बुलाए गए एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान राज्यपाल का अभिभाषण हुआ. राज्यपाल के अभिभाषण से पहले ही विपक्ष ने प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई तथा इसे निर्धारित परंपरा के विपरीत बताया.

राज्यपाल अनुसुईया उइके जब अभिभाषण के लिए सदन में पहुंची तब भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार इस एक दिवसीय विशेष सत्र में गलत पंरपरा की शुरूआत कर रही है. इस सत्र के दौरान एक ही दिन में राज्य सरकार राज्यपाल का अभिभाषण भी करवा रही है और धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा भी करा रही है.

उन्होंने कहा कि यह संसदीय इतिहास में पहली बार है कि राज्य सरकार एक वर्ष में दो बार राज्यपाल का अभिभाषण करा रही है. संसदीय परंपरा के अनुसार नए वित्तीय वर्ष के पहले सत्र के दौरान राज्यपाल का अभिभाषण होता है, अर्थात बजट सत्र राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू होता है. अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार नई परंपरा स्थापित कर रही है इसलिए वह राज्यपाल का सम्मान करते हुए अभिभाषण के दौरान सदन से बहिगर्मन कर रहे हैं. इसके बाद भाजपा और जनता काग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के सदस्य सदन से चले गए.

बाद में, जब सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हुई तब भी विपक्ष के सदस्यों ने इस चर्चा का बहिष्कार किया. चर्चा के जवाब के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह वर्ष का पहला सत्र है इसलिए इस सत्र में राज्यपाल का अभिभाषण हुआ है. लेकिन ऐसा लग रहा है कि विपक्ष बंटा हुआ है.

वहीं राज्यपाल अनुसुईया उइके ने अपने अभिभाषण के दौरान कहा कि यह अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है कि नए वर्ष में छत्तीसगढ़ विधानसभा के कार्यकलापों की शुरूआत एक विशेष अवसर के रूप में हो रही है, जिससे हमें भारत के महान और पावन संविधान के प्रति अगाध निष्ठा, प्रतिबद्धता प्रर्दिशत करने का अवसर मिला है. इससे हमें संविधान के प्रति अपने कर्तव्य निभाने का अवसर मिला है.

भारतीय संविधान में अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण की समय-सीमा बढ़ाए जाने के लिए जो निर्धारित प्रक्रिया है, उसे पूरा करने में आपकी भागीदारी दर्ज होना निश्चय ही बड़े सौभाग्य का विषय है.

राज्यपाल ने कहा कि मुझे यह कहते हुए बहुत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है कि मेरी सरकार ने छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों को बेहतर जिन्दगी की रोशनी दी है. इन वर्गों के प्रति संवेदनशीलता और इन्हें संविधान प्रदत्त अधिकारों से सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता ने मेरी सरकार के प्रति विश्वास के एक नये युग की शुरूआत की है.

उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा अपनी परम्परा के अनुरूप लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की चुनौती स्वीकार करेगी. राज्यपाल ने कहा कि आप सबकी सक्रियता और योगदान से ही लोकतंत्र का यह मंदिर जनता जनार्दन की आकांक्षाओं को पूरा करने में सफल होगा.

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