रायपुर

PM श्रम योगी मानधन और राष्ट्रीय पेंशन योजना: छोटे व्यापारियों को पेंशन हेतु पंजीयन कराने की अपील

रायपुर. केन्द्रीय श्रम मंत्रालय द्वारा संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना और व्यापारियों एवं स्व-रोजगारियों के लिए संचालित राष्ट्रीय पेंशन योजना के अन्तर्गत असंगठित क्षेत्र में कार्यरत कामगारों और छोटे व्यापारियों से कामन सर्विस सेंटर में पंजीयन कराने की अपील की गई है. यह दोनों योजना स्वेच्छिक और अंशदायी योजना है.

इन दोनों योजना के अन्तर्गत शामिल व्यक्ति को 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर प्रतिमाह 3 हजार रूपए का पेंशन मिलेगा. इच्छुक व्यक्ति जिले के किसी भी कॉमन सर्विस सेन्टर में इस योजना का लाभ लेने के लिए अपना पंजीयन करा सकता है. आवेदक के पास जनधन खाता और आधार कार्ड होना जरूरी है.

अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अन्तर्गत अंसगठित क्षेत्र में काम करने वाले 18 से 40 वर्ष आयु समूह के मनरेगा श्रमिक, रिक्शा चालक, निर्माण श्रमिक, फेरीवाला, मिड डे मील कामगार, बोझा उठाने वाले, ईट भट्टा कामगार, रोजगार सहायक, कोटवार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका, मितानीन, सफाई कामगार, एक हेक्टेयर से कम कृषि भूमि वाले किसान, खेतीहर मजदूर, स्वसहायता समूह के सदस्य, कलेक्टर दर पर कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, मस्टर रोल पर काम करने वाले, प्लेसमेंट कर्मी, संविदा कर्मी आदि इस योजना में शामिल हो सकते हैं, बशर्ते उनकी मासिक आय 15 हजार रूपए ज्यादा न हो. ऐसे व्यक्तियों को ईपीएफ, ईएसआईसीसी, एनपीएस का सदस्य भी नहीं होना चाहिए.

इसी तरह व्यापारियों एवं स्वरोजगारियों के लिए संचालित राष्ट्रीय पेंशन योजना में सालाना डेढ़ करोड़ से कम टर्न ओव्हर वाले दुकान मालिक, खुदरा व्यापारी, चावल मिल मालिक, वर्कशॉप मालिक, कमीशन एजेंट, रियल इस्टेट एजेंट, छोटे होटल, रेस्तरा मालिक और अन्य छोटे व्यापारी जो आयकरदाता नहीं हैं, शामिल हो सकते है. इन दोनों योजनाओं में आयु के अनुसार हर महीने न्यूनतम 55 रूपए से अधिकतम 200 रूपए का अंशदान करना होगा.

केन्द्र सरकार द्वारा भी इतनी ही राशि का अंशदान दिया जाएगा. इसके बाद योजना में शामिल व्यक्ति को 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर हर महीने 3 हजार रूपए का पेंशन मिलेगा. यदि कोई व्यक्ति योजना में शामिल होने के बाद योजना से बाहर निकलता है तो उसे बचत बैंक ब्याज दर के साथ संचित राशि वापस कर दी जाएगी. यदि पेंशन धारक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसके पति अथवा पत्नि को पेंशन का 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन प्राप्त होगा.

इच्छुक व्यक्ति इन योजनाओं में शामिल होने के लिए जिले के किसी भी कॉमन सर्विस सेन्टर में अपना पंजीयन करा सकते हैं. यहां असंगठित कामगारों को योजना की पूरी जानकारी दी जाएगी. इस संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए कलेक्टोरेट स्थित श्रम पदाधिकारी कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है.

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