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निधि समर्पण अभियानः अयोध्या में राम मंदिर के लिए जमा हुए 600 करोड़ से अधिक

नई दिल्ली. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए लोग दिल खोल कर दान दे रहे हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते में अबतक तकरीबन छह सौ करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं. वहीं श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए शुरू हुए निधि समर्पण अभियान में पहले ही दिन उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांद बाग में सांसद मनोज तिवारी की अगुवाई में अभियान की शुरुआत में 15 लाख से अधिक का दान लोगों ने दिया. इसमें वसीम सैफी ने 21 हजार रुपए का चंदा दिया. जबकि उद्यमी नीरज गुप्ता ने 11 लाख दिए. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने वजीरपुर जेजे कॉलोनी में अलग-अलग जगहों पर शुरुआत की.

महिला मोर्चा अध्यक्ष योगिता सिंह ने गोविन्दपुरी में इस अभियान की शुरुआत की. वीएचपी के प्रांत अध्यक्ष कपिल खन्ना को दिव्यांग कुमारी आकृति ने दो माह की पेंशन राशि उन्हें समर्पित की. इसके अलावा महंत नवल किशोर द्वारा दिल्ली संत मंडल से संग्रहित 2,51,000 राशि भेंट की गई.

इन बैंकों में है राम मंदिर का खाता

राम मंदिर निर्माण के लिए मिलने वाले दान रामनगरी के एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के खातों में हैं. इन्हीं खातों में नित्य संग्रहीत धनराशि जमा की जा रही है. राम मंदिर के लिए दान देने की प्रक्रिया मकर संक्रांति से शुरू हुई थी, देशव्यापी निधि समर्पण अभियान के लिए तीनों बैंकों में विशेष खाता खोला गया है.

भारतीय स्टेट बैंक में जमा हुए तीन सौ करोड़

दान मिले राशि में अकेले भारतीय स्टेट बैंक में तीन सौ करोड़ जमा हो चुके हैं. वहीं शेष धनराशि पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा में जमा है. निधि समर्पण अभियान से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि अभी तकरीबन डेढ़ सौ करोड़ रुपए के चेक क्लीयरिंग के लिए लगे हैं.

बताया जा रहा है कि एक-दो दिन में खातों में जमा धनराशि में खासी बढ़ोतरी हो जाएगी. बैंकों में अलग से इस अभियान के लिए विंग कार्य कर रही है, जो नित्य सक्रिय रह कर अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त बैंक कर्मियों की समस्याओं का निस्तारण कर रही हैं.

मो. इकबाल ने भी दिया चंदा

बता दें कि सालों के इंजार के बाद राम मंदिर का निर्माण होने जा रहा है और राष्ट्रपति सहित कई लोग इसके लिए दिल खोल कर चंदा दे रहे हैं. राष्ट्र मंदिर के निर्माण के लिए अब मो. इकबाल ने भी चंदा देने का ऐलान किया है. इकबाल के पिता हाशिम अंसारी बाबरी मस्जिद की दावेदारी के पर्याय रहे हैं.

इकबाल भी अदालत में मस्जिद के पक्षकार रह चुके हैं. हालांकि नौ नवंबर 2019 को सुप्रीमकोर्ट का फैसला आने के साथ वे विवाद को पीछे छोड़ सद्भाव दिखा रहे हैं. इसी क्रम में उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण अभियान की शुरुआत के मौके पर चंदा देने की घोषणा की और साथ ही उन्होंने कहा, लोग धार्मिक विवाद में न उलझें.

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