स्वस्थ भारत सुनिश्चित करने के प्रयासों में अग्रणी हैं आशा कार्यकर्ता: मोदी

नयी दिल्ली. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को ‘ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’ से सम्मानित किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इन कार्यकर्ताओं की सराहना की और कहा कि वे एक स्वस्थ भारत का निर्माण सुनिश्चित करने के प्रयासों में अग्रणी हैं।

डब्ल्यूएचओ ने रविवार को भारत की 10 लाख महिला आशा स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। आशा स्वयंसेवकों को यह सम्मान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और देश में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए दिया गया है।

मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता या आशा स्वयंसेवक भारत सरकार से संबद्ध स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैं जो ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करती हैं। भारत में कोरोना वायरस महामारी के चरम पर रहने के दौरान रोगियों का पता लगाने के लिए घर-घर जाकर जांच करने को लेकर आशा कार्यकर्ता विशेष तौर पर चर्चा में आईं।

मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘आशा कार्यकर्ताओं के पूरे दल को डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक द्वारा ‘ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड्स’ से सम्मानित किए जाने पर खुश हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सभी आशा कार्यकर्ताओं को बधाई। वे स्वस्थ भारत (का निर्माण) सुनिश्चित करने में अग्रणी हैं। उनका समर्पण एवं संकल्प सराहनीय है।’’

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने रविवार को छह पुरस्कारों की घोषणा की। ये पुरस्कार वैश्विक स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने, क्षेत्रीय स्वास्थ्य मुद्दों के लिए नेतृत्व और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करने के लिए दिए गए हैं। डब्ल्यूएचओ ने ट्वीट किया, ‘‘भारत में 10 लाख से अधिक महिला स्वयंसेवक ‘‘मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता’’ (आशा) को स्वास्थ्य प्रणाली से समुदाय को जोड़ने और गांवों में गरीबी में रह रहे लोगों की प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवा तक पहुंच सुनिश्चित करने में अहम भूमिका के लिए सम्मानित किया गया।’’

उसने कहा, ‘‘आशा का ंिहदी में अर्थ है -‘उम्मीद’। ये स्वास्थ्य कार्यकर्ता टीकों से रोकी जा सकने वाली बीमारियों के खिलाफ बच्चों के टीकाकरण एवं मातृ देखभाल, सामुदायिक स्वास्थ्य देखभाल; उच्च रक्तचाप और तपेदिक के उपचार तथा पोषण, स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवन के लिए अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के मुख्य क्षेत्रों में काम करती हैं।’’

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