असम सरकार के कर्मचारियों को ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखने के लिए दिया जायेगा आधे दिन का अवकाश

गुवाहाटी/कोलकाता/नयी दिल्ली. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म देखने के लिए आधे दिन की छुट्टी दी जाएगी. वहीं, एआईयूडीएफ अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल ने दावा किया कि इस फिल्म से सांप्रदायिक तनाव बढ़ेगा इसलिए इस पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए. विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ 1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधारित है.

मुख्यमंत्री ने यहां एक मल्टीप्लेक्स में मंगलवार रात को मंत्रिमंडल के सहर्किमयों के साथ फिल्म देखी और कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को फिल्म देखने के लिए आधे दिन का विशेष अवकाश दिया जाएगा. सरमा ने कहा, ‘‘उन्हें केवल अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देनी होगी और अगले दिन टिकट सौंपना होगा.’’ सरमा ने कहा कि कश्मीरी पंडितों का जनसंहार और कश्मीर से उनका पलायन मानवता पर एक धब्बा है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘फिल्म में उनकी हृदय विदारक पीड़ा को दर्शाया गया है. मैंने मंत्रिमंडल के अपने सहयोगियों और भाजपा तथा अन्य दलों के विधायकों के साथ इस फिल्म को देखा.’’

उन्होंने कहा कि असम में कोई मनोरंजन कर नहीं है इसलिए इसमें छूट देने का कोई मतलब नहीं है. इस बीच, आल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरमा से इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह करेंगे क्योंकि इससे ‘‘ंिहदू-मुसलमान के बीच एक विभाजन पैदा हो गया है और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है.’’ धुबरी से सांसद अजमल ने कहा, ‘‘(कश्मीर की) यह घटनाएं तीन दशक पहले हुईं और ऐसी स्थिति अब नहीं है. अगर फिल्म पर पाबंदी नहीं लगी तो इससे बेवजह की ंिहसा होगी.’’ उन्होंने कहा कि असम में 1983 में नेल्ली में हजारों मुस्लिमों को मारा गया था लेकिन उस पर किसी ने फिल्म नहीं बनाई.

फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखने को उत्सुक हूं: धनखड़

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ के जरिये सच्चाई सामने आने का दावा करते हुए बुधवार को कहा कि वह फिल्म देखने के लिए उत्सुक हैं. यह फिल्म 1990 में घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधारित है. धनखड़ ने कहा कि यह फिल्म जिस समय पर आधारित है, उस समय वह केंद्रीय मंत्रिपरिषद में थे और उन्होंने कश्मीर का दौरा किया था.

उन्होंने उत्तर बंगाल के दौरे के लिए रवाना होने से पहले यहां एनएससीबीआई हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं ‘द कश्मीर फाइल्स’ को देखने के लिए उत्सुक हूं. सच्चाई सामने आ गई है क्योंकि (मुद्दे की) सही तरीके से सामने रखा गया है.’’ धनखड़ ने कहा कि यह जानकर खुशी हुई कि संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लिए “ऐतिहासिक कदम” के बाद कश्मीर में अच्छे बदलाव आ रहे हैं, जिसने राज्य को विशेष दर्जा दिया था.

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यधारा में समावेशी विकास हो रहा है. यह लोकतंत्र की मजबूती और कानून के शासन के सम्मान के लिए शुभ संकेत है.” फिल्म “द कश्मीर फाइल्स” पर उनके ट्विटर हैंडल में किये गए एक पोस्ट में कहा गया है कि धनखड़ “प्रशंसनीय सुविचारित प्रयास के लिए प्रशंसा कर रहे है, जो बहुत आवश्यक सच्चाई को उजागर करता है और उस समय की जमीनी वास्तविकता की पड़ताल करता है. ऐसे अन्य क्षेत्र हैं जिस पर इसी तरह की ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है.’’

‘द कश्मीर फाइल्स’ कश्मीरी पंडितों की पीड़ा, संघर्ष को दुनिया के सामने लायी: शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को घाटी से कश्मीरी पंडितों के जबरन पलायन पर आधारित बॉलीवुड फिल्म “द कश्मीर फाइल्स” को सच्चाई का एक साहसिक प्रतिनिधित्व बताया. शाह ने यह भी कहा कि फिल्म ने दुनिया के सामने कश्मीरी पंडितों के बलिदान, असहनीय दर्द और संघर्ष को उजागर किया है. शाह ने यह टिप्पणी विवेक अग्निहोत्री, अनुपम खेर, पल्लवी जोशी सहित फिल्म के निर्माताओं और अभिनेताओं के उनसे यहां मुलाकत करने के बाद की.

गृह मंत्री शाह ने फिल्म की टीम के साथ अपनी तस्वीर भी ट्विटर पर पोस्ट की. उन्होंने ंिहदी में ट्वीट किया, ‘‘आज “द कश्मीर फाइल्स” की टीम के साथ भेंट की. अपने ही देश में अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए कश्मीरी पंडितों के बलिदान, असहनीय पीड़ा और संघर्ष की सच्चाई इस फिल्म के माध्यम से पूरी दुनिया के सामने आई है, जो एक बहुत ही प्रशंसनीय प्रयास है.’’ शाह ने कहा कि “द कश्मीर फाइल्स” सत्य का एक निर्भीक निरूपण है.

ऐसी ऐतिहासिक गलतियों की पुनरावृत्ति न हो इस दिशा में यह समाज व देश को जागरूक करने का काम करेगी. ये फिल्म बनाने के लिए मैं पूरी टीम को बधाई देता हूं. मैं इस फिल्म को बनाने के लिए पूरी टीम को बधाई देता हूं.’’ बाद में, खेर ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त करने के लिए गृह मंत्री का आभार जताया.

अग्निहोत्री ने ट्वीट किया, ‘‘आपके प्रोत्साहन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद अमित शाह जी. कश्मीरी लोगों और सुरक्षा बलों के मानवाधिकारों के लिए आपका निरंतर प्रयास सराहनीय है. शांतिपूर्ण और समृद्ध कश्मीर के लिए आपका दृष्टिकोण मानवता और भाईचारे को मजबूत करेगा.’’

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