बेलारूस ने माना कि रूस की ओर से शुरू किया गया युद्ध ‘‘लंबा खिंच गया’’

मिंस्क. बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने नहीं सोचा था कि यूक्रेन के खिलाफ रूस का युद्ध इतना लंबा खिंच जाएगा. उन्होंने बृहस्पतिवार को एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को दिए साक्षात्कार में दावा किया कि वह युद्ध को रोकने के लिए ‘‘ सब कुछ कर रहे हैं.’’ लुकाशेंको ने हालांकि, यूक्रेन के खिलाफ रूस की 24 फरवरी को शुरू हुई सैन्य कार्रवाई का बचाव किया. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता था कि रूस की यूक्रेन में यह कार्रवाई इस तरह से लंबी खिंचेगी.

एपी को मिंस्क स्थित इंडिपेन्डेंस पैलेस में दिए 90 मिनट के साक्षात्कार में लुकाशेंको ने कहा कि वह इस समस्या में इतनी गहराई से नहीं गए कि कह सकें कि क्या यह योजना के अनुरूप जाएगी या नहीं. उन्होंने कहा ‘‘मैं एक बार फिर जोर देकर कहना चाहता हूं, मेरा मानना है कि यह अभियान लंबा खिंच गया है.’’ लुकाशेंको ने यूक्रेन पर ‘‘रूस को उकसाने’’ का आरोप लगाया और जोर देकर कहा कि बेलारूस शांति चाहता है.

उन्होंने कहा, ‘‘हम स्पष्ट रूप से किसी युद्ध को स्वीकार नहीं करेंगे. हम अब सब कुछ कर रहे हैं ताकि युद्ध न हो. आपको वास्तव में हमारा शुक्रगुजार होना चाहिए, मेरी वजह से रूस और यूक्रेन के बीच वार्ता शुरू हो गई है.’’ लुकाशेंको ने सवाल किया, ‘‘यूक्रेन के इलाके में प्रभावी तरीके से युद्ध हो रहा है, सैन्य कार्रवाई चल रही है, लोग मर रहे हैं… लेकिन क्यों वह इन वार्ताओं में रुचि नहीं ले रहा?’’ बेलारूस के राष्ट्रपति ने कहा कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल ‘‘अस्वीकार्य’’ होगा, लेकिन वह रूस की इस तरह की योजना के बारे में कुछ नहीं कह सकते.

उन्होंने कहा, ‘‘ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल इसलिए स्वीकार्य नहीं है क्योंकि यह ठीक हमारे पड़ोस में है, हम अमेरिका की तरह समुद्र के पार नहीं हैं. यह इसलिए भी अस्वीकार्य है क्योंकि यह हमारे क्षेत्र से गुजरेगा और कौन जानता है कि कहां गिरेगा.’’ लुकाशेंको ने कहा, ‘‘रूस इसमें सक्षम है या नहीं, यह सवाल आपको रूसी नेतृत्व से करने की जरूरत है.’’ गौरतलब है कि रूस ने सैन्य अभ्यास के नाम पर पहले बेलारूस के क्षेत्र में अपने सैनिकों की तैनाती की और 24 फरवरी को शुरू सैन्य कार्रवाई के तहत उन्हें यूक्रेन में भेजा.

लुकाशेंको ने सार्वजनिक रूप से रूस की कार्रवाई का समर्थन किया था. उन्होंने मार्च महीने की शुरुआत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान आरोप लगाया था कि यूक्रेन ने बेलारूस पर हमले की योजना बनाई थी और मॉस्को की कार्रवाई से यह टला. लुकाशेंको ने कहा कि उन्होंने वह मानचित्र भी पुतिन को दिखाया जहां से कथित हमला होने वाला था लेकिन अपने दावे को लेकर कोई अन्य सबूत वह नहीं दे सके.

उल्लेखनीय है कि इस सप्ताह बेलारूस की सेना ने युद्धाभ्यास की घोषणा की थी जिसको लेकर यूक्रेन में ंिचता बढ़ गई थी. लेकिन लुकाशेंको ने बृहस्पतिवार को यह कह कर आश्वस्त करने का प्रयास किया कि युद्धाभ्यास किसी को धमकाने के लिए नहीं है.
उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी को धमकाते नहीं, हम किसी को धमका नहीं रहे और न ही ऐसा करेंगे. हम जानते हैं कि कौन हमारा विरोध करता है. इसलिए यहां पश्चिम में किसी तरह का संघर्ष, किसी तरह का युद्ध, निश्चित तौर पर बेलारूस के हित में नहीं है. अत: पश्चिम शांति से रह सकता है.’’

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