कनाडा: स्कूलों में डेढ़ लाख से अधिक बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, पोप ने स्वदेशी लोगों से मांगी माफी

मूल भाषा बोलने पर पिटाई, ईसाई स्कूलों में शामिल होने के लिए किया मजबूर, बड़े पैमाने पर शारीरिक और यौन शोषण, 215 बच्चों के मिले शव

वेटिकन सिटी. पोप फ्रांसिस ने कनाडा के कैथोलिक संचालित आवासीय विद्यालयों में स्वदेशी लोगों द्वारा झेले गये ‘’निंदनीय’’ दुर्व्यवहार के लिए ऐतिहासिक कदम के तहत माफी मांगी. उन्होंने कहा कि उनके जुलाई के अंत में कनाडा की यात्रा करने की उम्मीद है ताकि वह उन सभी लोगों से व्यक्तिगत रूप से माफी मांग सकें जिन्हें कैथोलिक चर्च की पथभ्रष्ट मिशनरी से दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा.

फ्रांसिस ने माफी मांगते हुए मेटिस, इनुइट और फर्स्ट नेशंस समुदायों के कई सदस्यों के साथ कनाडा की यात्रा करने की प्रतिबद्धता जताई. इन समुदायों ने पोप से माफी मांगने और कैथोलिक चर्च द्वारा किये गये नुकसान की भरपाई की मांग की थी. उन्होंने कहा कि उनके जुलाई के अंत में कनाडा जाने की उम्मीद है.

कनाडा में 1,50,000 से अधिक स्वदेशी बच्चों को 19वीं शताब्दी से 1970 के दशक तक राज्य-वित्त पोषित ईसाई स्कूलों में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया ताकि उन्हें उनके घरों और संस्कृति के प्रभाव से अलग किया जा सके. कनाडा सरकार ने स्वीकार किया है कि स्कूलों में शारीरिक और यौन शोषण बड़े पैमाने पर होता था, जिसमें छात्रों को उनकी मूल भाषा बोलने के लिए पीटा जाता था.

पोप फ्रांसिस ने कहा, ‘‘कैथोलिक चर्च के उन सदस्यों के निंदनीय आचरण के लिए, मैं ईश्वर से क्षमा मांगता हूं. उन्होंने कहा, ‘‘मैं आप लोगों से अपने मन की बात कहना चाहता हूं, कि मैं बहुत दुखी हूं.’’ फ्रांसिस ने इतालवी में बात की और यह तुरंत स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने जो कहा वो लोगों को समझ में आया या नहीं. हालांकि लोग खड़े थे और उनकी (पोप की) बात समाप्त होने के बाद उन्होंने तालियां बजाईं.

फ्रांसिस ने स्वदेशी लोगों को बताया कि औपनिवेशिक परियोजना के जरिये बच्चों को उनके परिवारों से अलग कर दिया गया, जड़ों, परंपराओं और संस्कृति को खत्म कर दिया गया और ऐसा आघात पहुंचाया गया जो आज भी महसूस किया जा रहा है. ‘मेटिस नेशनल काउंसिल’ के अध्यक्ष कैसिडी कैरन ने कहा, ‘‘पोप के शब्द आज ऐतिहासिक थे, निश्चित रूप से ये शब्द आवश्यक थे, और मैं उनकी गहराई से सराहना करता हूं.’’

‘इनुइट तापिरित कनाटामी’ के अध्यक्ष नतन ओबेद ने फ्रांसिस को उन सभी मुद्दों को संबोधित करने के लिए धन्यवाद दिया जो उनके समक्ष उठाये गये थे. उन्होंने कहा कि पोप के इस व्यवहार से वास्तव में कनाडा के स्वदेशी लोगों के प्रति उनकी सहानुभूति दिखाई दी.’’ 130 आवासीय विद्यालयों में से लगभग तीन-चौथाई कैथोलिक मिशनरी द्वारा चलाए जा रहे है. पिछले मई में ब्रिटिश कोलंबिया के निकट कैमलूप्स के निकट एक स्कूल में 215 बच्चों के शव दफन मिले थे जिसे लेकर पूरे कनाडा में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थी.

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