‘द कश्मीर फाइल्स’ में आधी अधूरी सच्चाई दिखाई गयी: बघेल

रायपुर.   कश्मीरी हिन्दुओं के विस्थापन पर आधारित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को लेकर चल रही बहस के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा किया कि इस फिल्म में आधी अधूरी सच्चाई ही दिखायी गई है और केवल हिंसा दिखाने की कोशिश की गयी है.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को रायपुर में अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों, कांग्रेस विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही. उन्होंने कहा, ‘‘ ‘ द कश्मीर फाइल्स’ कश्मीर में जो आतंकवादी घटनाएं हुईं उस पर बनाई गई फिल्म है. इसमें एक परिवार की कहानी है, जिसे लेकर फिल्म आगे बढ़ती है. लेकिन आखिर में जो नायक है वह कहता है कि इसमें न केवल हिंदुओं की, बल्कि वहां बौद्ध, सिख, मुस्लिम, जो भारत के साथ थे उनकी भी हत्याएं हुई.’’

उन्होंने कहा,‘‘ इस फिल्म में एक राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई है कि जो कश्मीरी पंडित हैं उनका विस्थापन हुआ. वह दौर था 1990 का जिसमें वीपी सिंह प्रधानमंत्री थे, भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से. उन्होंने कश्मीरी पंडितों के पलायन के नहीं रोका,बल्कि उन्हें जाने दिया.’’ बघेल ने कहा,‘‘ वहां सेना नहीं भेजी गई. सेना तब भेजी गई जब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने लोकसभा में यह मुद्दा उठाया.’’

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा,‘‘ आज भी कश्मीरी पंडितों की समस्या वहीं है. धारा 370 हटा दी गयी लेकिन कश्मीरी पंडितों को बसाने का काम नहीं हो रहा है.’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फिल्म में भी समस्या का कोई समाधान नहीं बताया गया है, फिल्म में जब समस्या उठायी जाती है तो समाधान भी बताया जाता है, लेकिन निर्देशक ने कोई समाधान नहीं बताया है, ‘‘केवल लेक्चर’’ दिया है.

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने धारा 370 हटाने के बाद केवल राजनीति की है और कश्मीरी पंडितों की सहायता के लिए कुछ नहीं किया. मुख्यमंत्री ने फिल्म देखने के लिए भारतीय जनता पार्टी के विधायकों को भी आमंत्रित किया था लेकिन वह नहीं पहुंचे. इसे लेकर उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘ भाजपा वालों के सामने खड़े हो जाओ, तो भाग जाते हैं. भाजपा का कोई व्यक्ति फिल्म देखने नहीं आया.’’ छत्तीसगढ़ में ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को लेकर सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के मध्य आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है.

छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को भाजपा के वरिष्ठ विधायक और विपक्ष के नेता धरम लाल कौशिक ने फिल्म का मुद्दा उठाया था और कहा कि ‘कश्मीर फाइल्स’ फिल्म, जो 1990 के दशक में कश्मीर से कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधारित है, को छत्तीसगढ़ में कर से छूट दी जानी चाहिए. इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा था कि भारत सरकार को भी कर में हिस्सा मिलता है, इसलिए केंद्र सरकार को फिल्म को पूरे देश में कर से छूट देनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने इस दौरान विपक्ष के सदस्यों को फिल्म देखने का निमंत्रण भी दिया था.

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