छत्तीसगढ़- मध्यप्रदेश में अब तक सोना- चांदी जप्त किए जाने की सबसे बड़ी कार्यवाही

कोलकाता से जुड़े है सोना- चांदी तस्करी के तार

राजनांदगांव/रायपुर: राजस्व खुफिया निदेशालय इंदौर एवं रायपुर शाखा ने सोना एवं चांदी तस्करी का अब तक सबसे बड़ा खुलासा किया है. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सोना, चांदी जप्त किए जाने की सबसे बड़ी कार्यवाही की गई है. इस कार्यवाही से छत्तीसगढ़ में तहलका मचा हुआ है.

मिली जानकारी के अनुसार राजस्व खुफिया निदेशालय इंदौर के वरिष्ठ अफसरों के पास यह जानकारी थी कि कोलकाता से राजनांदगांव के बीच टेÑन के माध्यम से सोने और चांदी की तस्करी की जा रही है. इस पर कार्यवाही करते हुए डीआरआई के अफसरों ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था. जिनसे पूछताछ के आधार पर यह खुलासा हुआ कि राजनांदगांव के जसराज शांतिलाल बैद की फर्म मोहनी ज्वेलर्स के संचालक भी तस्करी से जुड़े हुए है.

एक योजनाबद्ध तरीके से डीआरआई के वरिष्ठ अधिकारी रायपुर कस्टम, सीजीएसटी रायपुर, छत्तीसगढ़ एवं रेल्वे पुलिस को साथ लेकर जसराज शांतिलाल बैद के यहां छापामार कार्यवाही की. दो दिनों तक चली जांच में 4545 किलो चांदी, 18.18 किलो सोना, 32 लाख 35 हजार रूपए नगद जप्त कर कस्टम एक्ट के तहत कार्यवाही की जा रही है.

अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह छापामार कार्यवाही लंबे समय से किए जा रहे सोने और चांदी की तस्करी को देखते हुए की जा रही है. इसके पीछे लंबे समय से तस्करों का एक गिरोह सक्रिय है, जो तस्करी के कार्यों को लगातार अंजाम दे रहा था और इस तस्करी में कस्टम ड्यूटी के साथ- साथ सरकार के जो और भी टेक्स है उसकी भी चोरी की जा रही थी.

दिन- रात चली कार्यवाही
डीआरआई के इंदौर एवं रायपुर के अफसर दिन- रात इस कार्यवाही में लगे रहे. दो दिन तक अफसरों ने कोई आराम नहीं करते हुए बड़े पैमाने पर की जा रही सोना चांदी तस्करी को खुलासा किया है.

कोविड नियमों का भी रखा ध्यान
इस कोरोना काल में डीआरआई के अफसरों ने कोविड नियम एवं लाक डाऊन के नियमों का भी पूरा ख्याल रखते हुए छापामार कार्यवाही को पूरा किया है. बाकी संक्रमण जैसी गंभीर बीमारी से भी सुरक्षित रहा जा सके.

मामले की जांच जारी
मोहनी ज्वेलर्स में प्रारंभिक रूप से छापामार कार्यवाही को पूरा कर लिया गया है. लेकिन जप्त किए गए दस्तावेजों को अभी जांच में लिया गया है. जांच की जा रही है.

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