बिजली उत्पादन के लिए नहीं होगा कोयला संकट: केंद्रीय मंत्री

बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति बढ़ाई गई : जोशी

बिलासपुर/नयी दिल्ली. कोयले की कमी से जूझ रहे देश के बिजली उत्पादक संयंत्रों के बीच, केंद्रीय कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को आश्वासन दिया कि विद्युत उत्पादन के लिए कोयले की आपूर्ति में कोई संकट नहीं होगा. वह बिलासपुर हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद पड़ोसी कोरबा जिले की ओर जाने से पहले पत्रकारों से बात कर रहे थे. कोरबा में वह कोल इंडिया की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की गेवरा, दीपका और कुसमुंडा खदानों का जायजा लेंगे और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे.

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस कोयले की कमी का दावा कर रही है, कोयला और खान मंत्री ने कहा, ‘‘मैं इस पर राजनीति नहीं करना चाहता. हम पहले से ही कुल आवश्यकता को पूरा कर रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज, बिजली उत्पादन के लिए 11 लाख टन कोयले की आवश्यकता है और हम पहले ही 20 लाख टन कोयले की आपूर्ति कर चुके हैं. इसकी वजह से स्टॉक भी बढ़ रहा है. मैं विश्वास दिलाता हूं कि देश में बिजली उत्पादन के लिए आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं होगी.’’ जोशी ने कहा कि वह एसईसीएल की खदानों का जायजा लेने और वहां उत्पादन में तेजी लाने के लिए चर्चा करने जा रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक आवश्यकता का सवाल है, बिजली मंत्रालय ने 19 लाख टन (बिजली उत्पादन इकाइयों के लिए) और 20 (अक्टूबर) के बाद 20 लाख टन की आपूर्ति की मांग रखी थी. आज ही हमने 20 लाख टन की आपूर्ति की है और बाकी चीजों पर मैं (खदानों की) समीक्षा के बाद चर्चा करूंगा.’’

मंगलवार को, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कोयला आपूर्ति और बिजली उत्पादन की स्थिति की समीक्षा की, क्योंकि सरकार कई राज्यों में ऊर्जा संबंधी संकट को कम करने के तरीकों पर विचार कर रही है. सूत्रों ने पहले कहा था कि कोयला मंत्रालय को कोयले की आपूर्ति में तेजी लाने के लिए कहा गया है, जबकि रेलवे को कोयला ईंधन, बिजली संयंत्रों तक पहुंचाने के लिए रेक उपलब्ध कराने को कहा गया है.

कोयले की कमी ने राजस्थान से लेकर केरल तक राज्यों को अलग-अलग समय में बिजली कटौती करने को मजबूर किया है. कोयले से चलने वाले लगभग दो-तिहाई बिजली संयंत्रों में एक सप्ताह या उससे कम समय का भंडार था, लेकिन कोयला मंत्रालय ने पहले कहा था, ‘‘बिजली आपूर्ति में व्यवधान का कोई भी डर पूरी तरह से गलत है’’. मांग को पूरा करने के लिए राज्यों को एक्सचेंजों से ऊंची दरों पर बिजली खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा है.

ईंधन की कमी के बीच प्रह्लालाद जोशी कोयला संपन्न राज्यों छत्तीसगढ़, झारखंड के दौरे पर
देश के बिजली संयंत्रों में कोयले की कमी के बीच कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी बुधवार से कोयला संपन्न राज्यों झारखंड और छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर हैं.

एक अधिकारी के अनुसार, मंत्री बुधवार को कोल इंडिया की इकाई साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की छत्तीसगढ़ में तीन खदानों- गेवरा, दीपका और कुसमुंडा का दौरा करेंगे और उनका जायजा लेंगे. जोशी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ बैठक भी करेंगे.

अधिकारी ने बताया कि मंत्री बृहस्पतिवार को कोल इंडिया की इकाई सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे और सीसीएल की अशोक खदान का दौरा करेंगे.

जोशी ने मंगलवार को कहा था कि सरकार बिजली उत्पादकों की कोयले की मांग को पूरा करने के लिए पूरे प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा था कि कोयले की आपूर्ति को वर्तमान में प्रति दिन 19.5 लाख टन से बढ़ाकर 20 लाख टन प्रतिदिन करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.

मंत्री ने सभी हितधारकों को बिजली उत्पादन के लिए आवश्यक कोयले की आपूर्ति का आश्वासन दिया था. सीआईएल ने पहले कहा था कि वह जहां तक संभव हो मांग-आपूर्ति के अंतर को पाटने के अपने सभी प्रयास कर रही है. कोल इंडिया का घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक का योगदान है.

बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति बढ़ाई गई : जोशी
नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि ताप बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति मंगलवार को सामूहिक रूप से 20 लाख टन को पार कर गई है. उन्होंने दावा किया कि बिजलीघरों को कोयले की आपूर्ति बढ़ाई गई है. देश के विभिन्न बिजली संयंत्र इस समय कोयले की कमी से जूझ रहे हैं.

जोशी ने बुधवार को ट्वीट किया, ‘‘मुझे यह बात साझा करते हुए खुशी हो रही है कि सभी स्रोतों से ताप बिजली घरों को कोयले की आपूर्ति मंगलवार को 20 लाख टन से अधिक हो गई है. हम बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने के लिए कोयले की आपूर्ति बढ़ा रहे हैं.’’

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