चीन ने पाकिस्तान में राजनीतिक स्थिरता के लिए सभी दलों से एकजुट रहने की अपील की

बीजिंग. चीन ने पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव संभावित रूप से पारित होने को ध्यान में रखते हुए बृहस्पतिवार को बहुत सधी हुई प्रतिक्रिया व्यक्त करते की और देश के सभी राजनीतिक दलों से स्थिरता एवं विकास के लिए एकजुट रहने की अपील की .

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने यहां मीडिया ब्रींिफग में कहा, ‘‘चीन दखल नहीं देने की नीति के प्रति प्रतिबद्ध है.’’ उन्होंने इस सवाल के जवाब में यह कहा कि क्या बींिजग इस बात से ंिचतित है कि पाकिस्तान में नेतृत्व में किसी बदलाव का असर इस देश के साथ उसके करीबी रणनीतिक संबंधों पर पड़ सकता है.

वेनबिन ने कहा, ‘‘पाकिस्तान का मित्र पड़ोसी देश होने के नाते चीन पूरी उम्मीद करता है कि पाकिस्तान में सभी राजनीतिक दल एकजुट रहेंगे और विकास एवं स्थिरता के बड़े हित को ध्यान में रखेंगे.’’ पाकिस्तान में अपनी सरकार गिरने के संकट का सामना कर रहे प्रधानमंत्री खान ने सत्तारूढ़ गठबंधन के एक मुख्य साझेदार मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) के विपक्षी खेमे से जा मिलने के बाद बुधवार को संसद में बहुमत खो दिया.

खान दावा करते रहे हैं कि उनकी विदेश नीति के चलते उनके खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव एक ‘‘विदेशी साजिश’’ का परिणाम है और उन्हें सत्ता से बेदखल करने के लिए विदेश से धन आया है. पाकिस्तान में राजनीतिक संकट गहराने के बीच चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने चीन की यात्रा कर रहे पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से कहा कि बींिजग इस हफ्ते अदा किये जाने वाले 4.2 अरब डॉलर के रिण की अवधि बढ़ाने पर सहमत हो गया है.

कुरैशी अफगानिस्तान पर पड़ोसी देशों के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में शरीक होने के लिए चीन की यात्रा पर हैं. पाकिस्तानी अखबार डॉन ने कुरैशी को उद्धृत करते हुए कहा, ‘‘मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि चीन ने एक वाणिज्यिक रिण की अदायगी की अवधि बढ़ाने को सहमति दे दी है. ’’ हालांकि, यहां विश्लेषकों ने कहा कि चीन इमरान खान सरकार गिरने को लेकर बेवजह ंिचतित नहीं हो सकता है क्योंकि बींिजग पाकिस्तानी सेना को इस्लामाबाद के साथ अपने संबंधों में मजबूत कड़ी के तौर पर देखता है.
साथ ही, चीन ने खान को शुरूआत में संदेह की नजरों से देखा था क्योंकि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की आलोचना की थी.

चीनी विदेश मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक वांग यी ने 21 मार्च को अपनी इस्लामाबाद यात्रा के दौरान पाक सेना प्रमुख जनरल बाजवा के साथ बैठक में कहा था, ‘‘पाकिस्तानी सेना ने स्थिरता प्रदान करने वाली भूमिका निभाई है और उसने नये युग में एक साझा भविष्य के साथ करीबी चीन-पाकिस्तान समुदाय के निमार्ण में योगदान दिया है. ’’

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