कोच ने कहा, सुदर्शन के पास शीर्ष स्तर की क्रिकेट तक पहुंचने की योग्यता

चेन्नई. चेन्नई में आयु वर्ग की क्रिकेट प्रतियोगिताओं में चमक बिखेरने और तमिलनाडु प्रीमियर लीग में छाप छोड़ने के बाद अब बी साई सुदर्शन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भी अपने कौशल का शानदार नमूना पेश कर रहे हैं और उनके कोच का मानना है कि बायें हाथ का यह बल्लेबाज शीर्ष स्तर की क्रिकेट के लिये ही बना है.

इस 20 वर्षीय बल्लेबाज ने मंगलवार गुजरात टाइटन्स की तरफ से पंजाब किंग्स के खिलाफ तब आकर्षक अर्धशतक जमाया जब प्रमुख बल्लेबाज नहीं चल पाये थे. सुदर्शन ने 2021 में तमिलनाडु प्रीमियर लीग में आठ पारियों में 71.60 की औसत से 358 रन बनाये. इसके बाद उन्होंने तमिलनाडु की तरफ से सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में भी अच्छा प्रदर्शन किया. उन्हें रणजी ट्राफी के लिये भी राज्य की टीम में चुना गया था.

दक्षिण एशियाई महासंघ (सैफ) खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एथलीट आर भारद्वाज और तमिलनाडु के लिये वॉलीबॉल खेलने वाली ऊषा के बेटे सुदर्शन अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहे हैं. गुजरात ने उन्हें नीलामी में उनके आधार मूल्य 20 लाख रुपये में खरीदा था. उन्होंने पंजाब किंग्स के कैगिसो रबाडा और अर्शदीप ंिसह जैसे गेंदबाजों के सामने नाबाद 65 रन बनाये. उन्होंने आईपीएल में अपने पहले मैच में भी 35 रन बनाये थे.

उनके प्रदर्शन से तमिलनाडु के कोच एम वेंकटरमण हैरान नहीं हैं. उनका मानना है कि सुदर्शन ने कड़ी मेहनत की है और उनमें आगे तक जाने की प्रतिभा है. उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘वह प्रतिभाशाली है, उसके पास कई तरह के स्ट्रोक हैं और उसने कड़ी मेहनत की है.’’ वेंकटरमण ने कहा, “साई (सुदर्शन) बहुत अच्छा खिलाड़ी है और अपने खेल पर कड़ी मेहनत करता है. उसे लगातार अपने खेल में सुधार करते हुए देखना अच्छा है. उसके पास कई अच्छे शॉट् है और एक बार पांव जमाने के बाद वह लंबी पारियां खेलने में सक्षम है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘जैसे-जैसे वह अपने खेल और अन्य पहलुओं पर काम करता रहेगा, वह बेहतर खिलाड़ी बनता जाएगा.’’ तमिलनाडु की टीम के सहायक कोच आर प्रसन्ना ने कहा कि जब से उन्होंने सुदर्शन को पांच साल पहले अंडर-16 शिविर में देखा था, तब से वह जानते थे वह लंबी राह तय करेगा. प्रसन्ना ने कहा, ‘‘मैंने उसे अंडर-16 शिविर में देखा. मैंने देखा कि उसमें रन बनाने की प्रतिभा थी. उस उम्र के सभी लड़कों की तरह वह भी चंचल स्वभाव का था तथा क्षेत्ररक्षण, फिटनेस आदि पर बहुत अधिक ध्यान नहीं देता था लेकिन अब वह बदल गया है.’’

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