कांग्रेस ने महंगाई पर सरकार को घेरा, कहा : देश का ही नहीं, हर घर का बिगड़ा हुआ है बजट

नयी दिल्ली. राज्यसभा में सोमवार को कांग्रेस नीत विपक्ष ने पेट्रोल एवं डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण आसमान छूती महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि आज देश ही नहीं, हर घर का बजट बिगड़ा हुआ है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने कहा कि निर्यात, विदेशी निवेश सहित विभिन्न मानकों के अनुसार सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है और पूरी दुनिया में आज भारत की चर्चा हो रही है.

उच्च सदन में वित्त विधेयक पर हुयी चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के शक्ति ंिसह गोहिल ने कहा कि देश का बजट ही नहीं, हर घर का बजट बिगड़ा हुआ है और इससे लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण परिवार के कमाने वाले सदस्यों को गंवाने वालों से जाकर पूछा जाए कि उनके लिए इस महंगाई की क्या पीड़ा है? उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में आयकर छूट में राहत देने की बात कही गयी है ंिकतु इस बजट में ऐसी कोई घोषणा नहीं की गयी. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान वेतनभोगी वर्ग ने सबसे अधिक संकट झेले हैं.

गोहिल ने कहा कि जो रसोई गैस सिलेंडर कांग्रेस के जमाने में 400 रुपये का हुआ करता था, वर्तमान सरकार ने उसे 1000 रुपये तक पहुंचा दिया है. उन्होंने कहा कि बजट में सौर ऊर्जा से संबंधित कई सामग्री पर सीमा शुल्क को बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है. उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार के इस कदम से देश में हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल पाएगा? उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम सेवा आधारित होते हैं ना कि लाभ आधारित. उन्होंने कहा कि आज यदि बीएसएनएल या रेलवे नहीं होता तो छोटे-छोटे गांवों में इनकी सुविधा कैसे पहुंच पाती? उन्होंने कहा कि एक तरफ दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल से कहा जाता है कि वह अपना सारा सामान भारतीय बाजार से खरीदे जबकि निजी कंपनी विदेशी बाजारों से अपना सामान खरीदते हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसे में यह उम्मीद कैसे की जा सकती है कि बीएसएनएल निजी दूरसंचार कंपनियों से प्रतिस्पर्धा कर पाएगी? चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में क्रिप्टो करेंसी पर 30 प्रतिशत कर लगाने का जो प्रस्ताव किया है, वह अपर्याप्त है और इस पर ऊंची दर से कर लगाने पर विचार किया जाना चाहिए.

सुशील मोदी ने क्रिप्टो करेंसी को एक ‘‘जुआ’’ करार देते हुए वित्त मंत्री से अनुरोध किया कि वह इस पर कर दर बढ़ाने के बारे में विचार करें. उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में निवेशक को मालूम होता है कि इस शेयर के पीछे टाटा या अन्य कंपनी है ंिकतु क्रिप्टो करेंसी के निवेशक को कुछ नहीं मालूम कि इसके पीछे कौन है? उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी कानून बीस साल पुराना है और इसमें बदलाव किया जाना चाहिए ताकि यह वर्तमान चुनौतियों का मुकाबला कर सके.

उन्होंने ‘आॅनलाइन गेंिमग, आॅनलाइन लैंंिडग’ (डिजिटल तरीके से कर्ज देना) पर लगाम कसने एवं वर्तमान चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए आईटी कानून में बदलाव के भी सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि देश में जब कोरोना महामारी आयी तो 24 मार्च 2020 को लॉकडाउन लगाया गया था एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कानून लागू किया गया था. उन्होंने कहा कि देश को लंबे लॉकडाउन से गुजरना पड़ा, कई कारखाने बंद हो गये, मजदूरों को अपने गांव लौटना पड़ा.

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण कई बंदिशें लगायी गयीं और विपक्षी दलों द्वारा गरीब लोगों को ‘‘भड़काये’’ जाने के बाद भी देश के किसी भी हिस्से में एक भी धरना, प्रदर्शन या बंद नहीं हुआ. भाजपा सदस्य ने कहा कि इसके बाद देश में कोरोना रोधी टीकाकरण शुरू हुआ. उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं द्वारा टीकाकरण का ‘‘मजाक’’ उड़ाये जाने के बावजूद देश में टीके की 181.56 करोड़ खुराक लगायी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि टीकाकरण के विरोध में देश में कोई भी व्यक्ति सड़कों पर नहीं आया.

उन्होंने कहा कि इसके विपरीत फ्रांस, न्यूजीलैंड, अमेरिका, जर्मनी आदि देशों में हजारों लोगों ने सड़कों पर उतर कर टीकाकरण और लॉकडाउन का विरोध किया. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल बार बार भाजपा की सरकार को ‘‘पूंजीपतियों की सरकार’’ बताते हैं लेकिन वह ये भूल जाते हैं कि लॉकडाउन के दौरान इसी सरकार ने गरीबों के बीच निशुल्क खाद्यान्न वितरित किया. उन्होंने सवाल किया ‘‘क्या वह अंबानी या अडाणी के घर गया या देश के 80 करोड़ गरीब लोगों के घर गया?’’ भाजपा सदस्य ने कहा कि सरकार ने अब यह निर्णय लिया कि छह माह और 80 करोड़ लोगों को पांच किलोग्राम निशुल्क अनाज दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि कोरोना के संकटकाल में भी सरकार ने प्रत्यक्ष कर सहित रिकार्ड कर वसूली की है. उन्होंने कहा कि यह पिछले साल की तुलना में 38 प्रतिशत अधिक है. उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि आर्थिक विकास की गाड़ी धीरे धीरे पटरी पर लौट रही है.
महंगाई संबंधी विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे देशों को भी इन दिनों इतनी महंगाई झेलनी पड़ रही है जो वहां पिछले 40 सालों में नहीं देखी गयी. उन्होंने कहा कि अमेरिका में उपभोक्ता सूचकांक 7.9 प्रतिशत तक पहुंच गया. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में महंगाई की दर 30 साल में सबसे अधिक 6.2 प्रतिशत पर पहुंच गयी और भारत में मुद्रास्फीति दर 6.07 प्रतिशत रही.
उन्होंने दावा किया कि यदि रूस एवं यूक्रेन का युद्ध नहीं होता तो अभी तक सरकार ने महंगाई पर लगाम लगा दी होती.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button