दिल्ली सरकार ने 75,800 करोड़ रुपये का ‘रोजगार बजट’ पेश किया; 20 लाख रोजगार सृजन का उद्देश्य

नयी दिल्ली. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 75,800 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. उन्होंने इसे ‘रोजगार बजट’ बताते हुए अगले पांच वर्षों में 20 लाख रोजगार पैदा करने के लिए कई कदमों की घोषणा भी की.

अगले वित्त वर्ष के बजट में दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक सिटी की स्थापना, रात्रि अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने और खुदरा एवं थोक बाजारों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने के प्रावधान किए गए हैं. दिल्ली के वित्त मंत्रालय का प्रभार संभालने वाले सिसोदिया ने अपने बजट भाषण में कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बजट आवंटन पिछले वर्ष की तुलना में 9.86 प्रतिशत अधिक है. वर्ष 2021-22 के लिए बजट आवंटन 69,000 करोड़ रुपये था.

उन्होंने कहा कि दिल्ली की अर्थव्यवस्था कोविड-19 के प्रभाव से धीरे-धीरे उबर रही है. उन्होंने कहा, ‘‘रोजगार बजट दिल्ली की अर्थव्यवस्था को प्रगति के पथ पर आगे ले जाएगा और इससे रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे.’’ मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल ने ऐसा बजट पेश करने के लिए सिसोदिया की प्रशंसा की जिसमें समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया को दिल्ली के लिए ‘‘रोजगार बजट’’ पेश करने पर बहुत-बहुत बधाई.

यह बजट युवाओं के लिए बड़े स्तर पर रोजगार तैयार करेगा. इस बजट में दिल्ली के हर वर्ग का ख्याल रखा गया है.’’ वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में शिक्षा के लिए 16,278 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 9,669 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली सरकार का यह लगातार आठवां बजट है.

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