‘‘मादक पदार्थों का प्रवेश द्वार’’ बना गुजरात, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री चुप क्यों हैं: कांग्रेस

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह के निकट एक कंटेनर से 56 किलोग्राम मादक पदार्थ की बरामदगी को लेकर शुक्रवार को दावा किया कि गुजरात अब ‘मादक पदार्थों का प्रवेश द्वार’ (गेटवे आॅफ ड्रग्स) बन गया है.पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की ‘चुप्पी’ को लेकर भी सवाल किया और कहा कि दोनों शीर्ष नेताओं को अपने गृह प्रदेश की इस स्थिति के बारे में जवाब देना चाहिए.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘गुजरात के तट से जुलाई, 2017 में पहली बार मादक पदार्थ की बरादमगी की रिपोर्ट आई. जनवरी, 2020 में गुजरात में 175 करोड़ रुपये के ड्रग्स पकड़े गए. सितंबर, 2021 में तीन टन हेरोइन बरामद की गई. यह सूची बहुत लंबी है. अभी बृहस्पतिवार को 56 किलोग्राम मादक पदार्थ पकड़ा गया.’’ खेड़ा ने दावा किया, ‘‘सबसे महत्वूपर्ण बात यह है कि 175000 करोड़ रुपये के ड्रग्स आए और नहीं पकड़े गए. यानी 25 टन मादक पदार्थ बाजार में फैल गए. आप इस स्थिति की कल्पना कर सकते हैं.’’

उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने घोषणा की थी कि ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से कोई मादक पदार्थ नहीं आने दिया जाएगा तो फिर बृहस्पतिवार को बरामद किया गया मादक पदार्थ कैसे आया? कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री गुजरात से हैं, गृह मंत्री गुजरात से हैं. गुजरात ‘गेटवे आॅफ ड्रग्स’ (मादक पदार्थ का प्रवेश द्वार) बन गया है. आप दोनों चुप क्यों है? प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इस पर कब बोलेंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जांच एजेंसियों को ‘खुदरा राजनीति’ का जरिया बना दिया है.

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