सोमवार से सुबह पांच बजे मंदिरों में हनुमान चालीसा या भक्ति गीत बजाए जाएंगे : प्रमोद मुतालिक

मांड्या. श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने रविवार को कहा कि कर्नाटक के करीब एक हजार मंदिरों में नौ मई से सुबह पांच बजे हनुमान चालीसा/सुप्रभात/ओंकार/भक्ति गीत बजाए जाएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर के खिलाफ कार्रवाई करने में असफल रही है.

मुतालिक ने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और गृहमंत्री अरगा ज्ञानेंद्र को ‘‘साहस’’ दिखाने की चुनौती दी, जैसा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों पर लगे अनधिकृत लाउडस्पीकर के खिलाफ कार्रवाई कर दिखाया है. मुतालिक ने कहा, ‘‘पूरे कर्नाटक में हमने एक हजार से अधिक मंदिरों से संपर्क किया है. मंदिरों के पुजारी, धर्माधिकारी और प्रबंधन समिति कल सुबह पांच बजे हनुमान चालीसा, सुप्रभात, ओंकार या भक्ति गीत बजाने पर सहमत हुए हैं.’’

संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के खिलाफ आक्रोश है, क्योंकि वह उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है, जो लाउडस्पीकर के संदर्भ में अदालत के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं.’’ मुतालिक ने कुछ मुस्लिमों पर इस मुद्दे को लेकर हठ करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘‘हम कल से अपना विरोध-प्रदर्शन शुरू करेंगे.’’ मुतालिक ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह पुलिस के जरिये मंदिर समितियों को धमका कर श्रीराम सेना के विरोध को नाकाम करने की कोशिश कर रही है.

उन्होंने कहा, ‘‘अपनी दादागिरी मुस्लिमों के माइक या लाउडस्पीकर पर दिखाएं, न कि हमारे ऊपर. ध्यान रखें कि आप (भाजपा) सत्ता में ंिहदू मतों की वजह से हैं…. हम शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करेंगे और कोई बाधा उत्पन्न नहीं करेंगे.’’ उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन समिति यह काम श्रीराम सेना कार्यकर्ताओं के समर्थन से करेगी. मुतालिक ने कहा कि पहले चरण में सुबह पांच बजे मंदिरों में हनुमान चालीसा/सुप्रभात/भक्ति गीत बजाने का अभियान श्रीराम सेना चलाएगी और अगले चरण में अजान के अन्य समय पर यह कदम उठाया जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘‘हम यह सुबह कर रहे हैं, क्योंकि अदालत के फैसले के मुताबिक रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक माइक या स्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, लेकिन वे सुबह पांच बजे इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. इसलिए हम भी इस नियम का उल्लंघन करेंगे.’’ मुतालिक ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी लड़ाई मस्जिद में अजान के खिलाफ नहीं है, बल्कि लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर पुलिस श्रीराम सेना के कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश करती है तो संघर्ष हो सकता है.

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